{"_id":"65564e21ce6b116876039856","slug":"district-jail-with-capacity-of-196-prisoners-will-be-built-in-champawat-champawat-news-c-229-1-shld1009-3377-2023-11-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Champawat News: चंपावत में बनेगी 196 कैदियों की क्षमता वाली जिला जेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Champawat News: चंपावत में बनेगी 196 कैदियों की क्षमता वाली जिला जेल
Thu, 16 Nov 2023 10:45 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Thu, 16 Nov 2023 10:45 PM IST
विज्ञापन
चंपावत गोरलचौड़ के पास की इस जिला जेल का उपयोग अब दूसरे काम में होगा। संवाद
चंपावत। चंपावत के जिला जेल भवन की राह प्रशस्त हो गई है। इस जेल भवन को फुंगर में बनाया जाएगा। इसके लिए ब्रिडकुल (ब्रिज, रोप-वे, टनल एंड अदर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन) ने जेल विभाग को 63.82 करोड़ रुपये की डीपीआर भेजी है।
सितंबर 1997 में बने चंपावत जिले में अभी तक जिला जेल नहीं है। कैदियों को लोहाघाट के पुराने कामचलाऊ बंदीगृह में रखा जाता है लेकिन जमीन के चयन के साथ ही अब इस स्थिति में जल्द ही बदलाव होगा। चंपावत से आठ किलोमीटर दूर फुंगर ग्राम पंचायत में 103 नाली और छह मुट्ठी जमीन पर जेल भवन का निर्माण कराया जाएगा। प्रशासनिक और तकनीकी मंजूरी के बाद कार्यदायी एजेंसी ने विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रदेश की जेल मुख्यालय की महानिरीक्षक को भेजी है। संवाद
जेल भवन के खास बिंदु
63.82 करोड़ रुपये की लागत से बनेगी जेल।
जेल में 156 पुरुष कैदियों सहित कुल 196 कैदियों को रखने की क्षमता होगी।
बैरकों के अलावा आवासीय भवन भी बनेंगे।
--
जेल न होने से ये हो रहा है नुकसान
जेल के निर्माण की लागत 30 करोड़ के बजाय 63 करोड़ पहुंच गई।
दोषी और शातिर कैदियों को लोहाघाट से अल्मोड़ा भेजने पर मोटी रकम खर्च होती है।
अदालत में पेशी पर लाने और वापस अल्मोड़ा ले जाने पर चौकसी बढ़ाने के साथ अतिरिक्त पुलिस कर्मी भेजने पड़ते हैं।
--
बदल दी गई 15 साल पहले शिलान्यास वाली जगह
चंपावत। चंपावत के जिला जेल का निर्माण डेढ़ साल पहले गोरलचौड़ मैदान के पास शुरू किया गया था। अप्रैल 2008 में तत्कालीन सीएम बीसी खंडूरी ने जेल भवन का शिलान्यास किया था। भूमि के मुआवजे और जेल की चहारदीवारी निर्माण में 2.22 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। बाद में चंपावत विकास एवं संघर्ष समिति की मांग पर जेल की जगह बदल दी गई। गोरलचौड़ की जेल वाली जगह पर ओपन एयर थिएटर बनाया जाएगा।
विज्ञापन
--
लोहाघाट बंदीगृह में हैं 26 कैदी
लोहाघाट (चंपावत)। चंपावत में जेल न होने से इस वक्त विचाराधीन कैदी और सजायाफ्ता लोगों को लोहाघाट बंदीगृह में रखा जाता है। बंदीगृह प्रभारी अनिल टम्टा ने बताया कि इस समय दो महिलाओं सहित कुल 26 कैदी हैं। वैसे यहां क्षमता 25 कैदियों की है। इसके अलावा सितंबर से अब तक यहां से 22 कैदियों को 135 किमी दूर लोहाघाट भेजा गया है। एसपी देवेंद्र पींचा का कहना है कि लोहाघाट बंदीगृह में सामान्य कैदी रखे जाते हैं। बड़ी आपराधिक प्रवृत्ति के आरोपियों को अल्मोड़ा भेजा जाता है।
कोट
फुंगर में जिला जेल भवन के लिए जमीन चयनित होने के बाद हरी झंडी मिल गई है। भवन निर्माण के लिए 63.82 करोड़ रुपये की डीपीआर भेजी गई है। बजट मिलने के बाद काम शुरू किया जाएगा। - सुरेश भट्ट, अभियंता, ब्रिडकुल, पिथौरागढ़।
विज्ञापन
सितंबर 1997 में बने चंपावत जिले में अभी तक जिला जेल नहीं है। कैदियों को लोहाघाट के पुराने कामचलाऊ बंदीगृह में रखा जाता है लेकिन जमीन के चयन के साथ ही अब इस स्थिति में जल्द ही बदलाव होगा। चंपावत से आठ किलोमीटर दूर फुंगर ग्राम पंचायत में 103 नाली और छह मुट्ठी जमीन पर जेल भवन का निर्माण कराया जाएगा। प्रशासनिक और तकनीकी मंजूरी के बाद कार्यदायी एजेंसी ने विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रदेश की जेल मुख्यालय की महानिरीक्षक को भेजी है। संवाद
विज्ञापन
जेल भवन के खास बिंदु
63.82 करोड़ रुपये की लागत से बनेगी जेल।
जेल में 156 पुरुष कैदियों सहित कुल 196 कैदियों को रखने की क्षमता होगी।
बैरकों के अलावा आवासीय भवन भी बनेंगे।
जेल न होने से ये हो रहा है नुकसान
जेल के निर्माण की लागत 30 करोड़ के बजाय 63 करोड़ पहुंच गई।
दोषी और शातिर कैदियों को लोहाघाट से अल्मोड़ा भेजने पर मोटी रकम खर्च होती है।
अदालत में पेशी पर लाने और वापस अल्मोड़ा ले जाने पर चौकसी बढ़ाने के साथ अतिरिक्त पुलिस कर्मी भेजने पड़ते हैं।
बदल दी गई 15 साल पहले शिलान्यास वाली जगह
चंपावत। चंपावत के जिला जेल का निर्माण डेढ़ साल पहले गोरलचौड़ मैदान के पास शुरू किया गया था। अप्रैल 2008 में तत्कालीन सीएम बीसी खंडूरी ने जेल भवन का शिलान्यास किया था। भूमि के मुआवजे और जेल की चहारदीवारी निर्माण में 2.22 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। बाद में चंपावत विकास एवं संघर्ष समिति की मांग पर जेल की जगह बदल दी गई। गोरलचौड़ की जेल वाली जगह पर ओपन एयर थिएटर बनाया जाएगा।
विज्ञापन
लोहाघाट बंदीगृह में हैं 26 कैदी
लोहाघाट (चंपावत)। चंपावत में जेल न होने से इस वक्त विचाराधीन कैदी और सजायाफ्ता लोगों को लोहाघाट बंदीगृह में रखा जाता है। बंदीगृह प्रभारी अनिल टम्टा ने बताया कि इस समय दो महिलाओं सहित कुल 26 कैदी हैं। वैसे यहां क्षमता 25 कैदियों की है। इसके अलावा सितंबर से अब तक यहां से 22 कैदियों को 135 किमी दूर लोहाघाट भेजा गया है। एसपी देवेंद्र पींचा का कहना है कि लोहाघाट बंदीगृह में सामान्य कैदी रखे जाते हैं। बड़ी आपराधिक प्रवृत्ति के आरोपियों को अल्मोड़ा भेजा जाता है।
कोट
फुंगर में जिला जेल भवन के लिए जमीन चयनित होने के बाद हरी झंडी मिल गई है। भवन निर्माण के लिए 63.82 करोड़ रुपये की डीपीआर भेजी गई है। बजट मिलने के बाद काम शुरू किया जाएगा। - सुरेश भट्ट, अभियंता, ब्रिडकुल, पिथौरागढ़।