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मजिस्ट्रेटी जांच करेगी मौत के कारणों का खुलासा
Updated Thu, 28 Sep 2017 11:15 PM IST
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चंपावत। टनकपुर संयुक्त अस्पताल में सात माह के बच्चे की मौत के मामले में जांच बिठा दी गई है। आरोप है कि अस्पताल की लापरवाही से बच्चे की मौत हुई। जिला मजिस्ट्रेट डॉ.अहमद इकबाल ने बृहस्पतिवार को मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। जांच को सात दिन के भीतर पूरा करने के आदेश दिए गए हैं।
टनकपुर के लाल इमली पड़ाव निवासी इरशाद अहमद के सात माह के बच्चे को सांस लेने में दिक्कत होने पर 22 सितंबर को संयुक्त अस्पताल में भर्ती किया गया। 24 सितंबर को बच्चे की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इरशाद ने आरोप लगाया कि बिजली गुल होने पर अस्पताल ने जनरेटर नहीं चलाया। जनरेटर चलाने के लिए डीजल के लिए रकम की मांग की। जनरेटर नहीं चलने से बच्चे को ऑक्सीजन नहीं मिल सकी और उसकी मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन ने आरोपों को खारिज करते हुए मौत की वजह बच्चे का फेफड़ा विकसित नहीं होना बताया।
संदिग्ध परिस्थितियों के मद्देनजर जिला मजिस्ट्रेट ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश देते हुए तीन सदस्यीय जांच दल गठित किया है। जांच दल में अपर जिला मजिस्ट्रेट हेमंत कुमार वर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.एमएस बोहरा और अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.रश्मि पंत शामिल हैं।
टनकपुर के लाल इमली पड़ाव निवासी इरशाद अहमद के सात माह के बच्चे को सांस लेने में दिक्कत होने पर 22 सितंबर को संयुक्त अस्पताल में भर्ती किया गया। 24 सितंबर को बच्चे की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इरशाद ने आरोप लगाया कि बिजली गुल होने पर अस्पताल ने जनरेटर नहीं चलाया। जनरेटर चलाने के लिए डीजल के लिए रकम की मांग की। जनरेटर नहीं चलने से बच्चे को ऑक्सीजन नहीं मिल सकी और उसकी मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन ने आरोपों को खारिज करते हुए मौत की वजह बच्चे का फेफड़ा विकसित नहीं होना बताया।
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संदिग्ध परिस्थितियों के मद्देनजर जिला मजिस्ट्रेट ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश देते हुए तीन सदस्यीय जांच दल गठित किया है। जांच दल में अपर जिला मजिस्ट्रेट हेमंत कुमार वर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.एमएस बोहरा और अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.रश्मि पंत शामिल हैं।
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