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Champawat News: वन विकास निगम अध्यक्ष गहतोड़ी का निधन

Fri, 03 May 2024 11:24 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत Updated Fri, 03 May 2024 11:24 PM IST
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Forest Development Corporation Chairman Gahtodi passes away
उत्तराांड वन विकास निगम अध्यक्ष कैलाश गहतोड़ी
चंपावत। चंपावत विधानसभा के दो बार के विधायक और वन विकास निगम अध्यक्ष कैलाश चंद्र गहतोड़ी का 55 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। दिवंगत कैलाश गहतोड़ी पिछले लंबे समय से कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे। उन्होंने शुक्रवार को देहरादून के दून अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन पर चंपावत सहित प्रदेश में भाजपा कार्यकर्ताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
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उनके निधन पर चंपावत जिले और उनके पैतृक गांव और लोहाघाट में शोक की लहर है। सरल स्वभाव के कारण राजनीतिक, सामाजिक और अन्य संगठनों ने उनके निधन पर शोक जताया है। गहतोड़ी 2017 में पहली बार चंपावत से विधानसभा से विधायक चुने गए थे। इसके बाद वर्ष 2022 में उन्होंने लगातार दूसरी बार इस सीट पर भाजपा को जीत दिलाई थी। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लिए अपनी सीट छोड़ी और सीएम को 92 प्रतिशत रिकार्ड मतों से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
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15 अगस्त 1968 को चंपावत जिले के पाटी के सेलना में जन्मे कैलाश गहतोड़ी ने वर्ष 1991 में लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने अपने राजनीति कॅरिअर को आगे बढ़ाने का कार्य किया। उन्होंने मध्य प्रदेश में एक निर्माण कंपनी शुरू की थी। जनता के बीच गहरी पकड़ रखने वाले गहतोड़ी लगातार दो बार चंपावत के विधायक रहे। बीमारी के इलाज के लिए वह कई बार विदेश भी गए थे। अस्वस्थता के बाद उन्होंने सामाजिक और राजनीतिक कार्यों में सहभागिता कम कर दी थी। दिवंगत वन विकास निगम अध्यक्ष कैलाश गहतोड़ी ने सीमांत के बेहतर विकास के लिए अपनी सीट सीएम के लिए छोड़ी। विधानसभा उप चुनाव में सीएम ने 31 मई 2022 को 92 फीसदी से अधिक वोट प्राप्त कर जीत दर्ज की थी।
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लगातार दो बार चंपावत विधानसभा से रहे विधायक

चंपावत। हमेशा जनता के बीच गहरी प्रकट रखने वाली पूर्व विधायक कैलाश गहतोड़ी लगातार चंपावत विधानसभा से दो बार विधायक चुने गए थे। 15 अगस्त 1968 को चंपावत जिले के पाटी विकासखंड में जन्मे कैलाश गहतोड़ी पहली बार 2017 में भाजपा से टिकट मिलने के बाद चंपावत से विधायक चुने गए थे। उन्होंने कांग्रेस के हेमेश खर्कवाल को 17 हजार से अधिक मतों से हराया था। दूसरी बार बीजेपी ने उन पर भरोसा किया और टिकट दे दिया। 2022 के विधानसभा चुनाव में गहतोड़ी ने फिर खर्कवाल को पराजित कर दूसरी बार जीत दर्ज की थी। उनकी सामाजिक छवि और उनके विकास कार्यों के आधार पर लोगों ने उन्हें खूब तवज्जो दी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े कैलाश गहतोड़ी ने अपना पहला विधानसभा चुनाव 2002 में लोहाघाट विधानसभा से बतौर निर्दलीय प्रत्याशी लड़ा था। इसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

2002 से शुरू हुआ राजनीति कॅरिअर
चंपावत। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े कैलाश गहतोड़ी ने अपना पहला चुनाव 2002 में विधानसभा लोहाघाट से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर लड़ा था। 2012 में भाजपा में शामिल होने के बाद गहतोड़ी चंपावत जिला परिषद के लिए चुने गए। बाद में उन्होंने 2017 में भाजपा के टिकट पर चंपावत विधानसभा से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की।
शायद कम पड़ गई लोगों की दुवाएं

बनबसा (चंपावत)। राज्य वन विकास निगम अध्यक्ष और चंपावत के पूर्व विधायक कैलाश चंद्र गहतोड़ी के निधन से क्षेत्र के हजारों लोगों की आंखें नम हैं। बनबसा में शोक की लहर है। स्व. गहतोड़ी का बनबसा से सीधा नाता रहा है। करीब दस वर्ष पूर्व बनबसा के आंबेडकर ग्राम फागपुर में उन्होंने रहना शुरू किया था।


करीब बारह वर्ष पूर्व भाजपा प्रत्याशी के प्रचार में तन, मन और धन से जुटने वाले स्व. गहतोड़ी ने बाद में स्वयं चंपावत विधान सभा सीट से चुनाव लड़ने की ठानी। इसके लिए बनबसा को कार्यस्थल बना लगभग दस वर्ष पूर्व उन्होंने यहां फागपुर में एक मकान खरीद कैंप कार्यालय बनाया। वे वर्ष 2017 में पहली बार विधायक बने। दूसरी बार वर्ष 2022 में चुनाव जीतने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लिए सीट छोड़ी। जिसके बाद से उनका फागपुर आना ना के बराबर रहा। स्वयं कैंसर जैसी बीमारी से उबरे स्व. गहतोड़ी ने कई कैंसर पीड़ितों के उपचार का खर्चा तक उठाया। वे प्रायः कहा करते थे कि लोगों का प्रेम और दुआ ने उन्हें नया जीवन दान दिया है। होनी को कौन टाल सकता है। उनके लिए शायद लोगों की दुआएं कम पड़ गईं।
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