{"_id":"5f429bcd8ebc3e3cfe1a9eb9","slug":"fraud-in-champawat-champawat-news-hld394341934","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहले रकम ट्रांसफर की, अब ले रहे वापस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहले रकम ट्रांसफर की, अब ले रहे वापस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंपावत। स्वच्छता किट के लिए पहले जिले के कई आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के खाते में रकम ट्रांसफर की गई और फिर इस राशि को वापस मांगा जा रहा है। कुछ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने रकम वापस मांगने पर सवाल उठाते हुए राशि वापस करने से इंकार कर दिया। खुद इस राशि से सफाई की सामग्री खरीदने की बात कही। मामले के चर्चा में आने के बाद कार्यक्रम विभाग के अधिकारी जांच की बात कह रहे हैं।
जिले मेें 681 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इन केंद्रों केे लिए 8.17 लाख रुपये का बजट जारी किया गया। इस रकम में से हर केंद्र को पहली बार सफाई के लिए 1200 रुपये दिए गए। इस राशि से हर केंद्र को स्वच्छता की सामग्री खरीदनी है। इससे पहले कि ये कार्यकर्ता यह सामग्री खरीद पाते, उनसे रकम वापस मांगने के लिए दबाव डाला जाने लगा। उच्चाधिकारियों का कहना था कि इस राशि से वह सामग्री खरीदकर बांटेंगे। नाम न छापने की शर्त पर कुछ कार्यकर्ताओं ने बताया कि अधिकारियों के डर से ज्यादातर केंद्रों ने बैंक से इस रकम निकालकर लौटा दी, लेकिन अभी 75 से अधिक कार्यकर्ताओं ने इस रकम को वापस नहीं किया। वह नियमानुसार स्वयं ही सामग्री खरीदने की बात कही। इस संबंध में हुई व्हाट्सेप चैटिंग, बातचीत लीक होने से मामले का खुलासा हुआ। अलबत्ता अब विभाग मामले की जांच कर पल्ला झाड़ रहा है।
सफाई मद में पहली बार मिली रकम सभी आंगनबाड़ी केेंद्रों के खाते में भेज दी गई है। इस रकम का उपयोग केेंद्रों को ही करना है। वापस मांगने वाला प्रकरण मेरी जानकारी में नहीं है। सोमवार को मामले की पूरी जानकारी लेने के साथ सच्चाई का पता लगाने के लिए जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन
- पीएस बृजवाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी, चंपावत।
विज्ञापन
जिले मेें 681 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इन केंद्रों केे लिए 8.17 लाख रुपये का बजट जारी किया गया। इस रकम में से हर केंद्र को पहली बार सफाई के लिए 1200 रुपये दिए गए। इस राशि से हर केंद्र को स्वच्छता की सामग्री खरीदनी है। इससे पहले कि ये कार्यकर्ता यह सामग्री खरीद पाते, उनसे रकम वापस मांगने के लिए दबाव डाला जाने लगा। उच्चाधिकारियों का कहना था कि इस राशि से वह सामग्री खरीदकर बांटेंगे। नाम न छापने की शर्त पर कुछ कार्यकर्ताओं ने बताया कि अधिकारियों के डर से ज्यादातर केंद्रों ने बैंक से इस रकम निकालकर लौटा दी, लेकिन अभी 75 से अधिक कार्यकर्ताओं ने इस रकम को वापस नहीं किया। वह नियमानुसार स्वयं ही सामग्री खरीदने की बात कही। इस संबंध में हुई व्हाट्सेप चैटिंग, बातचीत लीक होने से मामले का खुलासा हुआ। अलबत्ता अब विभाग मामले की जांच कर पल्ला झाड़ रहा है।
विज्ञापन
सफाई मद में पहली बार मिली रकम सभी आंगनबाड़ी केेंद्रों के खाते में भेज दी गई है। इस रकम का उपयोग केेंद्रों को ही करना है। वापस मांगने वाला प्रकरण मेरी जानकारी में नहीं है। सोमवार को मामले की पूरी जानकारी लेने के साथ सच्चाई का पता लगाने के लिए जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन
- पीएस बृजवाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी, चंपावत।