लोहाघाट (चंपावत)। कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) की ओर से नेपाल सीमा से लगे कायल गांव में विश्व खाद्य दिवस पर जागरूकता गोष्ठी आयोजित की गई। इस दौरान किसानों को उन्नत प्रजाति के बीजों का प्रयोग करने के साथ जैविक खेती के लिए प्रेरित किया।
केवीके के प्रभारी अधिकारी डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि देश में अनाज वाली फसलों में धान, गेंहू आदि का पर्याप्त भंडार है, लेकिन दलहनी और तिलहनी फसलों का उत्पादन बढ़ाने की आवश्यकता है। इससे देश के सभी नागरिकों को भोजन में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट मिल सके।
केेंद्र की गृह वैज्ञानिक गायत्री देवी ने बताया कि महिलाओं और बच्चों में सूक्ष्म पोषक तत्वों में आयरन, कैल्शियम, जिंक, विटामिन बी कांपैक्स की कमी हो रही है। इससे वजन में कमी होनी और बार-बार बीमार होना, खून की कमी और रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो रही है। केंद्र की ओर से किसानों को मसूर प्रजाति पीएल-8 और पंत हिल तोरिया-1 उपलब्ध कराई गई। डॉ. पूजा पांडेय ने भी किसानों का मार्गदर्शन किया। इस दौरान मोहन चंद्र पांडेय, सरपंच बसंती देवी, रेखा देवी आदि रहे।