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समाज के प्रति अपराध है कन्या भ्रूण हत्या
ब्यूरो /अमर उजाला, चंपावत
Updated Wed, 03 Jun 2015 11:04 PM IST
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केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य रहे डा. तारा सिंह ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या के लिए पुत्र मोह की मानसिकता जिम्मेदार है। जीआईसी और जीजीआईसी में बुधवार को हुए कार्यक्रम में उन्होंने भ्रूण हत्या रोकने के लिए कानून के सख्त क्रियान्वयन के साथ ही सामाजिक जागरूकता अभियान की जरूरत बताई। कहा कि भ्रूण हत्या कानूनी तौर पर ही नहीं समाज के प्रति भी अपराध है। छात्र-छात्राओं को भ्रूण हत्या रोकने की शपथ दिलाई गई।
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बेटे के जन्म के लिए भी बेटी जरूरी है की सोच को समाज में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने को प्रेरित किया जाएगा। जीजीआईसी की प्रधानाचार्या हेमंती बोरा ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या मानवता के प्रति सबसे बड़ा कलंक है। शिक्षण संस्थाओं सहित समाज के सभी वर्गों को इसके खिलाफ माहौल बनाना होगा। हीरा चंद राजन ने कहा कि शिक्षित बालिका भेदभाव की मनोवृत्ति को दूर कर सकती है। बेटियां अपने सामाजिक परिवेश में बेटी के प्रति सकारात्मक सोच बनाएं। जय प्रकाश देवलाल ने कहा बेटियाें का संकल्प भ्रूण हत्या के कलंक को सदा के लिए मिटा सकता है। जीआईसी के प्रधानाचार्य उमेद सिंह बिष्ट ने छात्रों को इसके खिलाफ मुहिम चलाने की शपथ दिलाई।
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