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Champawat News: जिले में 700 क्विंटल आलू बीज की मांग
Sat, 20 Jan 2024 10:45 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sat, 20 Jan 2024 10:45 PM IST
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चंपावत में खेत में आलू बुवाई करती महिलाएं। संवाद
चंपावत। जिले में उद्यान विभाग ने 200 क्विंटल आलू बीच वितरण का काम शुरू कर दिया है। अभी काश्तकारों को 500 क्विंटल बीज बांटा जाना है। विभाग का दावा है कि अगले माह तक सभी को बीज बांट दिया जाएगा।
जिले में उद्यान विभाग ने काश्तकारों के लिए निदेशालय को 700 क्विंटल आलू बीज की मांग भेजी थी। इसके सापेक्ष विभाग को कुर्फी ज्योति प्रजाति का 200 क्विंटल आलू बीज ही भेजा गया है। जिले में विभिन्न सचल दल केंद्रों के माध्यम से लोहाघाट, खेतीखान, देवीधुरा, रौसाल और चंपावत में आलू बीज वितरण का काम किया जा रहा है। विभाग को आलू फेडरेशन मदकोट मुनस्यारी उपलब्ध कराता है। यहां का आलू स्वाद और सेहत में बेहतर होता है। जिला उद्यान अधिकारी टीएन पंत ने बताया कि आलू बीज में 50 फीसदी की सब्सिडी के बाद 1900 रुपये क्विंटल के हिसाब से विभाग की ओर से आलू काश्तकारों को दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि फरवरी या मार्च माह तक आलू बीज वितरण का काम पूरा कर लिया जाएगा। इधर, कुछ स्थानों पर महिलाओं ने घर के तैयार आलू बीज की बुआई शुरू कर दी है। काश्तकार लक्ष्मी, अनीता राय का कहना है कि बारिश नहीं होगी तो आलू की फसल अच्छी होना मुश्किल है।
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जिले में उद्यान विभाग ने काश्तकारों के लिए निदेशालय को 700 क्विंटल आलू बीज की मांग भेजी थी। इसके सापेक्ष विभाग को कुर्फी ज्योति प्रजाति का 200 क्विंटल आलू बीज ही भेजा गया है। जिले में विभिन्न सचल दल केंद्रों के माध्यम से लोहाघाट, खेतीखान, देवीधुरा, रौसाल और चंपावत में आलू बीज वितरण का काम किया जा रहा है। विभाग को आलू फेडरेशन मदकोट मुनस्यारी उपलब्ध कराता है। यहां का आलू स्वाद और सेहत में बेहतर होता है। जिला उद्यान अधिकारी टीएन पंत ने बताया कि आलू बीज में 50 फीसदी की सब्सिडी के बाद 1900 रुपये क्विंटल के हिसाब से विभाग की ओर से आलू काश्तकारों को दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि फरवरी या मार्च माह तक आलू बीज वितरण का काम पूरा कर लिया जाएगा। इधर, कुछ स्थानों पर महिलाओं ने घर के तैयार आलू बीज की बुआई शुरू कर दी है। काश्तकार लक्ष्मी, अनीता राय का कहना है कि बारिश नहीं होगी तो आलू की फसल अच्छी होना मुश्किल है।
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