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फरार आरोपियों की गिरफ्तारी को दो दल बनाए
Updated Sun, 03 Sep 2017 11:04 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
लोहाघाट (चंपावत)। चौडला ग्राम पंचायत में आंगनबाड़ी कार्यकर्ती और साक्षरता केंद्र में प्रेरक के पद में एक साथ काम करने की आरोपी जिला पंचायत सदस्य पुष्कर बोहरा की पत्नी प्रीति बोहरा सहित पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के बाद अब आरोपियों की गिरफ्तारी की कवायद तेज हो गई है। इस मामले में बाल विकास और शिक्षा विभाग ने क्रमश:25 अगस्त व 26 अगस्त को मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने फरार आरोपियों को दबोचने के लिए दो अलग-अलग टीमें बनाई हैं।
पंचेश्वर के थानाध्यक्ष डीएल वर्मा का कहना है कि शासन के निर्देश के बाद जिलाधिकारी द्वारा कराई गई जांच में आरोपी प्रीति बोहरा पर 2010 से 2015 के दौरान एक साथ दो पदों में रहकर वेतन आहरित करने के मामले की पुष्टि हुई। इसके बाद बाल विकास व शिक्षा विभाग ने एक साथ दो पदों पर काम करने वाली आरोपी महिला कर्मी प्रीति बोहरा, तत्कालीन ग्राम प्रधान और वर्तमान में जिला पंचायत सदस्य पुष्कर बोहरा, तत्कालीन प्रधानाध्यापक पीतांबर दत्त भट्ट, तत्कालीन बाल विकास परियोजना अधिकारी चंद्रा खड़ायत और तत्कालीन बाल विकास की मुख्य सेविका गीता राजपूत के खिलाफ आईपीसी की धारा 467, 468 व 409 के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। एसओ ने बताया कि पुष्कर बोहरा और प्रीति बोहरा की गिरफ्तारी के लिए दो अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। आरोपियों के गांव चौंडला और लोहाघाट के ठिकानों में कई बार दबिशें दी जा चुकी हैं। लेकिन फिलहाल आरोपी पकड़ से बाहर हैं। दोनों ही आरोपियों के मोबाइल को सर्विलांस में लगाया गया है, लेकिन अभी ये फोन बंद आ रहे हैं।
लोहाघाट (चंपावत)। चौडला ग्राम पंचायत में आंगनबाड़ी कार्यकर्ती और साक्षरता केंद्र में प्रेरक के पद में एक साथ काम करने की आरोपी जिला पंचायत सदस्य पुष्कर बोहरा की पत्नी प्रीति बोहरा सहित पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के बाद अब आरोपियों की गिरफ्तारी की कवायद तेज हो गई है। इस मामले में बाल विकास और शिक्षा विभाग ने क्रमश:25 अगस्त व 26 अगस्त को मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने फरार आरोपियों को दबोचने के लिए दो अलग-अलग टीमें बनाई हैं।
पंचेश्वर के थानाध्यक्ष डीएल वर्मा का कहना है कि शासन के निर्देश के बाद जिलाधिकारी द्वारा कराई गई जांच में आरोपी प्रीति बोहरा पर 2010 से 2015 के दौरान एक साथ दो पदों में रहकर वेतन आहरित करने के मामले की पुष्टि हुई। इसके बाद बाल विकास व शिक्षा विभाग ने एक साथ दो पदों पर काम करने वाली आरोपी महिला कर्मी प्रीति बोहरा, तत्कालीन ग्राम प्रधान और वर्तमान में जिला पंचायत सदस्य पुष्कर बोहरा, तत्कालीन प्रधानाध्यापक पीतांबर दत्त भट्ट, तत्कालीन बाल विकास परियोजना अधिकारी चंद्रा खड़ायत और तत्कालीन बाल विकास की मुख्य सेविका गीता राजपूत के खिलाफ आईपीसी की धारा 467, 468 व 409 के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। एसओ ने बताया कि पुष्कर बोहरा और प्रीति बोहरा की गिरफ्तारी के लिए दो अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। आरोपियों के गांव चौंडला और लोहाघाट के ठिकानों में कई बार दबिशें दी जा चुकी हैं। लेकिन फिलहाल आरोपी पकड़ से बाहर हैं। दोनों ही आरोपियों के मोबाइल को सर्विलांस में लगाया गया है, लेकिन अभी ये फोन बंद आ रहे हैं।
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