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पूर्णागिरि मेला : षष्ठमी पर बीस हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए मां के दर्शन

Thu, 11 Apr 2019 11:23 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन अमर उजाला ब्यूरो टनकपुर (चंपावत)।
अमर उजाला ब्यूरो टनकपुर (चंपावत)। Published by: बृजमोहन बृजमोहन Updated Thu, 11 Apr 2019 11:23 PM IST
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devotee reached to Maa Poornagiri Dham
मां पूर्णागिरि के दर्शन को आते-जाते श्रद्धालु। - फोटो : अमर उजाला

सुप्रसिद्ध पूर्णागिरि मेले में बृहस्पतिवार को उत्तर भारत के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही का सिलसिला बना रहा। नवरात्र की षष्ठमी पर करीब बीस हजार भक्त देवी मां के दर्शन को पहुंचे। चुनाव के मद्देनजर भारत-नेपाल सीमा सील होने के कारण श्रद्धालु नेपाल स्थित बाबा सिद्धनाथ के दर्शन के लिए नेपाल नहीं जा सके।

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पूर्णागिरि मेले में शुरू दिन से ही दूर-दराज से श्रद्धालु देवी मां के दर्शन को उमड़ रहे हैं। चैत्र नवरात्र के पहले दिन रिकार्ड संख्या में देवी भक्त उमड़े। वहीं अब भी हर दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु देवी मां के दर्शन को पहुंच रहे हैं। इस बार चुनाव का भी मेले की रौनक पर कोई खास असर नजर नहीं आया।
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बृहस्पतिवार को मतदान के दिन भी बड़ी संख्या में भक्तों की भीड़ उमड़ी। मंदिर समिति के कोषाध्यक्ष कैलाश पांडेय के मुताबिक नवरात्र के छठे दिन मेला क्षेत्र में खासी चहल-पहल बनी रही।
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सीओ नरेश चंद का कहना है कि चुनाव निपटते ही शुक्रवार से बाहरी जनपदों से भी पर्याप्त फोर्स मेला ड्यूटी के लिए पहुंचने लगेगा।

भारत-नेपाल सीमा खुलने की प्रतीक्षा में तीन दिन से डेरा जमाए हैं श्रद्धालु 
बनबसा (चंपावत)। चुनाव के मद्देनजर भारत-नेपाल सीमा सील होने सेे मां पूर्णागिरि के दर्शन उपरांत श्रद्धालु नेपाल स्थित बाबा सिद्धनाथ के दर्शन को नहीं जा पा रहे हैं। कई श्रद्धालु बाबा सिद्धनाथ के दर्शन किए बगैर लौट गए लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जो बाबा सिद्धनाथ के दर्शन के लिए पिछले तीन दिनों से बनबसा मेला क्षेत्र में डेरा जमाए हुए हैं।


उनका कहना है कि नेपाल सीमा खुलने के बाद बाबा सिद्धनाथ के दर्शन से मां पूर्णागिरि की यात्रा पूर्ण कर ही वे वापस लौटेंगे। गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव के लिए मतदान के चलते भारत-नेपाल सीमा गत 9 अप्रैल की शाम से सील है। सीमा सील होने की जानकारी न होने से दो दिन से दूर-दराज से आए श्रद्धालु या तो बाबा सिद्धनाथ के दर्शन किए बगैर ही लौट चुके हैं या फिर सीमा खुलने की प्रतीक्षा में यहां डेरा जमाए हुए हैं। 
फोटो 11 टीएनपी 11 पी

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