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हर बार जिसकी सरकार, उसके पक्ष में गई चंपावत सीट
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Sat, 11 Mar 2017 10:43 PM IST
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इस बार फिर मिथक बरकरार रहा। चंपावत विधानसभा सीट के वोटरों ने सत्तारूढ़ हुए दल का साथ दिया। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी और यहां के वोटरों ने भी जमकर भाजपा को वोट दिए। ये लगातार चौथा मौका है, जब चंपावत सीट पर जनता ने उसी प्रत्याशी के पक्ष में मतदान किया, जिसकी सरकार बनेगी।
गंगोत्री सीट की तरह ही चंपावत सीट का मिथक भी उत्तराखंड के अब तक के विधानसभा में अपराजय रहा। सूबे के चौथे चुनाव में भी यहां के मतदाताओं ने भाजपा का समर्थन किया और प्रदेश में सरकार भी भाजपा की बन रही है। चंपावत सीट से भाजपा उम्मीदवार कैलाश चंद्र गहतोड़ी ने कांग्रेस के प्रत्याशी हेमेश खर्कवाल को पराजित किया।
गौरतलब है कि पहले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की सरकार बनी थी। तब चंपावत सीट से कांग्रेस प्रत्याशी हेमेश खर्कवाल ने निर्दलीय मदन सिंह महराना को महज 395 वोटों से शिकस्त दी थी, जबकि 2007 में हुए चुनाव में कांग्रेस को भारी अंतर से मुंह की खानी पड़ी। तब भाजपा प्रत्याशी बीना महराना ने कांग्रेस प्रत्याशी हेमेश खर्कवाल को 7058 वोटों से बुरी तरह हराया था और सरकार भी भाजपा की बनी।
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गंगोत्री सीट की तरह ही चंपावत सीट का मिथक भी उत्तराखंड के अब तक के विधानसभा में अपराजय रहा। सूबे के चौथे चुनाव में भी यहां के मतदाताओं ने भाजपा का समर्थन किया और प्रदेश में सरकार भी भाजपा की बन रही है। चंपावत सीट से भाजपा उम्मीदवार कैलाश चंद्र गहतोड़ी ने कांग्रेस के प्रत्याशी हेमेश खर्कवाल को पराजित किया।
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गौरतलब है कि पहले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की सरकार बनी थी। तब चंपावत सीट से कांग्रेस प्रत्याशी हेमेश खर्कवाल ने निर्दलीय मदन सिंह महराना को महज 395 वोटों से शिकस्त दी थी, जबकि 2007 में हुए चुनाव में कांग्रेस को भारी अंतर से मुंह की खानी पड़ी। तब भाजपा प्रत्याशी बीना महराना ने कांग्रेस प्रत्याशी हेमेश खर्कवाल को 7058 वोटों से बुरी तरह हराया था और सरकार भी भाजपा की बनी।
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