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सुरक्षित है नेपाल सीमा से लगी एक-एक इंच जमीन: आईजी
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चंपावत में एसएसबी की पंचम वाहिनी के आवासीय परिसर का शुभारंभ करते आईजी संजय कुमार।
- फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। नेपाल से लगी भारतीय सीमाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं। सीमांकन को लेकर यदाकदा होने वाले छिटपुट विवाद भी तकनीकी और वैज्ञानिक आधार पर सीमांकन के बाद नहीं रहेंगे। ये बातें पत्रकारों से वार्ता के दौरान एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) के आईजी (महानिरीक्षक) संजय कुमार ने कहीं। उन्होंने कहा कि नेपाल के लोगों और भारतीयों के बीच प्रगाढ़, भरोसेमंद रिश्तों के चलते सीमावर्ती क्षेत्रों में कहीं कोई अशांति नहीं है।
नेपाल से लगी प्रदेश की 250 किलोमीटर लंबी सीमा में सड़क और संचार सुविधा के विस्तार के साथ आधारभूत ढांचा सशक्त किया गया है। काली नदी से लेकर थल मार्ग पर चौकसी के लिए सीसीटीवी, नाइटविजन कैमरे सहित सभी अत्याधुनिक उपकरण हैं। आईजी ने कहा कि कभी नदी के रुख बदलने और कभी स्थानीय स्तर पर कतिपय असामाजिक तत्वों की हरकतों की वजह से होते हैं। इन विवादों को एसएसबी अन्य एजेंसियों (पुलिस, प्रशासन, वन) के साथ नेपाल के अधिकारियों से नियमित रूप से संवाद करके दूर कर लिया जाता है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ इलाकों के सीमावर्ती इलाकों में देश की सुरक्षा करने वाले जवानों की सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। एसएसबी ग्रामीण क्षेत्र में लोगों की मदद करने के साथ उनका भरोसा जीतने के लिए सामाजिक जिम्मेदारी को और संजीदगी से निभाते हुए विकास कार्य में हाथ बंटाएगी। इस मौके पर पंचम वाहिनी के कमांडेंट प्रमोद देवरानी भी मौजूद थे।
फोटो 05 सीपीटी 07पी (सिंगल)
एसएसबी की 128 आवासों की कालोनी का लोकार्पण किया
चंपावत। एसएसबी की पंचम वाहिनी के अधिकारी-कार्मिकों को अब आवासीय समस्या नहीं झेलनी होगी। एसएसबी परिसर में टायप-2 के 128 मकान बनकर तैयार हो गए हैं। शनिवार को आईजी संजय कुमार ने इस आवासीय परिसर का शुभारंभ किया। एसएसबी के पंडित जयप्रकाश दुबे ने पूजा-अर्चना की रस्म अदा करवाई।
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लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता सुशील और जेई संदीप कुमार ने बताया कि 2016 से शुरू इस निर्माण को पांच साल में पूरा किया गया। निर्माण कार्य में कुल 23.65 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इस मौके पर संदीक्षा अध्यक्ष डॉ. निधि प्रसाद, कमांडेंट प्रमोद देवरानी सेकेंड कमांडेंट हरीश चंद्र जोशी, डिप्टी कमांडेंट हरेंद्र सिंह, संतोष पंडित, एसी घनश्याम पटेल, डॉ. शिवानी, निरीक्षक संदीप कुमार, देवराम, संजीब नाथ, अरुण कुमारदन सिंह आदि मौजूद थे। इससे पूर्व उन्होंने वाहिनी परिसर के कामकाज का निरीक्षण किया। कहा कि परिसर में केंद्रीय विद्यालय खोले जाने का लाभ एसएसबी सहित अन्य केंद्रीय एजेंसियों के कार्मिकों के बच्चों को भी हो रहा है। आईजी ने वाहिनी के बकाया निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कर्मियों की समस्या सुन समाधान का भरोसा दिलाया।
पंचेश्वर में मिली ऑक्सीजन की सुविधा
चंपावत। कोविड से बचाव के लिए एसएसबी ने स्वास्थ्य सुविधा विहीन क्षेत्र पंचेश्वर में कोविड केयर सेंटर (सीसीसी) बनाया है। आईजी संजय कुमार ने इसका औपचारिक शुभारंभ किया। सहायक कमांडेंट डॉ. शिवानी ने बताया कि दस बेड के इस सीसीसी में ऑक्सीजन की भी सुविधा होगी। फिलहाल यहां एक ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर है। जल्द ही कुछ और कंस्ट्रेटर उपलब्ध कराए जाएंगे। इस कोविड केयर सेंटर के खोले जाने से नेपाल सीमा से लगे इस क्षेत्र के लोगों को कोरोना संक्रमण की सूरत में तत्काल इलाज मिल सकेगा।
शहीद वाटिका में लगाए 40 फलदार पौधे
चंपावत। शहीदों को याद करने के लिए एसएसबी परिसर में शहीद वाटिका का निर्माण किया गया है। पर्यावरण दिवस पर आईजी संजय कुमार और कमांडेंट प्रमोद देवरानी ने आड़ू और संदीक्षा अध्यक्ष डॉ. निधि प्रसाद ने सिटरस का पौध लगाया। शहीद वाटिका में कुल 40 फलदार पौधे लगाए गए। साथ ही इनके संरक्षण की जिम्मेदारी भी तय की गई।
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नेपाल से लगी प्रदेश की 250 किलोमीटर लंबी सीमा में सड़क और संचार सुविधा के विस्तार के साथ आधारभूत ढांचा सशक्त किया गया है। काली नदी से लेकर थल मार्ग पर चौकसी के लिए सीसीटीवी, नाइटविजन कैमरे सहित सभी अत्याधुनिक उपकरण हैं। आईजी ने कहा कि कभी नदी के रुख बदलने और कभी स्थानीय स्तर पर कतिपय असामाजिक तत्वों की हरकतों की वजह से होते हैं। इन विवादों को एसएसबी अन्य एजेंसियों (पुलिस, प्रशासन, वन) के साथ नेपाल के अधिकारियों से नियमित रूप से संवाद करके दूर कर लिया जाता है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ इलाकों के सीमावर्ती इलाकों में देश की सुरक्षा करने वाले जवानों की सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। एसएसबी ग्रामीण क्षेत्र में लोगों की मदद करने के साथ उनका भरोसा जीतने के लिए सामाजिक जिम्मेदारी को और संजीदगी से निभाते हुए विकास कार्य में हाथ बंटाएगी। इस मौके पर पंचम वाहिनी के कमांडेंट प्रमोद देवरानी भी मौजूद थे।
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फोटो 05 सीपीटी 07पी (सिंगल)
एसएसबी की 128 आवासों की कालोनी का लोकार्पण किया
चंपावत। एसएसबी की पंचम वाहिनी के अधिकारी-कार्मिकों को अब आवासीय समस्या नहीं झेलनी होगी। एसएसबी परिसर में टायप-2 के 128 मकान बनकर तैयार हो गए हैं। शनिवार को आईजी संजय कुमार ने इस आवासीय परिसर का शुभारंभ किया। एसएसबी के पंडित जयप्रकाश दुबे ने पूजा-अर्चना की रस्म अदा करवाई।
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लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता सुशील और जेई संदीप कुमार ने बताया कि 2016 से शुरू इस निर्माण को पांच साल में पूरा किया गया। निर्माण कार्य में कुल 23.65 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इस मौके पर संदीक्षा अध्यक्ष डॉ. निधि प्रसाद, कमांडेंट प्रमोद देवरानी सेकेंड कमांडेंट हरीश चंद्र जोशी, डिप्टी कमांडेंट हरेंद्र सिंह, संतोष पंडित, एसी घनश्याम पटेल, डॉ. शिवानी, निरीक्षक संदीप कुमार, देवराम, संजीब नाथ, अरुण कुमारदन सिंह आदि मौजूद थे। इससे पूर्व उन्होंने वाहिनी परिसर के कामकाज का निरीक्षण किया। कहा कि परिसर में केंद्रीय विद्यालय खोले जाने का लाभ एसएसबी सहित अन्य केंद्रीय एजेंसियों के कार्मिकों के बच्चों को भी हो रहा है। आईजी ने वाहिनी के बकाया निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कर्मियों की समस्या सुन समाधान का भरोसा दिलाया।
पंचेश्वर में मिली ऑक्सीजन की सुविधा
चंपावत। कोविड से बचाव के लिए एसएसबी ने स्वास्थ्य सुविधा विहीन क्षेत्र पंचेश्वर में कोविड केयर सेंटर (सीसीसी) बनाया है। आईजी संजय कुमार ने इसका औपचारिक शुभारंभ किया। सहायक कमांडेंट डॉ. शिवानी ने बताया कि दस बेड के इस सीसीसी में ऑक्सीजन की भी सुविधा होगी। फिलहाल यहां एक ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर है। जल्द ही कुछ और कंस्ट्रेटर उपलब्ध कराए जाएंगे। इस कोविड केयर सेंटर के खोले जाने से नेपाल सीमा से लगे इस क्षेत्र के लोगों को कोरोना संक्रमण की सूरत में तत्काल इलाज मिल सकेगा।
शहीद वाटिका में लगाए 40 फलदार पौधे
चंपावत। शहीदों को याद करने के लिए एसएसबी परिसर में शहीद वाटिका का निर्माण किया गया है। पर्यावरण दिवस पर आईजी संजय कुमार और कमांडेंट प्रमोद देवरानी ने आड़ू और संदीक्षा अध्यक्ष डॉ. निधि प्रसाद ने सिटरस का पौध लगाया। शहीद वाटिका में कुल 40 फलदार पौधे लगाए गए। साथ ही इनके संरक्षण की जिम्मेदारी भी तय की गई।

एसएसबी कमांडेंट प्रमोद देवरानी से पंचम वाहिनी के कार्यो की जानकारी लेते आईजी।- फोटो : CHAMPAWAT