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Champawat News: छात्रा की मौत के मामले में 5.60 लाख रुपये देने के निर्देश
Tue, 28 Jan 2025 11:10 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Tue, 28 Jan 2025 11:10 PM IST
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चंपावत। जिला जज अनुज कुमार संगल की अध्यक्षता वाली मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाली बच्ची की मौत के मामले में 5.60 लाख रुपये प्रतिकर भुगतान का निर्णय सुनाया है। वाहन बीमा कंपनी छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ एक माह के भीतर यह राशि भुगतान करेगी।
27 फरवरी 2023 को सड़क हादसे में बनबसा, संतोष काॅलोनी निवासी उमेश चंद्र और उनकी पत्नी हरू देवी की नौ वर्ष की बेटी नेहा जोशी की मौत हो गई थी। नेहा अपनी मां के साथ स्कूटी से स्कूल जा रही थी। वादी ने जिला जज की कोर्ट में वाद दायर कर कहा था कि टनकपुर से खटीमा की ओर जा रहे ट्राॅला चालक ने लापरवाही से स्कूटी को पीछे से टक्कर मार दी। स्कूटी से गिरी नेहा ट्राॅला के टायर के नीचे आ गई। गंभीर चोट लगने की वजह से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
यू-टर्न मारने के चक्कर में चालक लापरवाही से वाहन नहीं चलाता तो हादसा नहीं होता। मामला बनबसा थाने में पंजीकृत हुआ। वादी ने अजमेर निवासी वाहन मालिक/चालक राम लाल और बीमा कंपनी को पार्टी बनाया था। बताया कि चालक के पास वैध लाइसेंस, वाहन बीमित होने से कंपनी पर देनदारी बनी। वादी ने कहा कि कक्षा तीन में पढ़ने वाली नेहा बहुत होनहार थी। परिवार को उससे बहुत अपेक्षा थी। असामयिक मृत्यु से परिवार की सभी उम्मीदें धरी रह गईं। वादी ने 16 लाख रुपये प्रतिकर की मांग की थी।
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जिला जज अनुज कुमार संगल की अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों को सुनने के बाद बीमा कंपनी रिलायंस जनरल इंश्योरेंस को प्रतिकर भुगतान के लिए जवाबदेह माना। इसके बाद फैसला सुनाया।
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27 फरवरी 2023 को सड़क हादसे में बनबसा, संतोष काॅलोनी निवासी उमेश चंद्र और उनकी पत्नी हरू देवी की नौ वर्ष की बेटी नेहा जोशी की मौत हो गई थी। नेहा अपनी मां के साथ स्कूटी से स्कूल जा रही थी। वादी ने जिला जज की कोर्ट में वाद दायर कर कहा था कि टनकपुर से खटीमा की ओर जा रहे ट्राॅला चालक ने लापरवाही से स्कूटी को पीछे से टक्कर मार दी। स्कूटी से गिरी नेहा ट्राॅला के टायर के नीचे आ गई। गंभीर चोट लगने की वजह से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
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यू-टर्न मारने के चक्कर में चालक लापरवाही से वाहन नहीं चलाता तो हादसा नहीं होता। मामला बनबसा थाने में पंजीकृत हुआ। वादी ने अजमेर निवासी वाहन मालिक/चालक राम लाल और बीमा कंपनी को पार्टी बनाया था। बताया कि चालक के पास वैध लाइसेंस, वाहन बीमित होने से कंपनी पर देनदारी बनी। वादी ने कहा कि कक्षा तीन में पढ़ने वाली नेहा बहुत होनहार थी। परिवार को उससे बहुत अपेक्षा थी। असामयिक मृत्यु से परिवार की सभी उम्मीदें धरी रह गईं। वादी ने 16 लाख रुपये प्रतिकर की मांग की थी।
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जिला जज अनुज कुमार संगल की अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों को सुनने के बाद बीमा कंपनी रिलायंस जनरल इंश्योरेंस को प्रतिकर भुगतान के लिए जवाबदेह माना। इसके बाद फैसला सुनाया।