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एनसीडीसी योजना के तहत 41 पशुपालकों को मिली दुधारू गायें
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चंपावत। केंद्र सरकार की ओर से संचालित नेशनल कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनसीडीसी) योजना के तहत पशुपालकों को 35 प्रतिशत अनुदान पर उन्नति नस्ल की दुधारू गायें उपलब्ध कराईं जा रहीं हैं। चंपावत दुग्ध संघ की ओर से जिले के 41 पशुपालकों को योजना का लाभ मिल चुका है।
क्षेत्र में किसानों की आजीविका सुधारने और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए एनसीडीसी योजना के तहत पशुपालकों को बाहरी क्षेत्रों से गायों को खरीद कर दिया जा रहा है। योजना के तहत दो सालों में 130 लाभार्थियों के सापेक्ष 103 आवेदनों पत्रों को स्वीकृति दी जा चुकी है।
पशुपालकों को सरकार की तरफ से तीन गायों की खरीद के लिए 2.46 लाख रुपये और पांच गायों की खरीद के लिए 4.05 लाख रुपये का ऋण दिया जाता है। इसमें पशुपालकों को 35 फीसदी अनुदान दिया जाता है।
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दुग्ध संघ प्रबंधक राजेश मेहता ने बताया कि एनसीडीसी योजना के लिए चंपावत दुग्ध संघ को पिछले दो साल में 130 पशुपालकों को लाभ दिलाने का लक्ष्य मिला था।
इसके सापेक्ष 103 आवेदन पत्र स्वीकृत हो चुके हैं। इनमें से 41 पशुपालकों को दुधारू गायें उपलब्ध कराईं जा चुकीं हैं। इनमें से 36 लोगों ने तीन-तीन गाय और पांच पशुपालकों ने पांच-पांच गायें खरीदीं हैं।
चंपावत में 199 समितियों से एकत्र होता है 13 हजार लीटर दूध
चंपावत। जिले में दुग्ध संघ की ओर से 199 समितियों के माध्यम से रोजाना 13 हजार लीटर दूध एकत्र किया जाता है। दुग्ध संघ को 4500 दुग्ध उत्पादकों की ओर से दूध की आपूर्ति की जाती है। प्रतिदिन 13 हजार लीटर में से छह हजार लीटर दूध जिले में बेचा जा रहा है, जबकि शेष दूध नैनीताल, ऊधमसिंह नगर एवं देहरादून जिले में भेजा जाता है।
चंपावत जिले की करीब पौने तीन लाख की आबादी के लिए दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए दुग्ध संघ की ओर से पशुपालकों को एनसीडीसी योजना के तहत उन्नत नस्ल की गायें प्रदान की जा रहीं हैं। कुल 41 पशुपालकों को गायें उपलब्ध कराईं जा चुकीं हैं। जल्द ही शेष पशुपालकों को भी उन्नत नस्ल की गायें उपलब्ध कराईं जाएंगी।
- पार्वती देवी, अध्यक्ष, दुग्ध संघ, चंपावत।
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क्षेत्र में किसानों की आजीविका सुधारने और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए एनसीडीसी योजना के तहत पशुपालकों को बाहरी क्षेत्रों से गायों को खरीद कर दिया जा रहा है। योजना के तहत दो सालों में 130 लाभार्थियों के सापेक्ष 103 आवेदनों पत्रों को स्वीकृति दी जा चुकी है।
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पशुपालकों को सरकार की तरफ से तीन गायों की खरीद के लिए 2.46 लाख रुपये और पांच गायों की खरीद के लिए 4.05 लाख रुपये का ऋण दिया जाता है। इसमें पशुपालकों को 35 फीसदी अनुदान दिया जाता है।
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दुग्ध संघ प्रबंधक राजेश मेहता ने बताया कि एनसीडीसी योजना के लिए चंपावत दुग्ध संघ को पिछले दो साल में 130 पशुपालकों को लाभ दिलाने का लक्ष्य मिला था।
इसके सापेक्ष 103 आवेदन पत्र स्वीकृत हो चुके हैं। इनमें से 41 पशुपालकों को दुधारू गायें उपलब्ध कराईं जा चुकीं हैं। इनमें से 36 लोगों ने तीन-तीन गाय और पांच पशुपालकों ने पांच-पांच गायें खरीदीं हैं।
चंपावत में 199 समितियों से एकत्र होता है 13 हजार लीटर दूध
चंपावत। जिले में दुग्ध संघ की ओर से 199 समितियों के माध्यम से रोजाना 13 हजार लीटर दूध एकत्र किया जाता है। दुग्ध संघ को 4500 दुग्ध उत्पादकों की ओर से दूध की आपूर्ति की जाती है। प्रतिदिन 13 हजार लीटर में से छह हजार लीटर दूध जिले में बेचा जा रहा है, जबकि शेष दूध नैनीताल, ऊधमसिंह नगर एवं देहरादून जिले में भेजा जाता है।
चंपावत जिले की करीब पौने तीन लाख की आबादी के लिए दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए दुग्ध संघ की ओर से पशुपालकों को एनसीडीसी योजना के तहत उन्नत नस्ल की गायें प्रदान की जा रहीं हैं। कुल 41 पशुपालकों को गायें उपलब्ध कराईं जा चुकीं हैं। जल्द ही शेष पशुपालकों को भी उन्नत नस्ल की गायें उपलब्ध कराईं जाएंगी।
- पार्वती देवी, अध्यक्ष, दुग्ध संघ, चंपावत।