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बैठकी होली का शुभारंभ
Mon, 17 Dec 2018 10:07 PM IST
kamlesh kamlesh
ब्यूरो् /अमर उजाला,पाटी (चंपावत)।
ब्यूरो् /अमर उजाला,पाटी (चंपावत)।
Published by: kamlesh kamlesh
Updated Mon, 17 Dec 2018 10:07 PM IST
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पाटी में आयोजित बैठकी होली में गायन करते होल्यार।
- फोटो : अमर उजाला
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पौष माह के पहले रविवार से पाटी में श्री मष्टा संगीत कला समिति के तत्वावधान में कुमाऊं में प्रचलित बैठकी होली का शुभारंभ हो गया है। देर रात तक होल्यारों ने ‘क्या जिंदगी का ठिकाना फिरत मन क्यों रे भुलाना’ और ‘भजो मन कृष्ण कन्हैया गिरधारी’ होली गीत गाए।
रविवार रात संगीत प्रवीण सीएस मौनी के आवास में पर बैठकी होली की शुरुआत समिति के संरक्षक एमएन पचौली ने दीप जलाकर किया। सीएस मौनी ने ‘भव भंजन गुण गाऊं मैं अपने राम को रिझाऊं’ गाकर बैठकी होली की शुरुआत की।
कैलाश भट्ट ने ‘क्या जिंदगी का ठिकाना फिरत मन क्यों रे भुलाना’, कृष्ण नाथ पचौली ने ‘भजो मन कृष्ण कन्हैया गिरधारी’, एमएन पचौली ने ‘कैसी बंशिया बजायी धनश्याम’, एमसी भट्ट ने ‘जटन विराजत गंग भोले नाथ दिगंबर’, पंकज पचौली ने ‘गणपति को भज लीजै रसिक वह आदि कहावै’ होली प्रस्तुत कर समा बांध दिया।
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देर रात तक चली होली महफिल में तबले में संगत चतुर मौनी, कैलाश भट्ट ने दी। शिक्षक रवीश पचौली, बद्रीदत्त पचौली, गौरव बोहरा, प्रियंका, अजय, ललित आदि ने सुर में सुर में मिलाए।
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रविवार रात संगीत प्रवीण सीएस मौनी के आवास में पर बैठकी होली की शुरुआत समिति के संरक्षक एमएन पचौली ने दीप जलाकर किया। सीएस मौनी ने ‘भव भंजन गुण गाऊं मैं अपने राम को रिझाऊं’ गाकर बैठकी होली की शुरुआत की।
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कैलाश भट्ट ने ‘क्या जिंदगी का ठिकाना फिरत मन क्यों रे भुलाना’, कृष्ण नाथ पचौली ने ‘भजो मन कृष्ण कन्हैया गिरधारी’, एमएन पचौली ने ‘कैसी बंशिया बजायी धनश्याम’, एमसी भट्ट ने ‘जटन विराजत गंग भोले नाथ दिगंबर’, पंकज पचौली ने ‘गणपति को भज लीजै रसिक वह आदि कहावै’ होली प्रस्तुत कर समा बांध दिया।
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देर रात तक चली होली महफिल में तबले में संगत चतुर मौनी, कैलाश भट्ट ने दी। शिक्षक रवीश पचौली, बद्रीदत्त पचौली, गौरव बोहरा, प्रियंका, अजय, ललित आदि ने सुर में सुर में मिलाए।