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ह्यूूमन ट्रैफिकिंग के लिए संवेदनशील है उत्तराखंड : योगेंद्र
ब्यूरो/अमर उजाला, बनबसा
Updated Sat, 27 Feb 2016 10:05 PM IST
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पुलिस विभाग की एक दिनी ह्यूूमन ट्रैफिकिंग कार्यशाला में पुलिस, सुरक्षा बलों, विभिन्न विभागों के अलावा जनप्रतिनिधियों और स्वयंसेवी संस्थाओं को प्रशिक्षण दिया। कार्यशाला का शुभारंभ सीओ राजन सिंह रौतेला ने किया। उन्होंने सभी से ट्रैफिकिंग जैसे घातक अपराध की रोकथाम में पुलिस का सहयोग करने की अपील की।
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एनएचपीसी के ट्रेनिंग सभागार में आयोजित प्रशिक्षण में देहरादून से आए योगेंद्र कुमार ने बताया कि उत्तराखंड में मजदूरी, बच्चों को गोद लेने, युवतियों का विवाह कराने, देह व्यापार और मानव अंगों की तस्करी के लिए ट्रैफिकिंग की जा रही है। टनकपुर कोतवाल बीसी शर्मा, थानाध्यक्ष विनोद यादव, एसआई बीएम उप्रेती, एलआईयू प्रभारी भाष्कर बडोला, एसएसबी के प्रभारी कमांडर एसआई हरसुख चौहान, एसआई पूनम सुरिन, तहसीलदार बद्री सिंह रौतेला, पटवारी विरेंद्र कुमार, प्रदीप जुकरिया, भुवन जोशी, मनोज गहतोड़ी, ग्रामप्रधान गीता देवी, गंगा गुरूंग, अरुण कुमार, विमला सजवान के अलावा एंटी ह्यूूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, रीड्स, अपार संस्था के लोग मौजूद थे।
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1100 से अधिक लोगों को कराया आजाद
देहरादून से आई इंपावरिंग प्यूपल सोसायटी की ज्योति बिष्ट ने बताया कि संस्था कि ह्यूूमन ट्रैफिकिंग पर यह 280वीं कार्यशाला है। संस्था के मास्टर ट्रेनर योगेंद्र कुमार ने बताया कि अब तक 1100 से अधिक ट्रैफिकिंग के शिकार लोगों को आजाद कराया है।
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