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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Graduates and computer training are essential for the post of Ministral posts.

मिनिस्ट्रीयल पदों के लिए स्नातक और कंप्यूटर प्रशिक्षण जरूरी हो

Fri, 18 Aug 2017 10:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत।
अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत। Updated Fri, 18 Aug 2017 10:42 PM IST
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Graduates and computer training are essential for the post of Ministral posts.
चंपावत में मिनिस्ट्रीयल कर्मचारियों के अधिवेशन का में मौजूद कर्मचारी। - फोटो : अमर उजाला

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वन पंचायत सभागार में शुक्रवार को उत्तरांचल फेडरेशन ऑफ मिनिस्ट्रीयल सर्विसेज एसोसिएशन की जिला इकाई का द्विवार्षिक अधिवेशन शुरू हो गया है। मुख्य अतिथि डीएम डॉ.अहमद इकबाल ने अधिवेशन का शुभारंभ किया। उन्होंने मिनिस्ट्रीयल कर्मियों को विभागों की रीढ़ बताते हुए उनकी न्यायोचित मांगों के निस्तारण के  लिए शासन को संस्तुति भेजने का भरोसा दिलाया। 

एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डीके पंत की अध्यक्षता और जिला महामंत्री एलएम चतुर्वेदी के संचालन में हुए अधिवेशन के पहले सत्र में मिनिस्ट्रीयल कर्मियों की विभिन्न समस्याओं पर विचार विमर्श किया गया तथा डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन भेजा गया। बताया गया कि अधिवेशन के दूसरे सत्र में एसोसिएशन की द्विवार्षिक कार्यकारिणी का चुनाव किया जाएगा। 
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अधिवेशन में कर्मचारी नेताओं ने कहा कि मिनिस्ट्रीयल संवर्ग में नियुक्ति के लिए शैक्षिक योग्यता  इंटरमीडिएट योग्यता के स्थान पर स्नातक तथा एक वर्षीय कंप्यूटर प्रशिक्षण अर्हता अनिवार्य की जाए। कहा गया कि पदोन्नति के लिए पांच स्तर निर्धारित हैं, जिसके कारण लंबी सेवा अवधि के बाद भी कार्मिकों को पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पाता है। इसलिए संवर्ग में वरिष्ठ सहायक एवं प्रधान सहायक, प्रशासनिक अधिकारी एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के पदों का सृजन किया जाए।
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 कहा कि वर्तमान में राज्य सरकार प्रदेश के अधिकतम कार्मिकों को वाहन भत्ता, सचिवालय के कार्मिकों को सचिवालय भत्ता दे रही है। लेकिन मिनिस्ट्रीयल संवर्ग को कोई भी भत्ता नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने सभी कर्मचारियों को अभिलेख अनुरक्षण भत्ता अनुमन्य किया जाए। कहा गया कि मुख्य प्रशासनिक अधिकारी पद पर पदोन्नति के लिए 25 वर्ष की सेवा निर्धारित किए जाने से कई कर्मचारियों को पदोन्नति से वंचित रह जा रहे हैं। इस मौके पर जिला क्रीड़ाधिकारी आरएस धामी, खंड शिक्षा अधिकारी जगदीश अधिकारी, बची सिंह, रमेश देव, नागेंद्र जोशी, गुसांई सिंह किरौला, सुदर्शन गहतोड़ी, एमसी जोशी, रवींद्र पांडेय, इंद्रेश लोहनी, सुरेंद्र सौन, जीवन ओली, ईश्वरी लाल साह आदि ने विचार रखे। 
 
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