फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Irregularities in the road construction

‘मेरा गांव, मेरी सड़क’ योजना में बनी सड़क में अनियमितता

Sat, 08 Jun 2019 10:46 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन अमर उजाला ब्यूरो टनकपुर (चंपावत)।
अमर उजाला ब्यूरो टनकपुर (चंपावत)। Published by: बृजमोहन बृजमोहन Updated Sat, 08 Jun 2019 10:46 PM IST
विज्ञापन
Irregularities in the road construction
मनिहारगोठ में मेरा गांव मेरी सड़क योजना के तहत बनी सड़क के हाल। - फोटो : अमर उजाला

 ‘मेरा गांव, मेरी सड़क’ योजना के तहत मनिहारगोठ गांव में बनी करीब एक किमी. लंबी सड़क में अनियमितता बरते जाने का मामला सामने आया है। कार्यदायी विभाग आरईएस ने कथित तौर पर सत्ता के दबाव में सत्ताधारी पार्टी के लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों को ताक में रख दिया। इतने लंबे बजट की सड़क का निर्माण टेंडर प्रक्रिया से नहीं बल्कि कई लोगों के नाम अलग-अलग वर्क ऑर्डर से कराया है। ग्राम प्रधान अजमद हुसैन ने जिलाधिकारी को ज्ञापन भेज कर सड़क निर्माण में बरती गई अनियमितताओं की जांच की मांग उठाई है।

विज्ञापन


ग्रामीण सड़क योजना के तहत 1 करोड़ 9 लाख 74 हजार रुपये की लागत से मनिहारगोठ कब्रिस्तान से मनिहारगोठ तक मार्ग निर्माण को मंजूरी मिली। कार्यदायी विभाग आरईएस ने 2014-15 में सड़क का निर्माण कराया था, लेकिन इस सड़क निर्माण में खासी अनियमितता बरतने के आरोप लग रहे हैं। तकनीकी लिहाज से सड़क निर्माण का ठेका टेंडर आमंत्रित कर किसी एक ठेकेदार को दिया जाना था।
विज्ञापन


आरोप है कि तत्कालीन सत्तारूढ़ पार्टी के लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए विभाग ने अलग-अलग लोगों के नाम वर्क ऑर्डर से सड़क निर्माण कराया है। हालांकि विभाग आरोपों को गलत बता रहा है। लेकिन, सवाल यह उठता है कि एक करोड़ से अधिक के बजट की सड़क का निर्माण विभाग ने वर्क ऑडर पर टुकड़ों-टुकड़ों में क्यों कराया? जबकि तब आपात स्थिति में ही पांच लाख रुपये का एक काम वर्क आर्डर पर कराए जाने का शासनादेश था, लेकिन अब यह शासनादेश भी हटा दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन



ग्राम प्रधान ने कहा, पहले भी की थी शिकायत
ग्राम प्रधान अमजद हुसैन का कहना है कि उन्होंने सड़क निर्माण के वक्त भी अनियमितता की शिकायत की थी, लेकिन सत्ता के दबाव में उनकी शिकायत को दबाया जाता रहा। उन्होंने इससे पहले भी कई बार जिलाधिकारी को पत्र भेज कर अनियमितता की शिकायत की थी। जिस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।


 बेबुनियाद है अनियमितता का आरोप
मनिहारगोठ में ‘मेरा गांव, मेरी सड़क’ योजना के तहत 2014-15 में बनाई गई सड़क में अनियमितता के आरोप बेबुनियाद है। जिस समय सड़क बनाई गई उस समय पांच लाख रूपये तक का निर्माण कार्य वर्क ऑर्डर पर कराए जाने का शासनादेश था। उसी के अनुरूप नियमानुसार वर्क ऑर्डर पर सड़क का निर्माण कराया गया है। - केके जोशी, अधिशासी अभियंता, आरईएस, चंपावत।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed