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चार माह से वेतन न मिलने से शिक्षकों-कर्मचारियों में आक्रोश
Wed, 24 Apr 2019 11:21 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन
अमर उजाला ब्यूरो टनकपुर (चंपावत)।
अमर उजाला ब्यूरो टनकपुर (चंपावत)।
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Wed, 24 Apr 2019 11:21 PM IST
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वेतन के लिए प्रधानाचार्य तेज बहादुर गंगवार को ज्ञापन सौंपते टनकपुर जीआईसी के शिक्षक।
- फोटो : अमर उजाला
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ठा.एसएसआर जेएसआर राधेहरि राजकीय इंटर कॉलेज के शिक्षक और कर्मचारियों में पिछले चार माह से वेतन न मिलने से आक्रोश बना हुआ है। उन्होंने बुधवार से प्रस्तावित कार्य बहिष्कार छात्र हित, बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन और चुनाव आचार संहिता के चलते स्थगित करते हुए अब काला फीता बांधकर विरोध जताना शुरू कर दिया है। उन्होंने प्रधानाचार्य तेज बहादुर गंगवार को ज्ञापन सौंप कर चेतावनी दी है कि 23 मई तक वेतन का भुगतान नहीं मिला तो वह उग्र आंदोलन की राह पकड़ने को बाध्य होंगे।
ज्ञापन में उन्होंने कहा है कि वेतन न मिलने से वे आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। परिवार के भरण-पोषण दिक्कतें आ रही है। कहा कि उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे उनके बच्चों की सेमेस्टर फीस जमा न करने से शिक्षण संस्थानों द्वारा उनके बच्चों के नाम काटने का नोटिस थमाया जा रहा है। वहीं कई शिक्षक अपने परिवार के बीमार सदस्यों का उपचार नहीं करा पा रहे हैं। कहा कि गत 16 अप्रैल को ज्ञापन सौंपे जाने के बाद भी वेतन भुगतान की कोई कार्रवाई न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। ज्ञापन देने वालों में पाण्डेश्वर नाथ त्रिपाठी, करम सिंह खाती, महाराज सिंह वर्मा, राजेश कुमार पांडेय, हरीश चंद्र पाठक, नफीस अहमद, ललित मोहन भट्ट, दलीप चंद, गोविंद बल्लभ पपनै, निर्मला मौर्य आदि शामिल थे।
-पीएम कार्यालय को भी भेजी ज्ञापन की प्रति
वेतन न मिलने से परेशान शिक्षकों ने ज्ञापन की प्रति प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक एवं पेंशन मंत्रालय दिल्ली, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग दिल्ली, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव उत्तराखंड, शिक्षा सचिव, शिक्षा महानिदेशक देहरादून, अध्यक्ष राज्य मानवाधिकार आयोग देहरादून, जिलाधिकारी चंपावत, राजकीय शिक्षका संघ के अध्यक्ष और मंत्री को भी भेजी है।
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आयकर विभाग ने सीज किया है डीडीओ कोड
मुख्य शिक्षा अधिकारी आरसी पुरोहित का कहना है कि विद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्यों और कार्यालय स्टाफ द्वारा वर्ष 2007 से 2018 तक शिक्षकों और कर्मचारियों का टीडीएस काटने के बाद जमा नहीं किए जाने से आयकर विभाग ने विद्यालय का डीडीओ कोड सीज किया है। जिसके चलत वेतन का भुगतान नहीं हो पा रहा है। इसके लिए जिम्मेदार तत्कालीन प्रधानाचार्यों से टीडीएस की रिकवरी के लिए जिलाधिकारी और आयकर विभाग को पत्र लिखा कर डीडीओ कोड खोलने का आग्रह किया गया है।
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ज्ञापन में उन्होंने कहा है कि वेतन न मिलने से वे आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। परिवार के भरण-पोषण दिक्कतें आ रही है। कहा कि उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे उनके बच्चों की सेमेस्टर फीस जमा न करने से शिक्षण संस्थानों द्वारा उनके बच्चों के नाम काटने का नोटिस थमाया जा रहा है। वहीं कई शिक्षक अपने परिवार के बीमार सदस्यों का उपचार नहीं करा पा रहे हैं। कहा कि गत 16 अप्रैल को ज्ञापन सौंपे जाने के बाद भी वेतन भुगतान की कोई कार्रवाई न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। ज्ञापन देने वालों में पाण्डेश्वर नाथ त्रिपाठी, करम सिंह खाती, महाराज सिंह वर्मा, राजेश कुमार पांडेय, हरीश चंद्र पाठक, नफीस अहमद, ललित मोहन भट्ट, दलीप चंद, गोविंद बल्लभ पपनै, निर्मला मौर्य आदि शामिल थे।
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-पीएम कार्यालय को भी भेजी ज्ञापन की प्रति
वेतन न मिलने से परेशान शिक्षकों ने ज्ञापन की प्रति प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक एवं पेंशन मंत्रालय दिल्ली, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग दिल्ली, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव उत्तराखंड, शिक्षा सचिव, शिक्षा महानिदेशक देहरादून, अध्यक्ष राज्य मानवाधिकार आयोग देहरादून, जिलाधिकारी चंपावत, राजकीय शिक्षका संघ के अध्यक्ष और मंत्री को भी भेजी है।
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आयकर विभाग ने सीज किया है डीडीओ कोड
मुख्य शिक्षा अधिकारी आरसी पुरोहित का कहना है कि विद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्यों और कार्यालय स्टाफ द्वारा वर्ष 2007 से 2018 तक शिक्षकों और कर्मचारियों का टीडीएस काटने के बाद जमा नहीं किए जाने से आयकर विभाग ने विद्यालय का डीडीओ कोड सीज किया है। जिसके चलत वेतन का भुगतान नहीं हो पा रहा है। इसके लिए जिम्मेदार तत्कालीन प्रधानाचार्यों से टीडीएस की रिकवरी के लिए जिलाधिकारी और आयकर विभाग को पत्र लिखा कर डीडीओ कोड खोलने का आग्रह किया गया है।