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Champawat News: उन्नत नस्ल के पशु पाल कर किसान आय में कर सकते हैं वृद्धि
Wed, 06 Mar 2024 11:02 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Wed, 06 Mar 2024 11:02 PM IST
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लोहाघाट (चंपावत)। कृषि विज्ञान केंद्र ने ग्राम बगोटी में आत्मा परियोजना के तहत किसान गोष्ठी का आयोजन किया। इस दौरान केंद्र की ओर से किसानों को फूल गोभी और पत्ता गोभी के पौधे वितरित किए गए।
केविके की प्रभारी अधिकारी डॉ. दीपाली तिवारी की अध्यक्षता में किसान गोष्ठी हुई। कृषि वैज्ञानिक डॉ. सचिन पंत ने कहा कि किसानों की मेहनत के कारण दूध उत्पादन के क्षेत्र में भारत विश्व में प्रथम स्थान पर आ गया है। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्र में उन्नत नस्ल के पशुओं को पाल कर किसान अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सुशोभित कुमार सिंह ने पशुओं में आ रही बांझपन, थैनेला, खुरपका-मुंहपका रोग और अन्य रोगों की रोकथाम और उपचार के बारे में बताया। कार्यक्रम सहायक फकीर चंद ने किसानों को बताया कि किसी भी प्रकार की खेती से पूर्व मिट्टी की जांच कराने से उर्वरकों पर हो रहे आर्थिक नुकसान से काफी हद तक बचा जा सकता है। गायत्री देवी ने मोटे अनाज की महत्ता और उनका मूल्य संवर्धन संबंधित जानकारी दी। इस दौरान केविके टीम ने डुगंरालेटी जाकर किसानों की समस्याओं को सुनकर उनका समाधान किया। वहां किसान लक्ष्मण सिंह, पीतांबर पांडेय, चंद्र राम, देवकी देवी, ललिता देवी, पूर्णानंद पांडेय आदि मौजूद रहे। संवाद
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केविके की प्रभारी अधिकारी डॉ. दीपाली तिवारी की अध्यक्षता में किसान गोष्ठी हुई। कृषि वैज्ञानिक डॉ. सचिन पंत ने कहा कि किसानों की मेहनत के कारण दूध उत्पादन के क्षेत्र में भारत विश्व में प्रथम स्थान पर आ गया है। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्र में उन्नत नस्ल के पशुओं को पाल कर किसान अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सुशोभित कुमार सिंह ने पशुओं में आ रही बांझपन, थैनेला, खुरपका-मुंहपका रोग और अन्य रोगों की रोकथाम और उपचार के बारे में बताया। कार्यक्रम सहायक फकीर चंद ने किसानों को बताया कि किसी भी प्रकार की खेती से पूर्व मिट्टी की जांच कराने से उर्वरकों पर हो रहे आर्थिक नुकसान से काफी हद तक बचा जा सकता है। गायत्री देवी ने मोटे अनाज की महत्ता और उनका मूल्य संवर्धन संबंधित जानकारी दी। इस दौरान केविके टीम ने डुगंरालेटी जाकर किसानों की समस्याओं को सुनकर उनका समाधान किया। वहां किसान लक्ष्मण सिंह, पीतांबर पांडेय, चंद्र राम, देवकी देवी, ललिता देवी, पूर्णानंद पांडेय आदि मौजूद रहे। संवाद
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