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टुल्लू पंप लगाने वालों पर कार्रवाई करेगा विभाग

Sat, 26 May 2018 12:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूराे चंपावत।
अमर उजाला ब्यूराे चंपावत। Updated Sat, 26 May 2018 12:01 AM IST
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Department will take action on those who have tullu pump
पाटी में भारी पेयजल किल्लत के बीच हैंडपंप के आसरे ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला
 पाटी में पानी की किल्लत के मद्देनजर अब नियमों को ताख पर रख कर टल्लू पंप लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शुक्रवार को एसडीएम निर्मला बिष्ट की अध्यक्षता में जल संस्थान और आम लोगों की बैठक में ये निर्देश दिए गए। इस मौके पर एसडीएम ने जल संस्थान के कनिष्ठ अभियंता चंद्रशेखर पंत द्वारा टुल्लू पंप लगाने वालों पर कार्रवाई नहीं करने पर नाराजगी जताई।  
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ग्रामीणों ने भारी पेयजल किल्लत के बावजूद माराकुली, न्यू कालौनी, स्टेशन, मष्टा मंदिर कालौनी में टैंकरों से पानी की आपूर्ति नहीं करने की शिकायत की। एसडीएम ने जौलाड़ी, जौलामेल, माराकुली, शास्त्री मार्केट, स्टेशन बाजार, ब्लाक गेट, मष्टा मंदिर कालौनी, जीआईसी चौराहा, न्यू कालौनी चौराहे में पानी की आपूर्ति करते वक्त जेई को साथ में रहने के निर्देश दिए। पानी की तीन गाड़ियों से रोज इन स्थानों में पानी की आपूर्ति करने को कहा। बैठक में तहसीलदार मनोरथ लखचौड़ा, बीडीओ अमित ममगांई, बहादुर मेहता, टीकाराम सोराड़ी, भगीरथ सोराड़ी, खिलानंद शर्मा, हीराबल्लभ, मनोज मेहता, चतुर सिंह मेहता आदि मौजूद थे।  
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तीन हैंडपंपों के आसरे पाटी का अधिकांश हिस्सा  
चंपावत/पाटी। पाटी तहसील मुख्यालय के अधिकांश हिस्सों में लोगों को नलों से पानी नहीं मिल पा रहा है। जल स्रोत में भारी कमी के चलते ज्यादातर जगह लोग हैंडपंप व नौलों पर ही आश्रित हैं। यहां के लोग महज तीन हैंडपंप से काम चला रहे हैं। भारी भीड़ के चलते इन हैंडपंपों में खासा दबाव है। क्षेत्र में लगे पांच हैंडपंप या तो खराब है या इनसे गंदा पानी मिल रहा है। क्षेत्र के कई लोग धरोंज से मोटी रकम खर्च करके पानी की व्यवस्था कर रहे हैं।  
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इधर चंपावत में भी पेयजल किल्लत ने विकराल रूप ले लिया है। 20 लाख लीटर के सापेक्ष बमुश्किल छह लाख लीटर पानी मिल रहा है। जल संस्थान के अपर सहायक अभियंता किशोर पंत का कहना है कि रौखेत सहित अधिकांश स्रोतों में जल स्तर में 70 प्रतिशत से अधिक कमी आ गई है। किल्लत वाले स्थानों में टैंकर व पिकअप से पानी दिया जा रहा है, मगर यह एकदम नाकाफी है। छतार के लोगों ने भी टैंकर भेजकर पेयजल वितरण की मांग की है।  
 
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