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सेनापानी के जंगल में मिले थे छुटपुट हथियार व माओवादी साहित्य
Updated Tue, 05 Jun 2018 12:04 AM IST
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टनकपुर (चंपावत)। नेपाल सीमा से लगा चंपावत जिला माओवादी गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील रहा है। हल्द्वानी वन प्रभाग के जौलासाल रेंज के हसपुर खत्ता के जंगल में माओवादी कैंप संचालन का मामला पकड़ने के बाद सुरक्षा तंत्र खासा अलर्ट रहा।
वर्ष 2005 में लंबे समय तक जंगलों में की गई सघन कांबिंग के दौरान सेनापानी के जंगल में भी छिटपुट हथियार, विस्फोटक जिलेटिन की छड़ें एवं माओवादी साहित्य बरामद हुआ था, लेकिन माओवादी या कोई संदिग्ध पकड़ में नहीं आया था। सेनापानी के जंगल में भी माओवादी गतिविधियों की आशंका के मद्देनजर तब प्रदेश की तत्कालीन पुलिस महानिदेशक कंचन चौधरी भट्टाचार्य ने पुलिस अधिकारियों के साथ सेनापानी के जंगल का दौरा कर किया था। स्थानीय अभिसूचना इकाई के निरीक्षक अमर सिंह गुंज्याल के मुताबिक फिलहाल जिले में माओवादी गतिविधि की सूचना नहीं है।
वर्ष 2005 में लंबे समय तक जंगलों में की गई सघन कांबिंग के दौरान सेनापानी के जंगल में भी छिटपुट हथियार, विस्फोटक जिलेटिन की छड़ें एवं माओवादी साहित्य बरामद हुआ था, लेकिन माओवादी या कोई संदिग्ध पकड़ में नहीं आया था। सेनापानी के जंगल में भी माओवादी गतिविधियों की आशंका के मद्देनजर तब प्रदेश की तत्कालीन पुलिस महानिदेशक कंचन चौधरी भट्टाचार्य ने पुलिस अधिकारियों के साथ सेनापानी के जंगल का दौरा कर किया था। स्थानीय अभिसूचना इकाई के निरीक्षक अमर सिंह गुंज्याल के मुताबिक फिलहाल जिले में माओवादी गतिविधि की सूचना नहीं है।
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