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डुगडुगी पीट करें बकाया की वसूली:डीएम
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चंपावत कलक्ट्रेट में करावंचन की बैठक की समीक्षा करते डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय।
- फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। करों की धीमी वसूली पर डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय ने करों की धीमी वसूली पर फटकार लगाई। बुधवार को करावंचन की बैठक में उन्होंने कहा कि वसूली के नाम पर नोटिस तक सीमित रहने के बजाय डुगडुगी के जरिये वसूली कर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए। कम वसूली के लिए जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। जल संस्थान ने 520.23 लाख के सापेक्ष दिसंबर तक महज 133.97 लाख रुपये वसूले हैं। वन विभाग द्वारा 16 करोड़ के सापेक्ष सिर्फ 3.80 करोड़ की वसूली पर नाराजगी जताने के साथ लक्ष्य में कटौती के लिए शान को पत्र लिखने को कहा।
सबसे अच्छा लक्ष्य आबकारी विभाग का रहा। विभाग ने 39.54 करोड़ के सापेक्ष 37.25 करोड़ की वसूली कर ली है। अलबत्ता डीएम ने ओवर रेट पर अंकुश के साथ छापामार कार्यवाही में तेजी लाने के जिला आबकारी अधिकारी आरएल साह को निर्देश दिए। नगर निकायों व जिला पंचायत को नौ से अधिक कर्मचारी वाले व्यापारिक संस्थानों की सूची 15 दिन के भीतर श्रम विभाग को देने को कहा। रोडवेज, पूर्ति, बांट व मापतौल, कर अधिकारी के गैर हाजिर रहने पर स्पष्टीकरण के साथ एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
राज्यकर ने 4.65 करोड़ के सापेक्ष 2.28 करोड़, आरटीओ ने 1411.23 लाख के सापेक्ष 985.57 लाख, राजस्व विभाग 154.71 लाख के सापेक्ष 74.88 लाख, मंडी समिति 219.67 के सापेक्ष 88.11 लाख की ही वसूली कर सका है। बैठक में एडीएम टीएस मर्तोलिया, जल संस्थान के ईई बिलाल युनूस, एएमए राजेश कुमार, श्रम अधिकारी मीनाक्षी भट्ट, एसएओ जीडी पांडेय, मंडी समिति के प्रतिनिधि मनमोहन माहरा आदि मौजूद थे।
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विभागों पर बकाया हैं 91 लाख से ज्यादा
चंपावत। ऊर्जा निगम ने 28.74 करोड़ के सापेक्ष 18.49 करोड़ की ही वसूली की है। सहायक अभियंता विकास भारती ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग 20.04 लाख, बीएसएनएल 21.04 लाख, शिक्षा विभाग 17.14 लाख, तहसील कार्यालय 6.63 लाख, वन विभाग 2.65 लाख, लोनिवि 5.59 लाख और दोनों नगरपालिकाएं 19.38 लाख की बकाएदार हैं। डीएम ने इन तमाम विभागों से शासन से बजट की मांग करने को कहा। ब्यूरो
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सबसे अच्छा लक्ष्य आबकारी विभाग का रहा। विभाग ने 39.54 करोड़ के सापेक्ष 37.25 करोड़ की वसूली कर ली है। अलबत्ता डीएम ने ओवर रेट पर अंकुश के साथ छापामार कार्यवाही में तेजी लाने के जिला आबकारी अधिकारी आरएल साह को निर्देश दिए। नगर निकायों व जिला पंचायत को नौ से अधिक कर्मचारी वाले व्यापारिक संस्थानों की सूची 15 दिन के भीतर श्रम विभाग को देने को कहा। रोडवेज, पूर्ति, बांट व मापतौल, कर अधिकारी के गैर हाजिर रहने पर स्पष्टीकरण के साथ एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
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राज्यकर ने 4.65 करोड़ के सापेक्ष 2.28 करोड़, आरटीओ ने 1411.23 लाख के सापेक्ष 985.57 लाख, राजस्व विभाग 154.71 लाख के सापेक्ष 74.88 लाख, मंडी समिति 219.67 के सापेक्ष 88.11 लाख की ही वसूली कर सका है। बैठक में एडीएम टीएस मर्तोलिया, जल संस्थान के ईई बिलाल युनूस, एएमए राजेश कुमार, श्रम अधिकारी मीनाक्षी भट्ट, एसएओ जीडी पांडेय, मंडी समिति के प्रतिनिधि मनमोहन माहरा आदि मौजूद थे।
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विभागों पर बकाया हैं 91 लाख से ज्यादा
चंपावत। ऊर्जा निगम ने 28.74 करोड़ के सापेक्ष 18.49 करोड़ की ही वसूली की है। सहायक अभियंता विकास भारती ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग 20.04 लाख, बीएसएनएल 21.04 लाख, शिक्षा विभाग 17.14 लाख, तहसील कार्यालय 6.63 लाख, वन विभाग 2.65 लाख, लोनिवि 5.59 लाख और दोनों नगरपालिकाएं 19.38 लाख की बकाएदार हैं। डीएम ने इन तमाम विभागों से शासन से बजट की मांग करने को कहा। ब्यूरो