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वर्ष 2020 को अलविदा कहने पूर्णागिरि धाम पहुंचे श्रद्धालु
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फूलों से सजा श्री मां पूर्णागिरि मंदिर।
- फोटो : TANAKPUR
टनकपुर (चंपावत)। वर्ष 2020 को अलविदा कहने और नववर्ष आगमन पर मां पूर्णागिरि का आशीर्वाद लेने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे। मां पूर्णागिरि धाम में मां के दर्शन करने के बाद सभी के लिए नववर्ष की मंगल कामना की। पुजारियों ने मंदिर को फूल मालाओं से सजाया है।
कोरोना महामारी के संकट से गुजरे वर्ष 2020 को अलविदा कहने के लिए दूरदराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे। नया साल शुभ रहे। कोरोना से मुक्ति के साथ बीते इसकी कामना सभी कर रहे हैं। वर्ष 2020 के अंतिम दिन को विदा कहने के लिए दो दिन पूर्व से ही लोग पूर्णागिरि धाम में पहुंचने लगे थे। यूपी के पीलीभीत, बरेली, मुरादाबाद, बदायूं, बुलंदशहर, शाहजहांपुर, नैनीताल, अल्मोड़ा आदि जगहों से काफी तादाद में लोग पूर्णागिरि धाम पहुंचने लगे थे। ट्रेन का संचालन न होने से भक्त चार पहिया, दोपहिया वाहनों से बहुतायत में पूर्णागिरि धाम पहुंचे।
मान्यता है कि नए साल की शुरुआत देवी मां के दर्शन से करने पर पूरा वर्ष बेहतर गुजरता है। कोरोना महामारी के चलते इस वर्ष मंदिर आने वाले भक्तों की आवाजाही कम रही। लोग टोलियां बनाकर प्रसाद विक्रेताओं की दुकानों समेत कई जगहों पर आसन जमा कर बैठे रहे।
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मां पूर्णागिरि धाम जाने वाले यात्रियों पर पुलिस एवं खुफिया तंत्रों की पैनी नजर रही। कई जगह पुलिस यात्रियों पर नजर रख रही है। एसडीएम हिमांशु कफल्टिया ने बताया कि मां के धाम में असामाजिक तत्वों एवं माहौल बिगाड़ने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। मंदिर स्थल पर मांस, मदिरापान, भंडारे पर पाबंदी लगाई गई है। पेयजल व्यवस्था की गई है। जश्न के नाम पर मां पूर्णागिरि धाम का माहौल एवं धार्मिक भावनाओं को दूषित न होने देने के निर्देश दिए गए हैं।
सीओ बीसी पंत ने बताया कि साल के अंतिम दिन को विदा कहने के लिए मां पूर्णागिरि धाम पहुंचने वालों पर पैनी नजर रखी जा रही है। पुलिस को माहौल बिगाड़ने वालों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा के तहत मंदिर क्षेत्र में दमकल, पीएसी समेत 60 पुलिस जवानों को तैनात किया गया है। काली मंदिर से मुख्य मंदिर तक आठ एसआई, मुख्य मंदिर में दो महिला एसआई और छह महिला कांस्टेबल तैनात की गई हैं।
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कोरोना महामारी के संकट से गुजरे वर्ष 2020 को अलविदा कहने के लिए दूरदराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे। नया साल शुभ रहे। कोरोना से मुक्ति के साथ बीते इसकी कामना सभी कर रहे हैं। वर्ष 2020 के अंतिम दिन को विदा कहने के लिए दो दिन पूर्व से ही लोग पूर्णागिरि धाम में पहुंचने लगे थे। यूपी के पीलीभीत, बरेली, मुरादाबाद, बदायूं, बुलंदशहर, शाहजहांपुर, नैनीताल, अल्मोड़ा आदि जगहों से काफी तादाद में लोग पूर्णागिरि धाम पहुंचने लगे थे। ट्रेन का संचालन न होने से भक्त चार पहिया, दोपहिया वाहनों से बहुतायत में पूर्णागिरि धाम पहुंचे।
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मान्यता है कि नए साल की शुरुआत देवी मां के दर्शन से करने पर पूरा वर्ष बेहतर गुजरता है। कोरोना महामारी के चलते इस वर्ष मंदिर आने वाले भक्तों की आवाजाही कम रही। लोग टोलियां बनाकर प्रसाद विक्रेताओं की दुकानों समेत कई जगहों पर आसन जमा कर बैठे रहे।
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मां पूर्णागिरि धाम जाने वाले यात्रियों पर पुलिस एवं खुफिया तंत्रों की पैनी नजर रही। कई जगह पुलिस यात्रियों पर नजर रख रही है। एसडीएम हिमांशु कफल्टिया ने बताया कि मां के धाम में असामाजिक तत्वों एवं माहौल बिगाड़ने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। मंदिर स्थल पर मांस, मदिरापान, भंडारे पर पाबंदी लगाई गई है। पेयजल व्यवस्था की गई है। जश्न के नाम पर मां पूर्णागिरि धाम का माहौल एवं धार्मिक भावनाओं को दूषित न होने देने के निर्देश दिए गए हैं।
सीओ बीसी पंत ने बताया कि साल के अंतिम दिन को विदा कहने के लिए मां पूर्णागिरि धाम पहुंचने वालों पर पैनी नजर रखी जा रही है। पुलिस को माहौल बिगाड़ने वालों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा के तहत मंदिर क्षेत्र में दमकल, पीएसी समेत 60 पुलिस जवानों को तैनात किया गया है। काली मंदिर से मुख्य मंदिर तक आठ एसआई, मुख्य मंदिर में दो महिला एसआई और छह महिला कांस्टेबल तैनात की गई हैं।