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मधेसियों की नाकेबंदी का बनबसा बॉर्डर पर भी असर
ब्यूरो/अमर उजाला, महेंद्रनगर (नेपाल)
Updated Thu, 12 Nov 2015 10:08 PM IST
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मधेसी आंदोलन से प्रभावित हुई भारत से नेपाल को सामान की आपूर्ति का असर बनबसा बॉर्डर पर भी पड़ा है। सामान कम आने से जहां भंसार (कस्टम) विभाग का राजस्व घट गया है, वहीं रोजमर्रा के सामान की किल्लत होने लगी है। इधर, भंसार विभाग ने अब नेपाल आने वाले भारतीय टैक्सी वाहनों को महेंद्रनगर तक दी जाने वाली आवाजाही की निशुल्क सुविधा बंद कर दी है।
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मधेसी आंदोलनकारियों की नाकेबंदी से नेपाल में भारत से आने वाले दैनिक जरूरत के सामान की आपूर्ति करीब दो माह से प्रभावित है। पेट्रोलियम पदार्थ नहीं आने से वाहनों को जरूरत भर का ईंधन नहीं मिल पा रहा है। पूर्वी बॉर्डर पर उपजे इस हालात का असर बनबसा बॉर्डर से लगे क्षेत्र में भी पड़ने लगा है। डीजल-पेट्रोल की किल्लत से यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। ईंधन के अभाव में कई गाड़ियां खड़ी हो गई हैं।
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गड्ढाचौकी के भंसार अधिकारी रामबहादुर बिक ने बताया कि भारत से आने वाले सामान से जहां हर दिन करीब 24 लाख रुपये का राजस्व मिल रहा था, वह अब घटकर 11 से 12 लाख रुपये रह गया है। उन्होंने बताया कि नेपाल आने वाले टैक्सी वाहनों को भंसार विभाग द्वारा महेंद्रनगर तक दी जाने वाली निशुल्क सुविधा रोक दी गई है। उन्होंने बताया कि महेंद्रनगर तक जाने वाले भारतीय टैक्सी वाहनों से अब 320 रुपये भंसार शुल्क वसूला जाएगा।
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