{"_id":"5c27a851bdec2256de78f611","slug":"do-not-be-afraid-to-teach-a-lesson-to-chaotic-elements","type":"story","status":"publish","title_hn":"अराजक तत्वों को सबक सिखाने से कतई न घबराएं छात्राएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अराजक तत्वों को सबक सिखाने से कतई न घबराएं छात्राएं
Sat, 29 Dec 2018 10:31 PM IST
kamlesh kamlesh
ब्यूरो/ अमर उजाला , टनकपुर (चंपावत)।
ब्यूरो/ अमर उजाला , टनकपुर (चंपावत)।
Published by: kamlesh kamlesh
Updated Sat, 29 Dec 2018 10:31 PM IST
विज्ञापन
अपराजिता अभियान के तहत शपथ पत्र के साथ छात्राएं।
- फोटो : चंपावत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला की ओर से चलाए जा रहे अपराजित अभियान के तहत शनिवार को एमडीएम एजुकेशनल एकेडमी स्कूल में छात्राओं को महिला हिंसा, सोशल मीडिया के दुरुपयोग, महिला सशक्तीकरण आदि के प्रति जागरूक किया गया। संयुक्त चिकित्सालय के चिकित्सकों की टीम ने छात्राओं के स्वास्थ्य की जांच कर परामर्श दिया। विद्यालय की करीब सौ से अधिक छात्राओं और शिक्षिकाओं ने शपथ पत्र भरकर नारी गरिमा को अक्षुण्ण रखने का संकल्प लिया।
विद्यालय के प्रबंधक धर्मेंद्र चंद ने कहा कि जागरूकता का नतीजा है कि आज महिलाएं घर से निकलकर राष्ट्र रक्षा में भी योगदान दे रहीं हैं। उन्होंने कहा कि छात्राएं और महिलाएं अराजक तत्वों की हरकतों को सहन करने के बजाय उसका मुकाबला कर ऐसे तत्वों को सबक सिखाएं। प्रधानाचार्य सुनीता चंद ने कहा कि महिलाओं को हिंसा से बचाने के लिए सरकार ने सख्त कानून बनाए हैं, लेकिन उसका उपयोग महिलाएं तभी कर पाएंगी जब उन्हें कानून के बारे में सही जानकारी होगी।
चिकित्साधीक्षक डॉ. एचएस ह्यांकी ने छात्राओं को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की प्रेरणा दी। इस मौके पर चिकित्सा अधिकारी डॉ. आफताब अंसारी और फार्मासिस्ट प्रीतम लाल ने छात्राओं का वजन नापने के साथ ही उनके रक्तचाप और शुगर की जांच कर परामर्श दिया। आयोजन में विद्यालय की शिक्षिका रितु देउपा, कमला बिष्ट, पूजा जोशी, दीक्षा श्रीवास्तव, मीनाक्षी यादव, बबीता चंद, निशा बिष्ट, भावना पांडेय, भावना रानी, प्रेमा चंद्र, कृष्णा गुप्ता आदि ने सहयोग दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विद्यालय के प्रबंधक धर्मेंद्र चंद ने कहा कि जागरूकता का नतीजा है कि आज महिलाएं घर से निकलकर राष्ट्र रक्षा में भी योगदान दे रहीं हैं। उन्होंने कहा कि छात्राएं और महिलाएं अराजक तत्वों की हरकतों को सहन करने के बजाय उसका मुकाबला कर ऐसे तत्वों को सबक सिखाएं। प्रधानाचार्य सुनीता चंद ने कहा कि महिलाओं को हिंसा से बचाने के लिए सरकार ने सख्त कानून बनाए हैं, लेकिन उसका उपयोग महिलाएं तभी कर पाएंगी जब उन्हें कानून के बारे में सही जानकारी होगी।
विज्ञापन
चिकित्साधीक्षक डॉ. एचएस ह्यांकी ने छात्राओं को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की प्रेरणा दी। इस मौके पर चिकित्सा अधिकारी डॉ. आफताब अंसारी और फार्मासिस्ट प्रीतम लाल ने छात्राओं का वजन नापने के साथ ही उनके रक्तचाप और शुगर की जांच कर परामर्श दिया। आयोजन में विद्यालय की शिक्षिका रितु देउपा, कमला बिष्ट, पूजा जोशी, दीक्षा श्रीवास्तव, मीनाक्षी यादव, बबीता चंद, निशा बिष्ट, भावना पांडेय, भावना रानी, प्रेमा चंद्र, कृष्णा गुप्ता आदि ने सहयोग दिया।
विज्ञापन