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कलक्ट्रेट में तीन दिनों से चल रहा आमरण अनशन स्थगित
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत।
Updated Mon, 21 Mar 2016 11:16 PM IST
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जूस पिलाया
- फोटो : अमर उजाला
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चंपावत। जिला मुख्यालय में दूध के रेट बढ़ाने, जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने और पशु आहार में सब्सिडी दिए जाने मांग को लेकर किसानों की ओर से तीन दिनों से किया जा रहा आमरण अनशन स्थगित कर दिया है। किसानों की मांगों के संबंध में जिला प्रशासन की ओर से सकारात्मक रूख अपनाने और किसानों की मांगों को शासन स्तर पर हल किए जाने के आश्वासन के बाद किसानों ने आंदोलन स्थगित कर दिया। जिला प्रशासन की ओर से एडीएम जेएस राठौर ने आंदोलनकारियों को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया।
किसानों के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे आलोक देउपा ने कहा कि वर्तमान में होली त्यौहार के मद्देनजर और प्रशासन के आश्वासन पर वह अपना आंदोलन हाल फिलहाल स्थगित कर रहे हैं। होली के बाद यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुई तो वह फिर से आंदोलन शुरू कर देंगे। आंदोलन के समर्थन में उतरी महिलाओं का कहना था कि एक ओर पानी की एक लीटर की बोतल 20 रुपये में आ रही है, वहीं पशुपालकों का दूध 18 रुपये प्रति लीटर से बिक रहा है।
जिला प्रशासन की ओर से किसानों की मांगों का शीघ्र समाधान किए जाने और शासन स्तर उनकी समस्याओं की जानकारी दिए जाने का आश्वासन दिया गया। जिसके बाद किसानों ने आंदोलन स्थगित कर दिया है। इस मौके पर विक्रम सिंह, कैलाश सिंह, महेंद्र सिंह, आनंद सिंह महराना, माधो सिंह, पूरन सिंह, मंजू देवी, कमला देवी, विमला देवी, कलावती सहित तमाम किसान शामिल रहे।
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किसानों के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे आलोक देउपा ने कहा कि वर्तमान में होली त्यौहार के मद्देनजर और प्रशासन के आश्वासन पर वह अपना आंदोलन हाल फिलहाल स्थगित कर रहे हैं। होली के बाद यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुई तो वह फिर से आंदोलन शुरू कर देंगे। आंदोलन के समर्थन में उतरी महिलाओं का कहना था कि एक ओर पानी की एक लीटर की बोतल 20 रुपये में आ रही है, वहीं पशुपालकों का दूध 18 रुपये प्रति लीटर से बिक रहा है।
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जिला प्रशासन की ओर से किसानों की मांगों का शीघ्र समाधान किए जाने और शासन स्तर उनकी समस्याओं की जानकारी दिए जाने का आश्वासन दिया गया। जिसके बाद किसानों ने आंदोलन स्थगित कर दिया है। इस मौके पर विक्रम सिंह, कैलाश सिंह, महेंद्र सिंह, आनंद सिंह महराना, माधो सिंह, पूरन सिंह, मंजू देवी, कमला देवी, विमला देवी, कलावती सहित तमाम किसान शामिल रहे।
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