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डंपिंग जोन के मलबे की चपेट में आने से टूटी पेयजल योजना
अमर उजाला ब्यूूूूराे चंपावत
Updated Sun, 11 Feb 2018 10:18 PM IST
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गधेरों से पानी भरकर लाती मौराड़ी की महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
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चंपावत।
मौराड़ी ग्राम पंचायत के ग्रामीण पेयजल के लिए तरस रहे हैं। बारहमासी सड़क निर्माण के लिए बनलेख के समीप बनाए गए डंपिंग जोन की चपेट में आकर इस गांव की पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हो गई है। जिस वजह से यहां के ग्रामीण पिछले एक पखवाड़े से गंभीर जल संकट से जूझ रहे हैं। उन्हें नौलों और गधेरों से पानी लाकर प्यास बुझानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने शीघ्र समस्या का समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
मौराड़ी ग्राम पंचायत तालम, कौला, द्वारलेख और लचोटा तोक में रह रहे 60 परिवार पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। ग्रामीण दुर्गादत्त, रमेश चंद्र, कैलाश चंद्र, मुरलीधर, नवीन चंद्र, खीमा देवी, रुकमणी आदि का कहना है कि बनलेख के समीप बने डंपिंग जोन से गांव की पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। जिस वजह से एक पखवाड़े से अधिक समय से ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को पीने के लिए नौले और गधेरों से पानी लाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि मौराड़ी ग्राम पंचायत के चार तोकों के लिए वर्ष 2000 में तालम एकल पेयजल योजना का निर्माण हुआ था। जो बाद में ग्राम पंचायत को हस्तांतरित हो गई थी। नून दूधाधारी खोला स्रोत से बनी छह किमी लंबी पेयजल योजना से यह तोक लाभान्वित हो रहे थे। उन्होंने बताया कि पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से 60 परिवार पेयजल संकट से जूझ रहे हें।
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ग्रामीणों का कहना है कि इसकी सूचना उन्होंने पूर्व में जिला प्रशासन को दी थी। लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। उन्होंने शीघ्र पेयजल लाइन ठीक करने की मांग की है।
कोट
बारहमासी सड़क का निर्माण कार्य कराने वाली संबंधित कंपनी के अधिकारियों को पेयजल लाइन ठीक करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। जल्द ही व्यवस्था सुचारु हो जाएगी।
एलडी मथेला, अधिशासी अभियंता, राष्ट्रीय राजमार्ग खंड, लोहाघाट।
मौराड़ी ग्राम पंचायत के ग्रामीण पेयजल के लिए तरस रहे हैं। बारहमासी सड़क निर्माण के लिए बनलेख के समीप बनाए गए डंपिंग जोन की चपेट में आकर इस गांव की पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हो गई है। जिस वजह से यहां के ग्रामीण पिछले एक पखवाड़े से गंभीर जल संकट से जूझ रहे हैं। उन्हें नौलों और गधेरों से पानी लाकर प्यास बुझानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने शीघ्र समस्या का समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
मौराड़ी ग्राम पंचायत तालम, कौला, द्वारलेख और लचोटा तोक में रह रहे 60 परिवार पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। ग्रामीण दुर्गादत्त, रमेश चंद्र, कैलाश चंद्र, मुरलीधर, नवीन चंद्र, खीमा देवी, रुकमणी आदि का कहना है कि बनलेख के समीप बने डंपिंग जोन से गांव की पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। जिस वजह से एक पखवाड़े से अधिक समय से ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को पीने के लिए नौले और गधेरों से पानी लाना पड़ रहा है।
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ग्रामीणों का कहना है कि मौराड़ी ग्राम पंचायत के चार तोकों के लिए वर्ष 2000 में तालम एकल पेयजल योजना का निर्माण हुआ था। जो बाद में ग्राम पंचायत को हस्तांतरित हो गई थी। नून दूधाधारी खोला स्रोत से बनी छह किमी लंबी पेयजल योजना से यह तोक लाभान्वित हो रहे थे। उन्होंने बताया कि पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से 60 परिवार पेयजल संकट से जूझ रहे हें।
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ग्रामीणों का कहना है कि इसकी सूचना उन्होंने पूर्व में जिला प्रशासन को दी थी। लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। उन्होंने शीघ्र पेयजल लाइन ठीक करने की मांग की है।
कोट
बारहमासी सड़क का निर्माण कार्य कराने वाली संबंधित कंपनी के अधिकारियों को पेयजल लाइन ठीक करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। जल्द ही व्यवस्था सुचारु हो जाएगी।
एलडी मथेला, अधिशासी अभियंता, राष्ट्रीय राजमार्ग खंड, लोहाघाट।