{"_id":"64c68ab8b20c0f29480112f4","slug":"demand-to-remove-11-kv-line-passing-over-quarala-river-champawat-news-c-229-1-shld1009-889-2023-07-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Champawat News: क्वैराला नदी के ऊपर से गुजर रही 11 केवी लाइन हटाने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Champawat News: क्वैराला नदी के ऊपर से गुजर रही 11 केवी लाइन हटाने की मांग
Sun, 30 Jul 2023 09:37 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sun, 30 Jul 2023 09:37 PM IST
विज्ञापन
क्वैराला घाटी में नदी से लगे ग्यारह हजार केवी के बिजली पोल से खौफजदा गांव के लोग। संवाद
चंपावत। क्वैराला पंपिंग योजना से पानी लिफ्ट करने के लिए बिछाई गई बिजली की लाइन से लोग भयभीत है। 19 जुलाई को चमेाली जिले में नमामि गंगे परियोजना क्षेत्र में हुए हादसे में 16 लोगों की मौत के बाद यहां के लोगों ने नदी के एकदम किनारे लगाए गए बिजली के खंभों को हटाने की मांग की है।
ग्राम प्रधान विजय राना सहित गांव के कई लोगों का कहना है कि क्वैराला पंपिंग योजना का पानी चंपावत पहुंचाने के लिए क्वैराला नदी के किनारे 11 केवी की लाइन बिछाई गई है। बरसात में जल स्तर बढऩे से इस लाइन के खंभे नदी में समा जाते हैं। इससे आसपास करंट का डर बना रहता है। ग्राम पंचायत छतकोट के सजौली, दुधौरी और आसपास के गांव की आबादी के अलावा कुछ ही दूरी पर विद्या मंदिर, जीआईसी और डिग्री कॉलेज हैं। ग्रामीणों ने चमोली हादसे के मद्देनजर इस लाइन को यहां से दूसरी जगह ले जाने और सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध करने की मांग करते हुए बिजली विभाग को पत्र भेजा है।
कोट
तार मजबूती से कसे गए हैं इसलिए नदी में सीधा खतरा नहीं है। किसी तरह की खामी आने पर बिजली खुद ही बंद हो जाएगी। ग्रामीण बिजली के खंभे को न छूने के साथ नदी के आसपास जाने से बचें।
विज्ञापन
उमाकांत चतुर्वेदी, अधिशासी अभियंता, ऊर्जा निगम, चंपावत खंड।
विज्ञापन
ग्राम प्रधान विजय राना सहित गांव के कई लोगों का कहना है कि क्वैराला पंपिंग योजना का पानी चंपावत पहुंचाने के लिए क्वैराला नदी के किनारे 11 केवी की लाइन बिछाई गई है। बरसात में जल स्तर बढऩे से इस लाइन के खंभे नदी में समा जाते हैं। इससे आसपास करंट का डर बना रहता है। ग्राम पंचायत छतकोट के सजौली, दुधौरी और आसपास के गांव की आबादी के अलावा कुछ ही दूरी पर विद्या मंदिर, जीआईसी और डिग्री कॉलेज हैं। ग्रामीणों ने चमोली हादसे के मद्देनजर इस लाइन को यहां से दूसरी जगह ले जाने और सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध करने की मांग करते हुए बिजली विभाग को पत्र भेजा है।
विज्ञापन
कोट
तार मजबूती से कसे गए हैं इसलिए नदी में सीधा खतरा नहीं है। किसी तरह की खामी आने पर बिजली खुद ही बंद हो जाएगी। ग्रामीण बिजली के खंभे को न छूने के साथ नदी के आसपास जाने से बचें।
विज्ञापन
उमाकांत चतुर्वेदी, अधिशासी अभियंता, ऊर्जा निगम, चंपावत खंड।