फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   False allegations made to tarnish the image of private hospital

निजी अस्पताल की छवि खराब करने को लगाए झूठे आरोप

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 21 Aug 2020 11:22 PM IST
विज्ञापन
False allegations made to tarnish the image of private hospital
चंपावत। जिले के लोहाघाट स्थित एक अस्पताल में जिला अस्पताल तैनात सर्जन और महिला रोग विशेषज्ञ के प्रैक्टिस करने के आरोप का संबंधित अस्पताल ने खंडन किया है। उनका कहना है कि निजी अस्पताल की छवि खराब करने के लिए झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।
विज्ञापन

बीएनके अस्पताल के निदेशक कमल ओली ने बताया कि बार बार अस्पताल की छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। जिसके चलते बीएनके ट्रस्ट एक सितंबर से अस्पताल को बंद करने की सोच रहा है। राजनीतिक कारणों से बार-बार अस्पताल की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। इस संबंध में एसडीएम आरसी गौतम का भी कहना है कि प्रशासन की जांच में बीएनके अस्पताल में कोई भी सरकारी चिकित्सा कर्मी नहीं पाया गया ।
विज्ञापन

बाक्स
चंपावत जिला अस्पताल में चल रहा घटनाक्रम चिंताजनक है। दो डॉक्टरों सहित 25 कर्मचारियों को वेतन न मिलना सरकार की कार्यकुशलता पर प्रश्नचिह्न लगाता हैं। स्थानीय विधायक के हस्तक्षेप के बाद भी संविदा कर्मचारियों का वेतन न मिलना यह दर्शाता है कि सरकार इस करोना संक्रमणकाल में स्वास्थ्य विभाग कर्मचारियों के प्रति कितना गंभीर है।
विज्ञापन
विज्ञापन

हेमेश खर्कवाल, पूर्व विधायक।
चंपावत जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने का मैं हरसंभव प्रयास कर रहा हूं, इसके बाद भी अगर जिला स्वास्थ्य प्रशासन हरकत में नहीं आया तो दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। वेतन के संबंध में डीजी हेल्थ से फोन में वार्ता की गई है शीघ्र ही सभी कर्मियों का वेतन आ जाएगा।
कैलाश गहतोड़ी, विधायक।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed