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जिला पंचायत सदस्य अनशन पर
अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत।
Updated Tue, 29 Aug 2017 10:34 PM IST
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जिला पंचायत सदस्य अनशन पर
- फोटो : अमर उजाला
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चंपावत। इस वर्ष की जिला योजना में धूरा और टनकपुर जिला पंचायत क्षेत्र की विभिन्न योजनाओं को शामिल नहीं किया गया है। इसके विरोध में जिला पंचायत सदस्य उमाशंकर भट्ट, उर्मिला चंद ने मंगलवार से जिला पंचायत कार्यालय परिसर में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने अन्य पंचायत प्रतिनिधियों के भी समर्थन का दावा किया।
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अनशनकारी जिला पंचायत सदस्यों का कहना है कि धूरा, टनकपुर जिला पंचायत क्षेत्र विकास की दृष्टि से बेहद पिछड़ा है। इसके बावजूद जिला योजना में क्षेत्र को कोई तवज्जो नहीं दी गई है। उन्होंने धूरा, मथियाबांज में पंपिंग योजना, बुड़म में हाइस्कूल, ककनई से डांडा मल्ला तक सड़क, वनरावत बस्ती खिरद्वारी में जूनियर हाइस्कूल, चल्थी से सिन्याड़ी, सिन्याड़ी से सिलाड़ तक सड़क निर्माण, तलियाबांज में इंटर कॉलेज, अमोड़ी, सूखीढांग में ऐलोपैथिक अस्पताल, अमोड़ी में बालिका इंटर कॉलेज, श्यामलाताल पर्यटन स्थल का सुंदरीकरण, बजौन में इंटर कॉलेज आदि की मांग की।
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उनका कहना था कि जिला योजना में अपने क्षेत्रों की योजनाओं को शामिल करने के लिए बराबर शासन, प्रशासन से गुहार लगाते रहे हैं लेकिन उनकी योजनाओं को शामिल किए बिना जिला योजना की समिति का अनुमोदन कर दिया गया है। इसलिए मांग पूरी होने तक अनशन होगा। वहां जिला पंचायत सदस्य मुकेश कुमार, प्रेम सिंह बोहरा, पवन महरा, ग्राम प्रधान प्रेम सिंह, दीपक सिंह, नरेंद्र सिंह नेगी, उत्तम सिंह, स्वरूप राम, भरत राम, ललित भट्ट, प्रेम सिंह, विजय राणा, जीवन चौड़ाकोटी, पुष्कर आर्या, खुशाल दत्त, मथुरा दत्त, लीलाधर भट्ट आदि थे।
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सदस्यों को जिला पंचायत से शिकायत नहीं
चंपावत। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी राजेश कुमार का कहना है कि जिला पंचायत सदस्यों का आंदोलन जिला पंचायत के खिलाफ नहीं है। सदस्यों की शिकायत उनके क्षेत्र की योजनाओं को जिला योजना में शामिल न करने को लेकर जिला नियोजन समिति (डीपीसी) से है। वह तो केवल जिला पंचायत सदस्य होने के नाते जिला पंचायत कार्यालय परिसर में बैठे हैं।