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Champawat News: देवीधुरा के मुख्य मंदिर का उत्तराखंड शैली में होगा निर्माण
Tue, 03 Oct 2023 11:24 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Tue, 03 Oct 2023 11:24 PM IST
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देवीधुरा बाराही देवी के मुख्य मंदिर के नव निर्माण के सर्वे के लिए आई वास्तुविदों के दल को चुनरी
पाटी (चंपावत)। बगवाल के लिए मशहूर मां बाराही धाम देवीधुरा के मुख्य मंदिर का नव निर्माण उत्तराखंड शैली में होगा। भूगर्भीय परीक्षण के लिए सांगो गांव निवासी और वास्तुविद दिनेश चंद्र जोशी के साथ मंगलवार को अहमदाबाद गुजरात के इंजीनियर का एक दल पहुंचा।
दल के सदस्य वास्तुविद वर्षा साह, दिलीप पांचाल और चंद्रबल्लभ टम्टा ने मुख्य मंदिर के साथ शक्तिपीठ, सिंहासन डोला, खीर गंगा, अनंत वैली, भीम शिला, हनुमान मंदिर, केदारनाथ और गणेश मंदिर का भी निरीक्षण किया। प्राचीन मान्यता वाले मंदिर से कतई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। मंदिर के पास के खोलीखांण मैदान में किसी तरह का निर्माण नहीं किया जाएगा। निर्माण में सात करोड़ रुपये खर्च करने का अनुमान है। इसमें चार खाम, सात थोक, मंदिर समिति के अलावा आम लोग सहयोग करेंगे।
पीठाचार्य पंडित कीर्तिबल्लभ जोशी ने बताया कि मुख्य मंदिर के नीचे एक मंदिर दबा होने के संकेत मिले हैं। इसकी जानकारी डीएम और पुरातत्व विभाग को देने के साथ देवीधुरा क्षेत्र के अध्ययन करने का आग्रह किया है। मंदिर समिति के अध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट, कोषाध्यक्ष दीपक चम्याल, महामंत्री रोशन लमगड़िया, दिनेश जोशी, नरेंद्र सिंह, लक्ष्मी दत्त जोशी, खीम सिंह लमगड़िया, कीर्तिबल्लभ जोशी, दिलीप सिंह चम्याल, राजू बिष्ट, अमित लमगड़िया, किशन लमगड़िया आदि ने वास्तुविदों का चुनरी ओढ़ाकर स्वागत किया।
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दल के सदस्य वास्तुविद वर्षा साह, दिलीप पांचाल और चंद्रबल्लभ टम्टा ने मुख्य मंदिर के साथ शक्तिपीठ, सिंहासन डोला, खीर गंगा, अनंत वैली, भीम शिला, हनुमान मंदिर, केदारनाथ और गणेश मंदिर का भी निरीक्षण किया। प्राचीन मान्यता वाले मंदिर से कतई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। मंदिर के पास के खोलीखांण मैदान में किसी तरह का निर्माण नहीं किया जाएगा। निर्माण में सात करोड़ रुपये खर्च करने का अनुमान है। इसमें चार खाम, सात थोक, मंदिर समिति के अलावा आम लोग सहयोग करेंगे।
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पीठाचार्य पंडित कीर्तिबल्लभ जोशी ने बताया कि मुख्य मंदिर के नीचे एक मंदिर दबा होने के संकेत मिले हैं। इसकी जानकारी डीएम और पुरातत्व विभाग को देने के साथ देवीधुरा क्षेत्र के अध्ययन करने का आग्रह किया है। मंदिर समिति के अध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट, कोषाध्यक्ष दीपक चम्याल, महामंत्री रोशन लमगड़िया, दिनेश जोशी, नरेंद्र सिंह, लक्ष्मी दत्त जोशी, खीम सिंह लमगड़िया, कीर्तिबल्लभ जोशी, दिलीप सिंह चम्याल, राजू बिष्ट, अमित लमगड़िया, किशन लमगड़िया आदि ने वास्तुविदों का चुनरी ओढ़ाकर स्वागत किया।
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