{"_id":"5a81db224f1c1b9f268b9a60","slug":"exposici-n-realizada-por-los-trabajadores-de-asha","type":"story","status":"publish","title_hn":"आशा कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आशा कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूूूूराे पिथौरागढ़।
Updated Mon, 12 Feb 2018 11:51 PM IST
विज्ञापन
पिथौरागढ़ में प्रदर्शन करती आशा फैसिलिटेटर
- फोटो : अमर उजाला
आशा कार्यकर्ताओं ने तीन महीने के मानदेय का भुगतान न होने के खिलाफ जिला मुख्यालय में प्रदर्शन किया। कहा कि मानदेय का भुगतान न कर उनके साथ अन्याय किया जा रहा है।
आशा कार्यकर्ता संगठन की प्रदेश अध्यक्ष दीपा पाठक के नेतृत्व में मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में एकत्र आशा कार्यकर्ताओं ने मानदेय भुगतान की मांग को लेकर नारेबाजी की। मुख्य चिकित्साधिकारी के माध्यम से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण निदेशक को भेजे ज्ञापन में कहा है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में कार्यरत कार्यकर्ताओं को जून, जुलाई, अगस्त 2017 के मानदेय का भुगतान विभाग ने नहीं किया है। तीन महीने का मानदेय न मिलने से वह लोग आर्थिक संकट में हैं।
अवशेष मानदेय का भुगतान मार्च से पहले करने की मांग करते हुए कहा है कि निर्धारित दौरे के हिसाब से मानदेय न देकर प्रतिमाह का मानदेय नियत किया जाना चाहिए। फील्ड वर्कर होने के नाते बीमा, स्टेशनरी व्यय और यात्रा भत्ता मिलना चाहिए। समान काम का समान वेतन मिलना चाहिए। आशा कार्यकर्ताओं ने कहा है कि 26 अगस्त 2017 को जारी शासनादेश के तहत उन लोगों को एनजीओ से हटाकर स्वास्थ्य महकमे के अधीन कर दिया गया है, इसके लिए निदेशालय के आभारी हैं। प्रदर्शन में ललिता बोहरा, शांति खोलिया, राधिका भैंसोड़ा, पुष्पा बिष्ट, बसंती ऐर, दीपा लस्पाल, प्रीति धामी, दीपा तिवारी आदि शामिल थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
आशा कार्यकर्ता संगठन की प्रदेश अध्यक्ष दीपा पाठक के नेतृत्व में मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में एकत्र आशा कार्यकर्ताओं ने मानदेय भुगतान की मांग को लेकर नारेबाजी की। मुख्य चिकित्साधिकारी के माध्यम से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण निदेशक को भेजे ज्ञापन में कहा है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में कार्यरत कार्यकर्ताओं को जून, जुलाई, अगस्त 2017 के मानदेय का भुगतान विभाग ने नहीं किया है। तीन महीने का मानदेय न मिलने से वह लोग आर्थिक संकट में हैं।
विज्ञापन
अवशेष मानदेय का भुगतान मार्च से पहले करने की मांग करते हुए कहा है कि निर्धारित दौरे के हिसाब से मानदेय न देकर प्रतिमाह का मानदेय नियत किया जाना चाहिए। फील्ड वर्कर होने के नाते बीमा, स्टेशनरी व्यय और यात्रा भत्ता मिलना चाहिए। समान काम का समान वेतन मिलना चाहिए। आशा कार्यकर्ताओं ने कहा है कि 26 अगस्त 2017 को जारी शासनादेश के तहत उन लोगों को एनजीओ से हटाकर स्वास्थ्य महकमे के अधीन कर दिया गया है, इसके लिए निदेशालय के आभारी हैं। प्रदर्शन में ललिता बोहरा, शांति खोलिया, राधिका भैंसोड़ा, पुष्पा बिष्ट, बसंती ऐर, दीपा लस्पाल, प्रीति धामी, दीपा तिवारी आदि शामिल थे।
विज्ञापन