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एसडीएम सड़क पर डामर को हरी झंडी

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 30 Aug 2022 11:45 PM IST
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Damarikaran in Sdm Road
सूखीढांग-डांडा-मीडार का खस्ताहाल मार्ग। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : CHAMPAWAT
टनकपुर (चंपावत)। सूखीढांग-डांडा-मीडार (एसडीएम) सड़क पर 30 किमी तक डामरीकरण के लिए ढाई साल का इंतजार खत्म हो गया है। इसके लिए प्रदेश शासन ने डामरीकरण के पहले पैकेज के लिए बजट मंजूर किया है।
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फिलहाल इस सड़क से लगे गांवों के नौ हजार से अधिक ग्रामीणों समेत इस मार्ग से रीठा साहिब गुरुद्वारा तक आवाजाही करने वाले सिख श्रद्धालुओं को झटके सहने पड़ रहे हैं। दो साल में डामर पूरा होने के बाद आवाजाही सुगम और सुरक्षित हो सकेगी। इस खस्ताहाल सड़क पर ककनई के पास 21 फरवरी को खाई में जीप गिरने से 14 लोगों को जान गंवानी पड़ी थी।
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करीब 56 किमी लंबी एसडीएम सड़क की कटिंग दिसंबर 2016 में 15 करोड़ रुपये से हुई थी। सड़क के महत्व को देखते हुए 28 फरवरी 2020 को तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इसके डामरीकरण की घोषणा की थी। इसके ढाई साल बाद डामरीकरण के लिए बजट की मंजूरी मिली है। लोनिवि के ईई विभोर गुप्ता ने बताया कि 30 किमी लंबी सड़क पर पांच-पांच किमी के छह पैकेज में डामर किया जाना है। पहले पैकेज के लिए शासन ने 29 अगस्त को बजट स्वीकृत किया है।
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21 गांवों के लोगों को लाभ, कम हुई रीठा साहिब की 70 किमी दूरी
टनकपुर (चंपावत)। प्रसिद्ध सिख तीर्थस्थल रीठा साहिब की दूरी चंपावत होकर 150 किमी है। अब इससे 70 किमी दूरी कम होकर मात्र 80 किमी रह गई है। इससे 21 गांवों के नौ हजार से अधिक लोग भी सड़क सुविधा से जुड़े। अब कच्ची सड़क में डामर को मंजूरी मिलने से सूखीढांग, गैरलेख, चौड़ाकोट, धूरा, पातल, मथियाबांज, तलियाबांज, बकोरिया, बुड़म, कल्लाड़, डांडा, कठौती, ककनई की धार, मल्ली टांण, तल्ली टांण, साल, मछियाड़, तलाड़ी, कुल्यालगांव, चौड़ामेहता, रीठा साहिब जाने वालों को लाभ होगा।

पांच किमी लंबी सड़क के पहले चरण के लिए शासन ने 307.04 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी है। चालू वित्तीय वर्ष 2022-23 में टोकन मनी के रूप में दस हजार रुपये अवमुक्त भी किए गए हैं। - हिमांशु कफल्टिया, एसडीएम, टनकपुर।
डामर होने से ग्रामीणों को होंगे ये फायदे
ढाई घंटे के बजाय एसडीएम सड़क पर सफर में चार घंटे लगने से निजात मिलेगी।
जीप-टैक्सियों के रखरखाव के लिए ईंधन पर खर्च में भी कमी आएगी।
कच्ची सड़क होने पर अभी डेढ़ सौ रुपये ज्यादा देना पड़ता है।
आपात चिकित्सा सेवा 108 का संचालन हो सकेगा।
आवाजाही में सुविधाजनक और सुरक्षा बढ़ेगी।
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