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निर्विरोध ग्राम प्रधान ने ग्रामीणों पर लगाया उत्पीडन का आरोप
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विकासखंड लोहाघाट के कलीगांव की निर्विरोध चुनी गई ग्राम प्रधान ने ग्रामीणों पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया है। उन्होंने गांव के कुछ लोगों से जान माल का खतरा बताते हुए जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। उन्होंने 11 लोगों के खिलाफ लोहाघाट थाने में तहरीर दी है।
निर्विरोध चुनी गई ग्राम प्रधान रेखा पुजारी ने जिलाधिकारी को भेजे ज्ञापन में मानसिक उत्पीड़न करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के और उन्हें व उनके परिवार को सुरक्षा देने की गुहार लगाई है। ज्ञापन में कहा है कि कलीगांव के लोगों की ओर से चुनाव बहिष्कार की घोषणा की गई थी लेकिन मुझे विश्वास में नहीं लिया गया था।
चुनाव में भागीदारी करना सबका लोकतांत्रिक अधिकार है। मैंने ग्राम प्रधान पद पर टिकट लिया। एकमात्र नामांकन होने के कारण मैं निर्विरोध प्रधान चुनी गई हूं। इसके बाद से गांव के कुछ अराजक तत्वों की ओर से मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है। रेखा का कहना है कि जिन मतदाताओं ने 11 अक्तूबर को हुए मतदान में भागीदारी की थी, उनका सामाजिक बहिष्कार करने के साथ उन्हें धमकाया जा रहा है।
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जो लोग वार्ड सदस्य का टिकट लेंगे उनका सामाजिक बहिष्कार करने की बात कहकर उन्हें भी धमकाया जा रहा है। रेखा का कहना है कि कुछ लोगों से उन्हें व उनके परिवार को जानमाल का खतरा पैदा हो गया है। इधर थानाध्यक्ष मनीष खत्री का कहना है कि ग्राम प्रधान रेखा पुजारी की तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
क्या है मामला
कलीगांव के ग्रामीणों ने फर्नहिल में बनाए जा रहे ट्रंचिंग ग्राउंड का विरोध कर उसे वहां से हटाने की मांग को लेकर आंदोलन किया था। चेतावनी दी थी कि ट्रंचिंग ग्राउंड न हटाए जाने पर सभी ग्रामीण त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव का बहिष्कार करेंगे। ट्रंचिंग ग्राउंड हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने लगातार आठ दिन तक क्रमिक अनशन करने के साथ लोहाघाट नगर का कूड़ा ट्रंचिंग ग्राउंड में नहीं डालने दिया।
इसी दौरान ग्राम प्रधान पद के लिए रेखा पुजारी ने एकमात्र नामांकन कर दिया जिससे भड़के ग्रामीणों ने अनशन समाप्त कर दिया। अधिकतर ग्रामीणों ने पंचायती चुनाव का बहिष्कार कर दिया। 11 अक्तूबर को हुए मतदान में कलीगांव में 869 मतदाताओं में से मात्र नौ मतदाताओं ने ही चुनाव में मतदान किया। बाद में ग्रामीणों ने बैठक कर निर्विरोध चुनी गई ग्राम प्रधान, वोट डालने वाले लोगों और वार्ड सदस्य का टिकट लाने वाले लोगों का सामाजिक बहिष्कार करने का निर्णय लिया।
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निर्विरोध चुनी गई ग्राम प्रधान रेखा पुजारी ने जिलाधिकारी को भेजे ज्ञापन में मानसिक उत्पीड़न करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के और उन्हें व उनके परिवार को सुरक्षा देने की गुहार लगाई है। ज्ञापन में कहा है कि कलीगांव के लोगों की ओर से चुनाव बहिष्कार की घोषणा की गई थी लेकिन मुझे विश्वास में नहीं लिया गया था।
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चुनाव में भागीदारी करना सबका लोकतांत्रिक अधिकार है। मैंने ग्राम प्रधान पद पर टिकट लिया। एकमात्र नामांकन होने के कारण मैं निर्विरोध प्रधान चुनी गई हूं। इसके बाद से गांव के कुछ अराजक तत्वों की ओर से मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है। रेखा का कहना है कि जिन मतदाताओं ने 11 अक्तूबर को हुए मतदान में भागीदारी की थी, उनका सामाजिक बहिष्कार करने के साथ उन्हें धमकाया जा रहा है।
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जो लोग वार्ड सदस्य का टिकट लेंगे उनका सामाजिक बहिष्कार करने की बात कहकर उन्हें भी धमकाया जा रहा है। रेखा का कहना है कि कुछ लोगों से उन्हें व उनके परिवार को जानमाल का खतरा पैदा हो गया है। इधर थानाध्यक्ष मनीष खत्री का कहना है कि ग्राम प्रधान रेखा पुजारी की तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
क्या है मामला
कलीगांव के ग्रामीणों ने फर्नहिल में बनाए जा रहे ट्रंचिंग ग्राउंड का विरोध कर उसे वहां से हटाने की मांग को लेकर आंदोलन किया था। चेतावनी दी थी कि ट्रंचिंग ग्राउंड न हटाए जाने पर सभी ग्रामीण त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव का बहिष्कार करेंगे। ट्रंचिंग ग्राउंड हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने लगातार आठ दिन तक क्रमिक अनशन करने के साथ लोहाघाट नगर का कूड़ा ट्रंचिंग ग्राउंड में नहीं डालने दिया।
इसी दौरान ग्राम प्रधान पद के लिए रेखा पुजारी ने एकमात्र नामांकन कर दिया जिससे भड़के ग्रामीणों ने अनशन समाप्त कर दिया। अधिकतर ग्रामीणों ने पंचायती चुनाव का बहिष्कार कर दिया। 11 अक्तूबर को हुए मतदान में कलीगांव में 869 मतदाताओं में से मात्र नौ मतदाताओं ने ही चुनाव में मतदान किया। बाद में ग्रामीणों ने बैठक कर निर्विरोध चुनी गई ग्राम प्रधान, वोट डालने वाले लोगों और वार्ड सदस्य का टिकट लाने वाले लोगों का सामाजिक बहिष्कार करने का निर्णय लिया।