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Champawat News: कब तक रोटेशन पर चलेगी जिला अस्पताल की व्यवस्था
Thu, 26 Dec 2024 11:30 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Thu, 26 Dec 2024 11:30 PM IST
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चंपावत। जिला अस्पताल में स्थायी तौर पर स्त्री और बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं हो पाई है। लंबा समय बीतने के बाद भी रोटेशन पर व्यवस्था चलाई जा रही है। पूर्व में नौ स्त्री रोग विशेषज्ञों ने 27 जुलाई से 24 अक्तूबर तक गर्भवतियों के प्रसव कराए थे। इसके बाद फिर से महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण ने 16 दिसंबर से 27 फरवरी तक तीन जिलों की आठ स्त्री रोग विशेषज्ञों की तैनाती का रोस्टर जारी कर दिया है।
बाल रोग विशेषज्ञ का पद भी अस्पताल में रिक्त चल रहा है। अस्थायी तौर पर एसीएमओ डॉ. सीएस भट्ट बच्चों का इलाज कर रहे थे। जब अस्पताल में चमोली से स्थायी रूप से भेजे बाल रोग विशेषज्ञ नहीं आए तो फिर बाल रोग विशेषज्ञों का भी रोस्टर बनाया गया है। बाल रोग विशेषज्ञ भी 16 दिसंबर से 13 फरवरी तक रोस्टर वार अपनी सेवाएं देंगे। लोग सवाल कर रहे हैं कि आखिर व्यवस्था कब सुधरेगी।
अनुजा गड़कोटी का कहना है कि आखिर कब तक रोस्टर वार व्यवस्था की जाएगी। स्त्री और बाल रोग विशेषज्ञ की स्थायी तौर पर नियुक्ति की जानी चाहिए। स्वास्थ्य सेवाओं को अस्पताल में दुरुस्त करना बहुत जरूरी है।
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वरिष्ठ अधिवक्ता मदन सिंह अधिकारी का कहना है कि जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं चाक चौबंद होनी चाहिए। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को पूरा किया जाना चाहिए। चंपावत अस्पताल लोगों के लिए एकमात्र लाइफ लाइन है। बार-बार रोस्टर वार व्यवस्था के बजाय बाल और स्त्री रोग विशेषज्ञ की स्थायी तैनाती की जानी चाहिए।
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बाल रोग विशेषज्ञ का पद भी अस्पताल में रिक्त चल रहा है। अस्थायी तौर पर एसीएमओ डॉ. सीएस भट्ट बच्चों का इलाज कर रहे थे। जब अस्पताल में चमोली से स्थायी रूप से भेजे बाल रोग विशेषज्ञ नहीं आए तो फिर बाल रोग विशेषज्ञों का भी रोस्टर बनाया गया है। बाल रोग विशेषज्ञ भी 16 दिसंबर से 13 फरवरी तक रोस्टर वार अपनी सेवाएं देंगे। लोग सवाल कर रहे हैं कि आखिर व्यवस्था कब सुधरेगी।
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अनुजा गड़कोटी का कहना है कि आखिर कब तक रोस्टर वार व्यवस्था की जाएगी। स्त्री और बाल रोग विशेषज्ञ की स्थायी तौर पर नियुक्ति की जानी चाहिए। स्वास्थ्य सेवाओं को अस्पताल में दुरुस्त करना बहुत जरूरी है।
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वरिष्ठ अधिवक्ता मदन सिंह अधिकारी का कहना है कि जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं चाक चौबंद होनी चाहिए। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को पूरा किया जाना चाहिए। चंपावत अस्पताल लोगों के लिए एकमात्र लाइफ लाइन है। बार-बार रोस्टर वार व्यवस्था के बजाय बाल और स्त्री रोग विशेषज्ञ की स्थायी तैनाती की जानी चाहिए।