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पूर्णागिरि महोत्सव में निकली मां पूर्णागिरि की डोला रथ यात्रा
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खूना बोरा गांव में चल रहे श्री मां पूर्णागिरि महोत्सव के अंतिम दिन मां पूर्णागिरि की भव्य डोला रथ यात्रा निकली। डोला रथ यात्राओं के मंदिर की परिक्रमा करने के साथ ही महोत्सव का समापन हो गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मां का आशीर्वाद प्राप्त किया।
शनिवार रात को गांव में देवी जागरण हुआ। इस दौरान देव डंगरियों ने अवतरित होकर पीड़ितों के कष्टों का निवारण किया। रविवार दोपहर बाद दुर्गम रास्तों को पार करते हुए खूना बोरा गांव से मां पूर्णागिरि की रथ यात्रा मंदिर की ओर निकली। रथ में सवार पूर्णागिरि के रूप में पार्वती देवी और महाकाली के रूप में हयात सिंह बोहरा श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हुए चल रहे थे।
देवी रथ के पीछे महिलाएं मां का गुणगान करते हुए चल रही थीं। रथ यात्रा के मंदिर की परिक्रमा कराने के बाद महोत्सव का समापन किया गया। इस अवसर पर बलांई, मझेड़ा, नई बलांई, चौड़ाराजपुरा, खेतीगाड़, कफलेख, लोहाघाट, चंपावत आदि स्थानों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हुए थे। आयोजन समिति के सचिव जीवन राम, उपाध्यक्ष कैलाश बोहरा, मुख्य संरक्षक नवीन बोहरा, रेखा बोहरा ने सहयोग के लिए सभी का आभार जताया।
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शनिवार रात को गांव में देवी जागरण हुआ। इस दौरान देव डंगरियों ने अवतरित होकर पीड़ितों के कष्टों का निवारण किया। रविवार दोपहर बाद दुर्गम रास्तों को पार करते हुए खूना बोरा गांव से मां पूर्णागिरि की रथ यात्रा मंदिर की ओर निकली। रथ में सवार पूर्णागिरि के रूप में पार्वती देवी और महाकाली के रूप में हयात सिंह बोहरा श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हुए चल रहे थे।
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देवी रथ के पीछे महिलाएं मां का गुणगान करते हुए चल रही थीं। रथ यात्रा के मंदिर की परिक्रमा कराने के बाद महोत्सव का समापन किया गया। इस अवसर पर बलांई, मझेड़ा, नई बलांई, चौड़ाराजपुरा, खेतीगाड़, कफलेख, लोहाघाट, चंपावत आदि स्थानों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हुए थे। आयोजन समिति के सचिव जीवन राम, उपाध्यक्ष कैलाश बोहरा, मुख्य संरक्षक नवीन बोहरा, रेखा बोहरा ने सहयोग के लिए सभी का आभार जताया।
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