फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Examination center away from the village school by road distance

सड़क की दूरी से गांव के स्कूल से दूर हुआ परीक्षा केंद्र

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 25 Feb 2021 02:45 PM IST
विज्ञापन
Examination center away from the village school by road distance

मोटर मार्ग से फासला और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी विकास के लिए ही ग्रहण नहीं है, बल्कि इसकी मार नौनिहालों पर भी पड़ रही है। डांडा, ककनई और बुड़म गांव के हाईस्कूल और इंटर बोर्ड के अभ्यर्थियों को इसका सीधा नुकसान हो रहा है।

विज्ञापन


यहां के अभ्यर्थियों की पढ़ाई तो गांव के राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) में ही होती है, लेकिन परीक्षा नहीं। बोर्ड परीक्षा के लिए गांव से 51 किमी दूर टनकपुर जाना इनकी मजबूरी है। इस बार डांडा जीआईसी को बोर्ड परीक्षा का केंद्र बनाने के लिए ग्राम पंचायत की ओर से प्रस्ताव भेजा भी गया, लेकिन शिक्षा विभाग ने सुविधाओं की कमी की दलील देते हुए प्रस्ताव को खारिज कर दिया। 20 किमी पैदल दूरी पर स्थित डांडा, ककनई और बुड़म गांव में एक जीआईसी और एक हाईस्कूल है।
विज्ञापन


हाईस्कूल के 42 और इंटर के 17 बोर्ड परीक्षार्थी हैं। इन छात्र-छात्राओं की पढ़ाई गांव में होती है, लेकिन परीक्षा के लिए टनकपुर जीआईसी जाना इनकी बेबसी है। पूर्व ग्राम प्रधान खष्टी देवी ने बताया कि इस दिक्कत से बचने के लिए 2021 की बोर्ड परीक्षा के लिए डांडा को परीक्षा केंद्र बनाने का शिक्षा विभाग को ग्राम पंचायत ने प्रस्ताव भेजा था, लेकिन शिक्षा विभाग ने प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


डांडा से कम परीक्षार्थियों पर बने परीक्षा केंद
जीआईसी रेगड़ू- 23
जीआईसी पनियां- 36
जीआईसी बापरू- 37
इन कारणों से खारिज हुआ प्रस्ताव
-सड़क से अधिक दूरी होना
-नकल रोकने वाले उड़नदस्ते को नियंत्रण करने में परेशानी
-मोबाइल नेटवर्क और आवासीय दिक्कतें
-वीरान रास्ते और जंगली जानवरों का खतरा

डांडा जीआईसी को बोर्ड का परीक्षा केंद्र बनाने का प्रस्ताव प्राप्त हुआ था। इस प्रस्ताव के परीक्षण से पूर्व उन्होंने स्वयं स्थलीय निरीक्षण किया, लेकिन 20 किमी से अधिक पैदल दूरी और निष्पक्ष और शांतिपूर्ण परीक्षा कराने के लिए कई जरूरी बुनियादी सुविधाओं के अभाव के चलते प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया गया।

-आरसी पुरोहित, मुख्य शिक्षाधिकारी, चंपावत।

परीक्षा केंद्र पर खर्च होते हैं पांच हजार रुपये
हाईस्कूल और इंटर की छात्राओं को पढ़ाई के लिए एक भी रुपया खर्च नहीं करना पड़ता है, लेकिन बोर्ड इम्तिहान देने में उन्हें करीब चार से पांच हजार रुपये खर्च करना पड़ रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता प्रेम सिंह ने बताया कि छात्राओं को टनकपुर में किराये, भोजन सहित दूसरी व्यवस्थाओं पर खर्च करना पड़ता है। इसके अलावा देखरेख के लिए परिवार के एक सदस्य को भी साथ रहना होता है। कमोबेश इतना ही खर्च छात्रों को भी करना पड़ता है। वहीं नई जगह परीक्षा देने का असर उनके परीक्षा प्रदर्शन पर भी पड़ता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed