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आपराधिक प्रवृत्ति को तो नहीं था मृत युवक
ब्यूरो/अमर उजाला, टनकपुर
Updated Fri, 18 Dec 2015 10:42 PM IST
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शारदा टापू में हुई युवक की हत्या में नया मोड़ आया है। मृतक की जेब से मिले पहचान पत्र के सत्यापन में पहचान पत्र वाला नेपाली व्यक्ति न सिर्फ जीवित है, बल्कि कुछ दिन पूर्व बदमाशों ने उसके साथ लूटपाट कर उसका पर्स लूट लिया था। इस खुलासे के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या मृतक आपराधिक प्रवृत्ति था और उसकी हत्या दो गिरोह के बीच रंजिश के चलते हुई है? उधर, दूसरे हत्याकांड में वृद्ध की हत्या में कोई सुराग पुलिस के हाथ नहीं लग पाया है।
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वीरान शारदा टापू में बृहस्पतिवार को मृत मिले युवक की हत्या का राज उलझता जा रहा है। हत्यारों ने उसकी जूतों के फीतों से गला घोंटकर हत्या की थी। पुलिस को उसकी जेब से नेपाल के सल्यान जिले के घाघरी पितलंगा निवासी चित्र बहादुर पुरी पुत्र मेवालाल पुरी के पहचान पत्र की फोटो स्टेट और रोडवेज बस के टिकट मिले थे। पुलिस ने उसके पर्स में मिले पहचान पत्र की नेपाल पुलिस के माध्यम से सत्यापन किया तो पता चला कि पहचान पत्र वाला व्यक्ति जीवित है। पुलिस के मुताबिक पहचान पत्र जिस व्यक्ति का है, उसके साथ करीब पंद्रह दिन पहले कुछ बदमाशों ने लूटपाट कर पर्स छीन लिया था। उसके पहचान पत्र की फोटो स्टेट उसी पर्स में थी।
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इसके अलावा उसके पर्स में जो रोडवेज बस के टिकट मिले हैं उसके मुताबिक मृत युवक 13 दिसंबर को हल्द्वानी से हरिद्वार और फिर अगले दिन 14 दिसंबर को हरिद्वार से बनबसा आया था। इस खुलासे ने पुलिस की जांच की दिशा को उलझा दिया है। मृतक की पहचान करना और हत्यारों तक पहुंचना पुलिस के लिए नई चुनौती बन गई है। प्रभारी कोतवाल सीएस कन्याल ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही नए एंगल से जांच-पड़ताल शुरू की जाएगी।
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इधर, सैलानीगोठ में रेलवे लाइन किनारे मृत मिले वृद्ध पुष्कर दत्त गहतोड़ी की हत्या में भी पुलिस को कोई अहम सुराग नहीं मिल पाए हैं। वृद्ध के परिजनों ने फिलहाल घटना के दूसरे दिन भी रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई है।
शव को शिनाख्त के लिए मोर्चरी में रखा
शारदा टापू में मृत मिले युवक की जेब से मिली आईडी के सत्यापन से जो बात सामने आई है उससे माना जा रहा है कि मृतक के तार किसी तस्कर या फिर आपराधिक गिरोह से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस भी इस बात से इनकार नहीं कर रही है। वारदात स्थल के हालात से ऐसा प्रतीत होता है कि हत्यारों ने पहले साथ बैठकर शराब पी और फिर वारदात को अंजाम दिया। आईडी वाले नेपाली व्यक्ति के जीवित होने और उसके द्वारा कहीं गई लूटपाट की बात से मृतक के आपराधिक प्रवृत्ति का होने की आशंका बढ़ गई है। पुलिस ने फिलहाल शव को शिनाख्त के लिए 72 घंटे मोर्चरी में सुरक्षित रखा है।