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Champawat News: पीलीभीत की महिला श्रद्धालु की हृदयगति रुकने से मौत
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टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि देवी के दर्शन के लिए आई एक महिला श्रद्धालु की हृदयगति रुकने से मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बगैर पीलीभीत जिले की महिला श्रद्धालु का शव परिजनों को सौंप दिया गया।
जानकारी के मुताबिक मंगलवार को पीलीभीत जिले के भारकजा गांव निवासी उर्मिला (55) पत्नी शिवनारायण शर्मा परिजनों के साथ पूर्णागिरि धाम जा रही थी। महिला भैरव मंदिर के पास एकाएक बेहोश हो गई। उर्मिला के बेटे प्रशांत शर्मा ने बताया कि हालत बिगड़ने पर मां को भैरव मंदिर के पास स्वास्थ्य कैंप ले जाया गया। डॉ. विशाल सैन और फार्मासिस्ट मृत्युंजय वर्मा ने प्राथमिक इलाज के बाद महिला को टनकपुर रेफर कर दिया। महिला को आनन फानन में एंबुलेंस से 21 किलोमीटर दूर टनकपुर अस्पताल लाया गया लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले उर्मिला की मौत हो गई। डॉ. आफताब आलम ने बताया कि महिला की अस्पताल पहुंचने से पूर्व मौत हो गई थी। परिजनों के आग्रह पर पोस्टमार्टम के बगैर शव परिजनों को सौंप दिया गया।
तीनों स्वास्थ्य केंद्रों में है पंपिंग मशीन
पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। पूर्णागिरि मेला क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था इस बार बेहतर है। दो के बजाय तीन (ठुलीगाड़, भैरव मंदिर और काली मंदिर क्षेत्र) में एलोपैथिक स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं। सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल का कहना है कि हृदयगति रुकने पर धड़कन चलाने के लिए पहली बार तीनों केंद्रों में एक-एक मशीन रखी गई हैं लेकिन पीलीभीत जिले की महिला श्रद्धालु उर्मिला की हालत बिगड़ने से मशीन का लाभ नहीं मिल सका।
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डोली के सहारे दर्शन कर रहे बुजुर्ग श्रद्धालु
पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। बादलों के बीच मंगलवार को पूर्णागिरि धाम में श्रद्धालुओं की संख्या कम रही। तकरीबन 13 हजार श्रद्धालु देवी धाम पहुंचे। आस्था के धाम में कई उम्रदराज और चलने-फिरने में अक्षम लोग भैरव मंदिर से डोली के सहारे मां के दर्शन करने जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश के फरुर्खाबाद की 62 साल की माया रानी, दिल्ली की 60 साल की ममता ने भी साढ़े तीन किलोमीटर पैदल रास्ते को डोली के सहारे तय कर देवी से आशीर्वाद लिया। मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी का कहना है कि बुजुर्गों, कमजोर और शारीरिक रूप से अक्षम लोगों के लिए रियायती दर पर डोली की व्यवस्था की गई है।
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जानकारी के मुताबिक मंगलवार को पीलीभीत जिले के भारकजा गांव निवासी उर्मिला (55) पत्नी शिवनारायण शर्मा परिजनों के साथ पूर्णागिरि धाम जा रही थी। महिला भैरव मंदिर के पास एकाएक बेहोश हो गई। उर्मिला के बेटे प्रशांत शर्मा ने बताया कि हालत बिगड़ने पर मां को भैरव मंदिर के पास स्वास्थ्य कैंप ले जाया गया। डॉ. विशाल सैन और फार्मासिस्ट मृत्युंजय वर्मा ने प्राथमिक इलाज के बाद महिला को टनकपुर रेफर कर दिया। महिला को आनन फानन में एंबुलेंस से 21 किलोमीटर दूर टनकपुर अस्पताल लाया गया लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले उर्मिला की मौत हो गई। डॉ. आफताब आलम ने बताया कि महिला की अस्पताल पहुंचने से पूर्व मौत हो गई थी। परिजनों के आग्रह पर पोस्टमार्टम के बगैर शव परिजनों को सौंप दिया गया।
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तीनों स्वास्थ्य केंद्रों में है पंपिंग मशीन
पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। पूर्णागिरि मेला क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था इस बार बेहतर है। दो के बजाय तीन (ठुलीगाड़, भैरव मंदिर और काली मंदिर क्षेत्र) में एलोपैथिक स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं। सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल का कहना है कि हृदयगति रुकने पर धड़कन चलाने के लिए पहली बार तीनों केंद्रों में एक-एक मशीन रखी गई हैं लेकिन पीलीभीत जिले की महिला श्रद्धालु उर्मिला की हालत बिगड़ने से मशीन का लाभ नहीं मिल सका।
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डोली के सहारे दर्शन कर रहे बुजुर्ग श्रद्धालु
पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। बादलों के बीच मंगलवार को पूर्णागिरि धाम में श्रद्धालुओं की संख्या कम रही। तकरीबन 13 हजार श्रद्धालु देवी धाम पहुंचे। आस्था के धाम में कई उम्रदराज और चलने-फिरने में अक्षम लोग भैरव मंदिर से डोली के सहारे मां के दर्शन करने जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश के फरुर्खाबाद की 62 साल की माया रानी, दिल्ली की 60 साल की ममता ने भी साढ़े तीन किलोमीटर पैदल रास्ते को डोली के सहारे तय कर देवी से आशीर्वाद लिया। मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी का कहना है कि बुजुर्गों, कमजोर और शारीरिक रूप से अक्षम लोगों के लिए रियायती दर पर डोली की व्यवस्था की गई है।