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एक घंटे तक शराबियों के कब्जे में रहा जिला अस्पताल
अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत।
Updated Fri, 15 Sep 2017 10:37 PM IST
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बृहस्पतिवार की रात चंपावत जिला अस्पताल में नशे में धुत युवक।
- फोटो : अमर उजाला
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चंपावत। जिला अस्पताल का आपातकालीन चिकित्सा कक्ष बृहस्पतिवार रात एक घंटे से अधिक वक्त तक शराबियों की गिरफ्त में रहा। इन शराबियों ने आपातकालीन ड्यूटी कर रहे डा.उदय शंकर और डा.मोहम्मद उमर सहित पैरा मेडिकल स्टाफ से बदसलूकी भी की। इन शराबियोें में से एक युवक कार के दीवार से टकराने से घायल हो गया था, जिसे उसके साथी इलाज के लिए अस्पताल लाए थे। यह युवक न केवल अस्पताल स्टाफ को काम करने से रोकते रहे, बल्कि आपातकालीन चिकित्सा कक्ष के दरवाजे को भीतर से बंद कर काफी देर तक ऊधम भी काटते रहे। अस्पताल प्रशासन की ओर से रात में ही पुलिस से शिकायत की गई, लेकिन पुलिस ने तीनों आरोपियों का 81 पुलिस एक्ट में चालान भर काटा।
टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच पर शांत बाजार के नजदीक कुछ दिन पहले खुले बार के पास बृहस्पतिवार रात करीब 10 बजे बिना नंबर की कार से गुजर रहे तीन युवकों ने कार को दीवार से टकरा दिया। पुलिस के मुताबिक कार में अनुज बोहरा (21) निवासी मल्ली चौकी, रूपेश थ्वाल (22) निवासी गोरलचौड़ मार्ग और कुलदीप जोशी (21) निवासी खर्ककार्की सवार थे। कार कौन चला रहा था, फिलहाल यह पता नहीं चल सका। यह तीनों नशे में थे। अलबत्ता घायल कुलदीप को लेकर अनुज एवं रूपेश रात को जिला अस्पताल पहुंचे और वहां पहुंचकर उत्पात मचाने लगे। मुख्य चिकित्साधीक्षक डा.आरके जोशी ने बताया कि इन्होंने आपातकालीन चिकित्सा कक्ष का दरवाजा भी काफी देर तक भीतर से बंद कर कामकाज में बाधा डाली। किसी तरह आपात ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने घायल कुलदीप जोशी का प्राथमिक इलाज किया। अस्पताल प्रशासन की सूचना पर पुलिस पहुंची, लेकिन इससे पहले यह लोग भाग गए। रात में ही पुलिस अधीक्षक आरसी राजगुरु भी अस्पताल पहुंचे और खुद उन्होंने एमईएस के पास से इन आरोपियों को दबोचा।
कोतवाल उत्तम कुमार ने बताया कि चिकित्सकीय परीक्षण में तीनों युवकों के शराब पीने की पुष्टि हुई। तीनों आरोपियों के खिलाफ 81 पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। बाद में तीनों आरोपियों को छोड़ दिया गया।
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आक्रोशित डॉक्टर सोमवार से कार्य बहिष्कार करेंगे
चंपावत। पुलिस की कार्रवाई से जिला अस्पताल प्रशासन कतई संतुष्ट नहीं है। उनका आरोप है कि आपातकालीन चिकित्सा कक्ष को भीतर से बंद करने के अलावा पुलिस की मौजूदगी में भी इन शराबियों ने उत्पात मचाया था, मगर पुलिस ने इनका मात्र चालान कर छोड़ दिया। उन्होंने उचित कार्रवाई नहीं होने पर 18 सितंबर से कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी गई है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक, जिलाधिकारी, स्वास्थ्य महानिदेशक और मुख्य चिकित्साधिकारी को बाकायदा पत्र भेजे गए हैं। मुख्य चिकित्साधीक्षक डा.आरके जोशी द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया कि बृहस्पतिवार रात हुई वारदात से डॉक्टर और अन्य पैरा मेडिकल स्टाफ भयभीत है। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की गई है। साथ ही अस्पताल में रात में नियमित रूप से पुलिस गश्त की मांग की गई है।
कोट
आरोपियों के खिलाफ धाराएं बदली जाएंगी। साथ ही मामूली धाराओं में कार्रवाई करने वालों का जवाब-तलब भी किया जाएगा। प्रत्येक आरोपी पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। शराब पीकर कार चलाने वाले का ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की जा रही है। -आरसी राजगुरु, पुलिस अधीक्षक, चंपावत।
न सड़क पर सुरक्षित न अस्पताल में
चंद्रशेखर जोशी
चंपावत। चंपावत जिला का आपराधिक ग्राफ भी धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। यहां अराजक तत्वों के हौसले बुलंद हो गए हैं। इस कारण लोग न सड़क पर सुरक्षित हैं और नहीं अस्पताल में। वहीं पुलिस की रात की गश्त भी ढीली है।
बृहस्पतिवार रात को ही खटीमा के एक व्यक्ति ने चाकू ले जाकर दुष्कर्म पीड़िता के घर में घुसकर धमकाने का प्रयास किया। अलबत्ता परिजनों और आसपास के लोगों की सक्रियता से युवक को दबोच कर पुलिस को सौंप दिया गया। वहीं बृहस्पतिवार देर रात जिला अस्पताल में ऊधम काटने से पूर्व आरोप है कि इन युवकों ने शराब पीकर एनएच पर आवाजाही करने वालों से भी अभद्रता की।
30 अगस्त की रात को लोहाघाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधीक्षक डा.वीके जोशी की एक मरीज के तीमारदार ने घर में घुसकर पिटाई की थी। डॉक्टरों के कार्य बहिष्कार के बाद आरोपी को दबोचा गया। इससे पहले 27 अगस्त की रात एक जनप्रतिनिधि की तबियत बिगड़ने के बाद उनके इलाज के लिए पहुंचे डॉक्टर एवं फार्मेसिस्ट को धमकाया गया। वैसे इससे पहले इस साल अप्रैल में एक पूर्व छात्र नेता पर अस्पताल कर्मियों एवं स्वच्छकों से अभद्रता, मई में दो अलग-अलग मामलों घायलों के तीमारदार ने डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ से बदसलूकी की, लेकिन बीच-बचाव के बाद कार्रवाई नहीं होने से अराजक तत्वों के हौसले बुलंद हैं। इधर, कोतवाल उत्तम कुमार का कहना है कि पुलिस रात्रि गश्त के साथ ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर मुमकिन प्रयास कर रही है।
टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच पर शांत बाजार के नजदीक कुछ दिन पहले खुले बार के पास बृहस्पतिवार रात करीब 10 बजे बिना नंबर की कार से गुजर रहे तीन युवकों ने कार को दीवार से टकरा दिया। पुलिस के मुताबिक कार में अनुज बोहरा (21) निवासी मल्ली चौकी, रूपेश थ्वाल (22) निवासी गोरलचौड़ मार्ग और कुलदीप जोशी (21) निवासी खर्ककार्की सवार थे। कार कौन चला रहा था, फिलहाल यह पता नहीं चल सका। यह तीनों नशे में थे। अलबत्ता घायल कुलदीप को लेकर अनुज एवं रूपेश रात को जिला अस्पताल पहुंचे और वहां पहुंचकर उत्पात मचाने लगे। मुख्य चिकित्साधीक्षक डा.आरके जोशी ने बताया कि इन्होंने आपातकालीन चिकित्सा कक्ष का दरवाजा भी काफी देर तक भीतर से बंद कर कामकाज में बाधा डाली। किसी तरह आपात ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने घायल कुलदीप जोशी का प्राथमिक इलाज किया। अस्पताल प्रशासन की सूचना पर पुलिस पहुंची, लेकिन इससे पहले यह लोग भाग गए। रात में ही पुलिस अधीक्षक आरसी राजगुरु भी अस्पताल पहुंचे और खुद उन्होंने एमईएस के पास से इन आरोपियों को दबोचा।
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कोतवाल उत्तम कुमार ने बताया कि चिकित्सकीय परीक्षण में तीनों युवकों के शराब पीने की पुष्टि हुई। तीनों आरोपियों के खिलाफ 81 पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। बाद में तीनों आरोपियों को छोड़ दिया गया।
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आक्रोशित डॉक्टर सोमवार से कार्य बहिष्कार करेंगे
चंपावत। पुलिस की कार्रवाई से जिला अस्पताल प्रशासन कतई संतुष्ट नहीं है। उनका आरोप है कि आपातकालीन चिकित्सा कक्ष को भीतर से बंद करने के अलावा पुलिस की मौजूदगी में भी इन शराबियों ने उत्पात मचाया था, मगर पुलिस ने इनका मात्र चालान कर छोड़ दिया। उन्होंने उचित कार्रवाई नहीं होने पर 18 सितंबर से कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी गई है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक, जिलाधिकारी, स्वास्थ्य महानिदेशक और मुख्य चिकित्साधिकारी को बाकायदा पत्र भेजे गए हैं। मुख्य चिकित्साधीक्षक डा.आरके जोशी द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया कि बृहस्पतिवार रात हुई वारदात से डॉक्टर और अन्य पैरा मेडिकल स्टाफ भयभीत है। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की गई है। साथ ही अस्पताल में रात में नियमित रूप से पुलिस गश्त की मांग की गई है।
कोट
आरोपियों के खिलाफ धाराएं बदली जाएंगी। साथ ही मामूली धाराओं में कार्रवाई करने वालों का जवाब-तलब भी किया जाएगा। प्रत्येक आरोपी पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। शराब पीकर कार चलाने वाले का ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की जा रही है। -आरसी राजगुरु, पुलिस अधीक्षक, चंपावत।
न सड़क पर सुरक्षित न अस्पताल में
चंद्रशेखर जोशी
चंपावत। चंपावत जिला का आपराधिक ग्राफ भी धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। यहां अराजक तत्वों के हौसले बुलंद हो गए हैं। इस कारण लोग न सड़क पर सुरक्षित हैं और नहीं अस्पताल में। वहीं पुलिस की रात की गश्त भी ढीली है।
बृहस्पतिवार रात को ही खटीमा के एक व्यक्ति ने चाकू ले जाकर दुष्कर्म पीड़िता के घर में घुसकर धमकाने का प्रयास किया। अलबत्ता परिजनों और आसपास के लोगों की सक्रियता से युवक को दबोच कर पुलिस को सौंप दिया गया। वहीं बृहस्पतिवार देर रात जिला अस्पताल में ऊधम काटने से पूर्व आरोप है कि इन युवकों ने शराब पीकर एनएच पर आवाजाही करने वालों से भी अभद्रता की।
30 अगस्त की रात को लोहाघाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधीक्षक डा.वीके जोशी की एक मरीज के तीमारदार ने घर में घुसकर पिटाई की थी। डॉक्टरों के कार्य बहिष्कार के बाद आरोपी को दबोचा गया। इससे पहले 27 अगस्त की रात एक जनप्रतिनिधि की तबियत बिगड़ने के बाद उनके इलाज के लिए पहुंचे डॉक्टर एवं फार्मेसिस्ट को धमकाया गया। वैसे इससे पहले इस साल अप्रैल में एक पूर्व छात्र नेता पर अस्पताल कर्मियों एवं स्वच्छकों से अभद्रता, मई में दो अलग-अलग मामलों घायलों के तीमारदार ने डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ से बदसलूकी की, लेकिन बीच-बचाव के बाद कार्रवाई नहीं होने से अराजक तत्वों के हौसले बुलंद हैं। इधर, कोतवाल उत्तम कुमार का कहना है कि पुलिस रात्रि गश्त के साथ ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर मुमकिन प्रयास कर रही है।