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नहीं हो सके अल्ट्रासाउंड परीक्षण
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लोहाघाट उप जिला अस्पताल में भर्ती मरीज।
- फोटो : LOHAGHAT
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नहीं हो सके अल्ट्रासाउंड परीक्षण
लोहाघाट अस्पताल में पिछले साल से नहीं आ रहे टिटनेस के इंजेक्शन
नवल जोशी
लोहाघाट (चंपावत)। उप जिला अस्पताल (एसडीएच) लोहाघाट, पाटी और बाराकोट के तीन ब्लॉकों का सबसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र है लेकिन यह मरीजों को दवा कम, दर्द अधिक दे रहा है। इस अस्पताल में सालभर से टिटनेस जैसा मामूली इंजेक्शन तक नहीं है।
चोट लगने पर अस्पताल लाई गई बाराकोट की खीमा देवी को टिटनेस के इंजेक्शन के लिए मेडिकल स्टोर की दौड़ लगानी पड़ी। अस्पताल में शुक्रवार को अल्ट्रासाउंड परीक्षण भी नहीं हो सका। रेडियोलॉजिस्ट डॉ. एलएम रखोलिया हर सप्ताह शुक्रवार और शनिवार को टनकपुर अस्पताल से संबद्ध हैं। इन दो दिनों में यहां अल्ट्रासाउंड तक नहीं हो पा रहे हैं। हालांकि इसकी जानकारी कई लोगों को है, लेकिन आपात सेवा में आने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। एक्सरे तकनीशियन शैलेश पांडेय ने आठ लोगों के डिजिटल एक्सरे किए। ओपीडी में आठ डॉक्टरों ने 101 रोगियों का इलाज किया। रोस्टर के आधार पर एमएस डॉ. जुनैद कमर, डॉ. रविंद्र बोहरा, डॉ. सोनाली मंडल, डॉ. अंकुश बाटला, डॉ. प्रिया नगरकोटी, डॉ. दीप्ति जोशी, डॉ. अरुण मिश्रा, डॉ. मुकेश तड़ागी ने परामर्श दिया। जन औषधि केंद्र में दवाएं कम मिलीं। आईपीडी में पांच मरीज भर्ती थे। अस्पताल में कई जगह गंदगी थी। अस्पताल परिसर का फर्श भी जर्जर है। एमएस डॉ. कमर जुनैद ने बताया कि मांग के बावजूद पिछले साल से अस्पताल को टिटनेस के टीके नहीं मिल रहे हैं। इस वजह से जरूरतमंदों को बाहर से खरीदना पड़ रहा है।
(संवाद)
फोटो 06 एलएचजी 02पी से 05पी तक
छह विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद खाली
लोहाघाट। अस्पताल में फिजिशियन, सर्जन, स्त्री रोग विशेषज्ञ, पैथोलॉजिस्ट, ईएनटी, अस्थिरोग विशेषज्ञ के पद लंबे समय से खाली हैं। लोगों को इलाज के लिए 13 किमी दूर जिला अस्पताल चंपावत या खटीमा, हल्द्वानी, बरेली जाना पड़ता है। (संवाद)
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जनवरी में खुले आईसीयू में लटका ताला
लोहाघाट (चंपावत)। अस्पताल में इस साल 19 जनवरी को आईसीयू का शुभारंभ हुआ, लेकिन साढ़े छह माह बाद भी यह बंद है। इसके लिए विशेषज्ञ स्टाफ की तैनाती न होने से संचालन नहीं हो पा रहा है। इस कारण जरूरतमंद रोगियों को आईसीयू का लाभ नहीं मिल पा रहा है। (संवाद)
फोटो 06 सीपीटी 05पी
लोहाघाट अस्पताल के संबद्ध डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ
निश्चेतक - अभिलाषा कोहल - देहरादून।
माइक्रोबायोलॉजिस्ट - हर्षा शर्मा - ऊधमसिंह नगर।
चिकित्साधिकारी - कीर्ति मेहता - खेतीखान।
चीफ फार्मेसिस्ट - एमके घिड़ियाल - कोटद्वार।
डबल कोट
अस्पताल की व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है। इसे और बेहतर बनाने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। संबद्धीकरण को निरस्त करने के लिए कार्रवाई के निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिए जाएंगे।
- पूरन सिंह फर्त्याल, विधायक, लोहाघाट।
लोहाघाट एसडीएच के सभी संबद्धीकरण मेरे स्तर से नहीं किए गए हैं बल्कि ये सभी संबद्धीकरण महानिदेशालय स्तर से हुए हैं। डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए उच्च स्तर पर पत्राचार किया गया है।
- डॉ. आरपी खंडूरी, सीएमओ, चंपावत।
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नहीं हो सके अल्ट्रासाउंड परीक्षण
लोहाघाट अस्पताल में पिछले साल से नहीं आ रहे टिटनेस के इंजेक्शन
नवल जोशी
लोहाघाट (चंपावत)। उप जिला अस्पताल (एसडीएच) लोहाघाट, पाटी और बाराकोट के तीन ब्लॉकों का सबसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र है लेकिन यह मरीजों को दवा कम, दर्द अधिक दे रहा है। इस अस्पताल में सालभर से टिटनेस जैसा मामूली इंजेक्शन तक नहीं है।
चोट लगने पर अस्पताल लाई गई बाराकोट की खीमा देवी को टिटनेस के इंजेक्शन के लिए मेडिकल स्टोर की दौड़ लगानी पड़ी। अस्पताल में शुक्रवार को अल्ट्रासाउंड परीक्षण भी नहीं हो सका। रेडियोलॉजिस्ट डॉ. एलएम रखोलिया हर सप्ताह शुक्रवार और शनिवार को टनकपुर अस्पताल से संबद्ध हैं। इन दो दिनों में यहां अल्ट्रासाउंड तक नहीं हो पा रहे हैं। हालांकि इसकी जानकारी कई लोगों को है, लेकिन आपात सेवा में आने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। एक्सरे तकनीशियन शैलेश पांडेय ने आठ लोगों के डिजिटल एक्सरे किए। ओपीडी में आठ डॉक्टरों ने 101 रोगियों का इलाज किया। रोस्टर के आधार पर एमएस डॉ. जुनैद कमर, डॉ. रविंद्र बोहरा, डॉ. सोनाली मंडल, डॉ. अंकुश बाटला, डॉ. प्रिया नगरकोटी, डॉ. दीप्ति जोशी, डॉ. अरुण मिश्रा, डॉ. मुकेश तड़ागी ने परामर्श दिया। जन औषधि केंद्र में दवाएं कम मिलीं। आईपीडी में पांच मरीज भर्ती थे। अस्पताल में कई जगह गंदगी थी। अस्पताल परिसर का फर्श भी जर्जर है। एमएस डॉ. कमर जुनैद ने बताया कि मांग के बावजूद पिछले साल से अस्पताल को टिटनेस के टीके नहीं मिल रहे हैं। इस वजह से जरूरतमंदों को बाहर से खरीदना पड़ रहा है।
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फोटो 06 एलएचजी 02पी से 05पी तक
छह विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद खाली
लोहाघाट। अस्पताल में फिजिशियन, सर्जन, स्त्री रोग विशेषज्ञ, पैथोलॉजिस्ट, ईएनटी, अस्थिरोग विशेषज्ञ के पद लंबे समय से खाली हैं। लोगों को इलाज के लिए 13 किमी दूर जिला अस्पताल चंपावत या खटीमा, हल्द्वानी, बरेली जाना पड़ता है। (संवाद)
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जनवरी में खुले आईसीयू में लटका ताला
लोहाघाट (चंपावत)। अस्पताल में इस साल 19 जनवरी को आईसीयू का शुभारंभ हुआ, लेकिन साढ़े छह माह बाद भी यह बंद है। इसके लिए विशेषज्ञ स्टाफ की तैनाती न होने से संचालन नहीं हो पा रहा है। इस कारण जरूरतमंद रोगियों को आईसीयू का लाभ नहीं मिल पा रहा है। (संवाद)
फोटो 06 सीपीटी 05पी
लोहाघाट अस्पताल के संबद्ध डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ
निश्चेतक - अभिलाषा कोहल - देहरादून।
माइक्रोबायोलॉजिस्ट - हर्षा शर्मा - ऊधमसिंह नगर।
चिकित्साधिकारी - कीर्ति मेहता - खेतीखान।
चीफ फार्मेसिस्ट - एमके घिड़ियाल - कोटद्वार।
डबल कोट
अस्पताल की व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है। इसे और बेहतर बनाने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। संबद्धीकरण को निरस्त करने के लिए कार्रवाई के निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिए जाएंगे।
- पूरन सिंह फर्त्याल, विधायक, लोहाघाट।
लोहाघाट एसडीएच के सभी संबद्धीकरण मेरे स्तर से नहीं किए गए हैं बल्कि ये सभी संबद्धीकरण महानिदेशालय स्तर से हुए हैं। डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए उच्च स्तर पर पत्राचार किया गया है।
- डॉ. आरपी खंडूरी, सीएमओ, चंपावत।

लोहाघाट उप जिला अस्पताल में उपचार के लिए बारी का इंतजार करते मरीज।- फोटो : LOHAGHAT