{"_id":"5a96e5324f1c1b2d068b932f","slug":"holi-enjoys-the-most-fun-children","type":"story","status":"publish","title_hn":"होली की मस्ती का सर्वाधिक आनंद उठा रहे हैं बच्चे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
होली की मस्ती का सर्वाधिक आनंद उठा रहे हैं बच्चे
अमर उजाला ब्यूराे चंपावत।
Updated Wed, 28 Feb 2018 10:51 PM IST
विज्ञापन
चंपावत में लोग होली की मस्ती में डूबे हुए हैं। मादली में खड़ी होली का आनंद लेते छोटे बच्चे।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इन दिनों गांव घरों में चल रहे खड़ी होली गायन का सर्वाधिक आनंद छोटे-छोटे स्कूली बच्चे उठा रहे हैं। हालांकि पांच मार्च से शुरू होने वाली उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षाओं के कारण जहां दसवीं और बारहवीं में अध्ययनरत बच्चे खुलकर होली का आनंद नहीं उठा पा रहे हैं। लेकिन अन्य कक्षाओं के बच्चे होली अवकाश के चलते मस्ती में डूबे हुए हैं। बच्चों की टोली अन्य होल्यारों की देखादेखी होली में कदम मिलाने और होली गाने का प्रयास करती नजर आती है।
गुजिया बनाने के लिए मावे की मांग बढ़ी
चंपावत। होली पर्व में गुजिया बनाने और उसे लोगों को खिलाने की परंपरा रही है। इसलिए कमोवेश सभी घरों में गुजिया जरूर बनाई जाती है। गुजिया बनाने के लिए इन दिनों बाजार में मावे की मांग बढ़ी हुई है। खाद्य विभाग की ओर से मिलावटी मावे की बिक्री पर सख्ती से अंकुश लगाए जाने के कारण स्थानीय स्तर पर तैयार मावे की मांग बढ़ गई है। वर्तमान में मावा तीन सौ रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचा जा रहा है।
विज्ञापन
गुजिया बनाने के लिए मावे की मांग बढ़ी
चंपावत। होली पर्व में गुजिया बनाने और उसे लोगों को खिलाने की परंपरा रही है। इसलिए कमोवेश सभी घरों में गुजिया जरूर बनाई जाती है। गुजिया बनाने के लिए इन दिनों बाजार में मावे की मांग बढ़ी हुई है। खाद्य विभाग की ओर से मिलावटी मावे की बिक्री पर सख्ती से अंकुश लगाए जाने के कारण स्थानीय स्तर पर तैयार मावे की मांग बढ़ गई है। वर्तमान में मावा तीन सौ रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचा जा रहा है।
विज्ञापन