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Champawat News: नए साल पर हजारों भक्तों ने किए मां पूर्णागिरि धाम के दर्शन
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नए साल पर मां पूर्णागिरि धाम के प्रवेश द्वार ठुलीगाड़ में लगे भंडारों में प्रसाद ग्रहण करते श्रद?
- फोटो : TANAKPUR
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टनकपुर (चंपावत)। मां के दरबार से नए साल की शुरुआत के लिए रविवार को सैकड़ों लोग मां पूर्णागिरि धाम पहुंचे। साल के पहले दिन साठ हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने धाम के दर्शन किए। एसडीएम सुंदर सिंह और मेला अधिकारी जिला पंचायत के एएमए भगवत पाटनी ने मंदिर समिति के पदाधिकारियों के साथ मौका मुआयना कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
नया साल मनाने के लिए शनिवार रात से ही दर्शनार्थियों की भीड़ उमड़ने लगी थी। स्थिति यह थी कि भैरव मंदिर से काली मंदिर तक सभी धर्मशालाएं पूरी तरह श्रद्धालुओं से पैक हो चुकी थीं। मंदिर समिति के अध्यक्ष किशन तिवारी का कहना है कि भक्तों ने उत्साह के साथ देवी मां के दरबार में मत्था टेक सुख-समृद्धि की कामना की।
पीलीभीत, बरेली, शाहजहांपुर, बदायूं, अलीगढ़, एटा, लखनऊ, मुरादाबाद, नैनीताल, अल्मोड़ा, देहरादून आदि शहरों से हजारों भक्त रोडवेज बसों, ट्रेनों, निजी वाहनों से देवी मां के दर्शन करने पहुंचे। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस, प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए थे। इसके बावजूद वर्षांत की रात पूर्णागिरि मार्ग पर श्रद्धालुओं के निजी वाहनों से यातायात का खासा दबाव बना रहा।
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एसएसआई बीएस बिष्ट के साथ पहुंची पुलिस टीम ने बूम से भैरव मंदिर के बीच वाहनों को सड़क किनारे खडे़ करवाकर यातायात सुचारु कराया। मंदिर समिति के स्वयंसेवकों ने भी भैरव मंदिर से मुख्य मंदिर तक व्यवस्था बनाने में हाथ बंटाया। मेले के कारण साल के पहले दिन बूम, शारदा, बनबसा स्नानघाट समेत पड़ोसी देश नेपाल के सीमांत बाजारों में चहल-पहल रही। मान्यता के अनुसार देवी के दर्शन के बाद श्रद्धालु पड़ोसी देश नेपाल स्थित बाबा सिद्धनाथ मंदिर के दर्शन कर पूर्णागिरि धाम की यात्रा पूरी करते हैं।
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नया साल मनाने के लिए शनिवार रात से ही दर्शनार्थियों की भीड़ उमड़ने लगी थी। स्थिति यह थी कि भैरव मंदिर से काली मंदिर तक सभी धर्मशालाएं पूरी तरह श्रद्धालुओं से पैक हो चुकी थीं। मंदिर समिति के अध्यक्ष किशन तिवारी का कहना है कि भक्तों ने उत्साह के साथ देवी मां के दरबार में मत्था टेक सुख-समृद्धि की कामना की।
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पीलीभीत, बरेली, शाहजहांपुर, बदायूं, अलीगढ़, एटा, लखनऊ, मुरादाबाद, नैनीताल, अल्मोड़ा, देहरादून आदि शहरों से हजारों भक्त रोडवेज बसों, ट्रेनों, निजी वाहनों से देवी मां के दर्शन करने पहुंचे। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस, प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए थे। इसके बावजूद वर्षांत की रात पूर्णागिरि मार्ग पर श्रद्धालुओं के निजी वाहनों से यातायात का खासा दबाव बना रहा।
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एसएसआई बीएस बिष्ट के साथ पहुंची पुलिस टीम ने बूम से भैरव मंदिर के बीच वाहनों को सड़क किनारे खडे़ करवाकर यातायात सुचारु कराया। मंदिर समिति के स्वयंसेवकों ने भी भैरव मंदिर से मुख्य मंदिर तक व्यवस्था बनाने में हाथ बंटाया। मेले के कारण साल के पहले दिन बूम, शारदा, बनबसा स्नानघाट समेत पड़ोसी देश नेपाल के सीमांत बाजारों में चहल-पहल रही। मान्यता के अनुसार देवी के दर्शन के बाद श्रद्धालु पड़ोसी देश नेपाल स्थित बाबा सिद्धनाथ मंदिर के दर्शन कर पूर्णागिरि धाम की यात्रा पूरी करते हैं।