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Champawat News: अनुदान नहीं मिलने से उज्वला पुनर्वास केंद्र के संचालन में दिक्कत
Wed, 10 Jan 2024 10:55 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Wed, 10 Jan 2024 10:55 PM IST
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बनबसा (चंपावत)। चंपावत सिविल जज सीनियर डिवीजन और सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिवान पसबोला ने बनबसा स्थित उज्वला पुनर्वास केंद का निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र के समस्त कागजातों का अवलोकन कर केंद्र में संरक्षित किए गए पीड़ितों के संबंध में जानकारी हासिल की। उन्होंने केंद्र संचालकों को आवश्यक निर्देश भी दिए। केंद्र संचालन में आ रही दिक्कतों के संबंध में भी पूछताछ की।
संस्था समन्वयक जनक चंद ने बताया कि संस्था को सरकार से मिलने वाला अनुदान 2019-20 तक ही मिला है। इसके बाद अनुदान नहीं मिलने से केंद्र संचालन में दिक्कतें आ रही हैं। कहा कि न्यायालय, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, एसएसबी, रेलवे पुलिस और नेपाल एनजीओ की ओर से पीड़ितों को यहां रखा जाता है। अनुदान के अभाव में केंद्र संचालन ठीक से नहीं हो पा रहा है। पीड़ितों के खानपान आदि में दिक्कतें हो रही हैं।
केंद्र में दिए गए सामान जैसे बिस्तर, फर्नीचर, कंप्यूटर, सीसीटीवी आदि खराब हो चुके हैं। किराया नहीं चुकाने से भवन का भी रखरखाव कार्य नही हो पा रहा है। बताया गया है कि वर्ष 2010 से अब तक 680 महिलाओं और 262 बच्चों को केंद्र में रखा जा चुका है। उन्होंने सचिव विधिक सेवा प्राधिकारण से केंद्र का अब तक का रुका अनुदान दिलाने की मांग की जिस पर उन्होंने संबंधित विभागों से पत्राचार करने का आश्वासन दिया। वहां केंद्र कार्यकर्ता सरोज चंद, विनीता रजवार, तारा बिष्ट, संघमित्रा, पीएलवी अर्जुन सिंह, दीपा देवी, पूजा शर्मा, बबिता पुनेड़ा, नवीन सिंह बिष्ट आदि थे। संवाद
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संस्था समन्वयक जनक चंद ने बताया कि संस्था को सरकार से मिलने वाला अनुदान 2019-20 तक ही मिला है। इसके बाद अनुदान नहीं मिलने से केंद्र संचालन में दिक्कतें आ रही हैं। कहा कि न्यायालय, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, एसएसबी, रेलवे पुलिस और नेपाल एनजीओ की ओर से पीड़ितों को यहां रखा जाता है। अनुदान के अभाव में केंद्र संचालन ठीक से नहीं हो पा रहा है। पीड़ितों के खानपान आदि में दिक्कतें हो रही हैं।
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केंद्र में दिए गए सामान जैसे बिस्तर, फर्नीचर, कंप्यूटर, सीसीटीवी आदि खराब हो चुके हैं। किराया नहीं चुकाने से भवन का भी रखरखाव कार्य नही हो पा रहा है। बताया गया है कि वर्ष 2010 से अब तक 680 महिलाओं और 262 बच्चों को केंद्र में रखा जा चुका है। उन्होंने सचिव विधिक सेवा प्राधिकारण से केंद्र का अब तक का रुका अनुदान दिलाने की मांग की जिस पर उन्होंने संबंधित विभागों से पत्राचार करने का आश्वासन दिया। वहां केंद्र कार्यकर्ता सरोज चंद, विनीता रजवार, तारा बिष्ट, संघमित्रा, पीएलवी अर्जुन सिंह, दीपा देवी, पूजा शर्मा, बबिता पुनेड़ा, नवीन सिंह बिष्ट आदि थे। संवाद
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