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भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ाएं चौकसी: डीआईजी
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उम्दा काम के लिए लोहाघाट के एलआईयू कर्मी ज्ञान प्रकाश को प्रशस्ति पत्र देते पुलिस उप महानिरीक्ष?
- फोटो : CHAMPAWAT
कुमाऊं के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) जगत राम जोशी ने चंपावत जिले की नेपाल से लगी सीमा पर चौकसी तेज करने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को यहां पुलिस लाइन में हुए कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि जिले की 90 किमी सीमा नेपाल से लगी है।
जिसमें बनबसा और टनकपुर से बड़ी संख्या में आवाजाही होने से विशेष सतर्कता बरते जाने की जरूरत है। उन्होंने पहाड़ में तेजी से पांव पसार रही नशाखोरी और स्मैक की बढ़ती तस्करी पर चिंता जताते हुए इसकी रोकथाम को कार्यनीति बनाने बनाने के निर्देश दिए। साथ ही जिले में नशे के खिलाफ एसपी धीरेंद्र गुंज्याल द्वारा चलाई मुहिम को सबके लिए प्रेरणादायी बताया।
कार्यक्रम में एसपी धीरेंद्र गुंज्याल ने जिले की कानून व्यवस्था आदि के बारे में जानकारियां दीं। इस मौके पर पुलिस क्षेत्राधिकारी विपिन पंत, ध्यान सिंह, प्रतिसार निरीक्षक भगवत राणा, एलआईयू निरीक्षक होशियार सिंह, कोतवाल धर्मवीर सोलंकी, धीरेंद्र कुमार, जसवीर चौहान, योगेश दत्त व सभासद मोहन भट्ट, रोहित बिष्ट आदि मौजूद थे।
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बाद में पुलिस लाइन में हुए सम्मेलन में डीआईजी ने पुलिस कर्मियों-अधिकारियों की समस्याएं सुनी। समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया। सभी प्रहरियों और सारथियों को परिचय पत्र प्रदान करते हुए उनके कार्यों की सराहना की।
उन्होंने थानाध्यक्षों को पुलिस कर्मियों को अनुशासित करने, समस्याओं के निराकरण के लिए तत्पर रहने और उन्हें तनाव रहित करने में मदद के निर्देश दिए। डीआईजी ने स्पष्ट किया कि मैदान से पहाड़ आने वाले पुलिस कर्मियों को हर हाल में तय समयावधि तक सेवा देनी होगी। सम्मेलन में सभी थानों के थानाध्यक्ष, एक-एक एसआई, चार-चार कांस्टेबल के अलावा ग्राम प्रहरी और सारथी भी मौजूद थे।
उम्दा काम करने वाले पुलिस कर्मियों को इनाम दिया
चंपावत। डीआईजी ने उम्दा काम करने वाले तीन पुलिस कर्मियों को नगद धनराशि और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया। इनमें लोहाघाट स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) कर्मी ज्ञान प्रकाश को त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव के अलावा चरस तस्करों को दबोचने में शानदार काम के लिए पुरस्कृत किया गया।
इसी तरह एक गरीब के मकान निर्माण में सहयोग करने वाली बनबसा की दरोगा राधिका भंडारी और दरोगा गोविंद सिंह बिष्ट को पुरस्कृत किया गया। इनको पुरस्कार के रूप में ढाई हजार रुपये दिए गए।
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जिसमें बनबसा और टनकपुर से बड़ी संख्या में आवाजाही होने से विशेष सतर्कता बरते जाने की जरूरत है। उन्होंने पहाड़ में तेजी से पांव पसार रही नशाखोरी और स्मैक की बढ़ती तस्करी पर चिंता जताते हुए इसकी रोकथाम को कार्यनीति बनाने बनाने के निर्देश दिए। साथ ही जिले में नशे के खिलाफ एसपी धीरेंद्र गुंज्याल द्वारा चलाई मुहिम को सबके लिए प्रेरणादायी बताया।
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कार्यक्रम में एसपी धीरेंद्र गुंज्याल ने जिले की कानून व्यवस्था आदि के बारे में जानकारियां दीं। इस मौके पर पुलिस क्षेत्राधिकारी विपिन पंत, ध्यान सिंह, प्रतिसार निरीक्षक भगवत राणा, एलआईयू निरीक्षक होशियार सिंह, कोतवाल धर्मवीर सोलंकी, धीरेंद्र कुमार, जसवीर चौहान, योगेश दत्त व सभासद मोहन भट्ट, रोहित बिष्ट आदि मौजूद थे।
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बाद में पुलिस लाइन में हुए सम्मेलन में डीआईजी ने पुलिस कर्मियों-अधिकारियों की समस्याएं सुनी। समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया। सभी प्रहरियों और सारथियों को परिचय पत्र प्रदान करते हुए उनके कार्यों की सराहना की।
उन्होंने थानाध्यक्षों को पुलिस कर्मियों को अनुशासित करने, समस्याओं के निराकरण के लिए तत्पर रहने और उन्हें तनाव रहित करने में मदद के निर्देश दिए। डीआईजी ने स्पष्ट किया कि मैदान से पहाड़ आने वाले पुलिस कर्मियों को हर हाल में तय समयावधि तक सेवा देनी होगी। सम्मेलन में सभी थानों के थानाध्यक्ष, एक-एक एसआई, चार-चार कांस्टेबल के अलावा ग्राम प्रहरी और सारथी भी मौजूद थे।
उम्दा काम करने वाले पुलिस कर्मियों को इनाम दिया
चंपावत। डीआईजी ने उम्दा काम करने वाले तीन पुलिस कर्मियों को नगद धनराशि और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया। इनमें लोहाघाट स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) कर्मी ज्ञान प्रकाश को त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव के अलावा चरस तस्करों को दबोचने में शानदार काम के लिए पुरस्कृत किया गया।
इसी तरह एक गरीब के मकान निर्माण में सहयोग करने वाली बनबसा की दरोगा राधिका भंडारी और दरोगा गोविंद सिंह बिष्ट को पुरस्कृत किया गया। इनको पुरस्कार के रूप में ढाई हजार रुपये दिए गए।