पिथौरागढ़/टनकपुर (चंपावत)। विश्व एड्स दिवस पर जिला विधिक सेेेवा प्राधिकरण और स्वास्थ्य विभाग ने जिला मुख्यालय में संयुक्त गोष्ठी का आयोजन किया। सीएमओ डॉ. एचसी पंत ने गोष्ठी का शुभारंभ किया। सीएमओ डॉ. पंत और आईसीटीसी काउंसलर फरहा परवीन ने एड्स के कारण, बचाव और रोकथाम की जानकारी दी। बताया कि सर्वप्रथम 1959 में व्यक्ति में एड्स के वायरस की पुष्टि हुई थी। वर्ष 1988 से एड्स दिवस मनाया जाता है। एड्स वायरस से रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। हर टीबी रोगी की एड्स जांच जरूरी है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव के रूप में सिविल जज मनोज कुमार द्विवेदी ने बताया कि एड्स रोगी की पहचान गोपनीय रहती है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. कुंदन कुमार, डॉ. ललित भट्ट, डॉ. प्रियंका, पैनल लॉयर मोहन सिंह नाथ आदि रहे। वहीं अपार संस्था ने टनकपुर के बोरागोठ में एड्स जागरूकता गोष्ठी की। परियोजना प्रबंधक रुमान परवीन ने कहा कि एचआईवी एक प्रकार के जानलेवा इनफेक्शन से होने वाली गंभीर बीमारी है। आयोजन में संस्था के प्रतिनिधि अभिषेक गड़कोटी, पूजा, नीरु, माया आदि ने सहयोग दिया।
जिले में एड्स से 55 लोगों की मौत
पिथौरागढ़। बीडी पांडे अस्पताल से जारी आंकड़ों के अनुसार जिले में एड्स के कुल 351 मामले आए। जिले में 296 एक्टिव केस हैं जबकि 55 लोगों की मौत एड्स से हुई है। बीडी पांडे अस्पताल की आईसीटीसी काउंसलर फरहा परवीन ने बताया कि पिछले पांच साल में एड्स के 185 मामले सामने आए हैं, जबकि इस वर्ष पिछले सात माह में एड्स के कुल 20 मामले सामने आए। सभी एड्स संक्रमित लगातार दवा ले रहे हैं।