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किशोरों के मामलों में मानवीय संवेदना का ध्यान जरूरी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत।
Updated Mon, 01 May 2017 10:46 PM IST
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चंपावत जिला न्यायालय सभागार में पाक्सो अधिनियम संबंधी जानकारी देते जिला जज प्रेम सिंह खिमाल।
- फोटो : amar ujala
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राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जिला न्यायालय सभागार में स्पेशल जुवेनाइल पुलिस यूनिट, सीडब्लूसी एवं चाइल्ड जुवेनाइल ऑफीसर्स की एक दिनी कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें पॉक्सो एक्ट के साथ ही जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के संबंध में कानूनी जानकारियां दी गई।
जिला जज प्रेम सिंह खिमाल की अध्यक्षता में हुई कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट धरमेंद्र कुमार सिंह ने वर्ष 1986, 2000 के किशोरों से संबंधित कानूनों, वर्ष 2015 में गठित पॉक्सो एक्ट और वर्ष 2016 में बनी किशोर अपचारी से संबंधित नियमावली की जानकारी दी।
उन्होंने पुलिस और अन्य सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि किशोरों से संबंधित मामलों में मानवीय संवेदना का ध्यान रखा जाना जरूरी है। न्यायिक मजिस्ट्रेट आलोक मणी ने भी जुवेनाइल जस्टिस के प्रावधानों की जानकारी दी।
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कार्यशाला में डीएम डॉ. अहमद इकबाल, जिला प्रोबेशन अधिकारी पीसी जोशी, जिला बाल कल्याण समिति अध्यक्ष भुवन गड़कोटी, सदस्य सतीश जोशी, शांति अधिकारी, अनुराग सिंह, डीएल वर्मा, मीनाक्षी नौटियाल, बीसी शर्मा सहित सभी थानों के थानाध्यक्ष आदि मौजूद रहे।
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जिला जज प्रेम सिंह खिमाल की अध्यक्षता में हुई कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट धरमेंद्र कुमार सिंह ने वर्ष 1986, 2000 के किशोरों से संबंधित कानूनों, वर्ष 2015 में गठित पॉक्सो एक्ट और वर्ष 2016 में बनी किशोर अपचारी से संबंधित नियमावली की जानकारी दी।
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उन्होंने पुलिस और अन्य सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि किशोरों से संबंधित मामलों में मानवीय संवेदना का ध्यान रखा जाना जरूरी है। न्यायिक मजिस्ट्रेट आलोक मणी ने भी जुवेनाइल जस्टिस के प्रावधानों की जानकारी दी।
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कार्यशाला में डीएम डॉ. अहमद इकबाल, जिला प्रोबेशन अधिकारी पीसी जोशी, जिला बाल कल्याण समिति अध्यक्ष भुवन गड़कोटी, सदस्य सतीश जोशी, शांति अधिकारी, अनुराग सिंह, डीएल वर्मा, मीनाक्षी नौटियाल, बीसी शर्मा सहित सभी थानों के थानाध्यक्ष आदि मौजूद रहे।