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Champawat News: बारिश न होने से घट रहा स्रोतों का पानी, आपूर्ति में लग रहा समय
Sat, 17 Jan 2026 10:48 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sat, 17 Jan 2026 10:48 PM IST
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चंपावत। बारिश न होने से जिले के पेयजल स्रोतों का जलस्तर कम होने लगा है। इससे पेयजल की आपूर्ति करने में निर्धारित समय से अधिक समय लग रहा है। जल्द ही बारिश नहीं हुई तो गर्मी में समस्याएं और अधिक बढ़ सकती हैं।
जिले के चंपावत नगर से सटे ग्रामीण क्षेत्रों में सिलिंगटाक, लमाई और कुलेठी पेयजल स्रोतों से पानी की आपूर्ति की जाती है। लंबे समय से बारिश न होने के कारण पेयजल आपूर्ति में अधिक समय लग रहा है। फिलहाल ठंड में जल आपूर्ति का संकट नहीं है। जरूरत के हिसाब से आपूर्ति की जा रही है। जल संस्थान के एई अमित कुमार ने बताया कि बारिश न होने के कारण जलस्तर में कमी देखने को मिल रही है।
उन्होंने बताया कि नगर के कुलेठी सहित कई स्थानों से पेयजल की आपूर्ति की जाती है। इसमें 17 लीटर प्रति मिनट पानी डिस्चार्ज होता था लेकिन जलस्तर घटने से अब 12 लीटर प्रति मिनट पानी ही डिस्चार्ज हो पा रहा है। इससे निर्धारित समय से उपभोक्ताओं तक पानी पहुंचने में भी अधिक समय लग रहा है।
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इसके अलावा भूस्खलन और सड़क मरम्मत कार्यों से पेयजल लाइनें भी क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। इस कारण पेयजल आपूर्ति में निर्धारित समय से अधिक समय लग रहा है। बता दें कि नगर की 15 हजार से अधिक की आबादी को क्वैराला पंपिंग योजना से पेयजल की आपूर्ति की जाती है।
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जिले के चंपावत नगर से सटे ग्रामीण क्षेत्रों में सिलिंगटाक, लमाई और कुलेठी पेयजल स्रोतों से पानी की आपूर्ति की जाती है। लंबे समय से बारिश न होने के कारण पेयजल आपूर्ति में अधिक समय लग रहा है। फिलहाल ठंड में जल आपूर्ति का संकट नहीं है। जरूरत के हिसाब से आपूर्ति की जा रही है। जल संस्थान के एई अमित कुमार ने बताया कि बारिश न होने के कारण जलस्तर में कमी देखने को मिल रही है।
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उन्होंने बताया कि नगर के कुलेठी सहित कई स्थानों से पेयजल की आपूर्ति की जाती है। इसमें 17 लीटर प्रति मिनट पानी डिस्चार्ज होता था लेकिन जलस्तर घटने से अब 12 लीटर प्रति मिनट पानी ही डिस्चार्ज हो पा रहा है। इससे निर्धारित समय से उपभोक्ताओं तक पानी पहुंचने में भी अधिक समय लग रहा है।
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इसके अलावा भूस्खलन और सड़क मरम्मत कार्यों से पेयजल लाइनें भी क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। इस कारण पेयजल आपूर्ति में निर्धारित समय से अधिक समय लग रहा है। बता दें कि नगर की 15 हजार से अधिक की आबादी को क्वैराला पंपिंग योजना से पेयजल की आपूर्ति की जाती है।