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स्वास्थ्य कर्मचारियों ने उत्साह के साथ लगाया कोरोना का टीका
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टनकपुर में कोरोना टीकाकरण केंद्र के प्रतिक्षा स्थल पर पीएम मोदी का संबोधन सुनते नगर पालिका अध्य?
- फोटो : TANAKPUR
टनकपुर (चंपावत)। कोरोना टीकाकरण अभियान की शुरुआत पर पहले टीका लगाने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों ने न सिर्फ निडरता और उत्साह के साथ टीका लगवाया, बल्कि टीका लगाने के बाद निगरानी कक्ष से बाहर निकलकर लोगों से भी निडरता के साथ टीका लगाने की अपील। उन्होंने कहा कि कोरोना टीका को लेकर फैलाया जा रहा भ्रम गलत है, सभी को टीका लगवाकर देश से कोरोना के खतरे से बचाने की इस मुहिम का हिस्सा बनना चाहिए।
पहले दिन शनिवार को कोरोना का टीका लगवाया। टीका लगाने के आधे घंटे तक निगरानी में रहकर बाहर आया। टीके की गुणवत्ता को लेकर फैलाया जा रहा भ्रम गलत है। 80 प्रतिशत टीके भारत में बनते हैं और कोरोना के टीके को लेकर किसी तरह का भ्रम नहीं होना चाहिए।
- डॉ. वीके जोशी, हड्डी रोग विशेषज्ञ, संयुक्त चिकित्सालय, टनकपुर।
टीका लगाने के बाद कोई परेशानी नहीं है। कुछ लोग टीके को लेकर भ्रम फैलाकर लोगों में डर पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, जो गलत है। सभी लोगों से अपील है कि हमारी तरह वे भी निडरता के साथ टीका लगवाकर देश को कोरोना से बचाने की इस मुहिम का हिस्सा बनें।
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- डॉ. प्रभा जोशी, सर्जन, संयुक्त चिकित्सालय, टनकपुर।
सबसे पहले कोरोना का टीका लगाया। न तो टीका लगाने से पहले किसी तरह का डर था और न ही टीका लगवाने के बाद कोई परेशानी हुई। आसानी से टीका लगा और आधे घंटे निगरानी में रहने के बाद अब वह ड्यूटी करने चले गए।
- दीपक कुमार, पर्यावरण मित्र।
टीका लगाने से कोई परेशानी नहीं हुई। टीका लगवाने को लेकर किसी तरह का भ्रम नहीं होना चाहिए। यह एक बड़ी उपलब्धि है कि भारत सरकार ने कोरोना से बचाव के लिए कम समय में टीका निर्मित किया है। हर व्यक्ति को बगैर किसी भ्रम के टीका लगवाना चाहिए।
- महेश चंद्र भट्ट, फार्मासिस्ट, संयुक्त चिकित्सालय टनकपुर।
टीका लगने के बाद किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं हुई। टीके को लेकर उत्साह था। आखिर लंबे शोध और खोज के बाद वैश्विक महामारी को समाप्त करने के लिए देश में निर्मित टीके को लगाने के बाद एक सुखद अनुभव महसूस कर रहा हूं। टीका लगाने के बाद टीका केंद्र में दिनभर तैनात रहा।
-डॉ. कुंदन कुमार, जिला क्षय रोग अधिकारी, सुपरवाइजर
मार्च से लगातार कोरोना संक्रमण के बीच लोगों का उपचार कर रहे थे। टीका कब आएगा इसे लेकर कोई जानकारी नहीं थी। सेवा भाव और पूरी कर्तव्यनिष्ठा से लोगों का उपचार किया। टीका लगने के बाद एक सुखद एहसास हो रहा है।
- डॉ. रैनी पांगती
टीका लगने के बाद 30 मिनट तक निगरानी कक्ष में रहा। इस दौरान किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं आई। अस्पताल में सेवा करते हुए कई साथी और खुद भी कोरोना पॉजिटिव आया। टीका लगने के बाद राहत महसूस हो रही है।
-ललित साह, फार्मासिस्ट
टीका लगने से पहले काफी घबराहट थी। साथी कर्मियों ने टीके को लेकर मन में चल रहे उठापटक को कम करने के लिए प्रार्थना की। मेरा हौसला बढ़ाया। अब किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है। अच्छा महसूस कर रही हूं। -अंजलि सिंह, स्वास्थ्य कर्मी।
टीका लगाने को लेकर काफी उत्साह रहा। समय से पहले टीकाकरण केंद्र में पहुंच गया था। टीका लगाने के बाद किसी तरह की दिक्कत नहीं हुई। टीका लगाते समय लगा किसी आम बीमारी को लेकर टीका लगा रहा हूं। - महेश चंद्र पंत, स्वास्थ्य कर्मी
हल्का बुखार होने के बाद हिम्मत कर कोरोना का टीका लगावाया। टीका लगाने का मन नहीं था। बार-बार साथियों से पूछा बुखार है टीका लगवाऊं या नहीं, फिर किसी तरह हिम्मत जुटाकर टीका लगवा लिया, कोई भी परेशानी नहीं हुई। - गीता वर्मा, स्वास्थ्य कर्मी
टीका सबसे पहले खुद को लगवाने का मुख्य उद्देश्य अन्य स्वास्थ्य कर्मियों और लोगों को बने संशय को दूर करना था। टीका लगने के बाद अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के अंदर का डर भी दूर होगा। जिले में कोरोना का पहला टीका लगना एक सुखद एहसास रहा।
- गोदावरी नगरकोटी, स्वास्थ्य कर्मी।
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पहले दिन शनिवार को कोरोना का टीका लगवाया। टीका लगाने के आधे घंटे तक निगरानी में रहकर बाहर आया। टीके की गुणवत्ता को लेकर फैलाया जा रहा भ्रम गलत है। 80 प्रतिशत टीके भारत में बनते हैं और कोरोना के टीके को लेकर किसी तरह का भ्रम नहीं होना चाहिए।
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- डॉ. वीके जोशी, हड्डी रोग विशेषज्ञ, संयुक्त चिकित्सालय, टनकपुर।
टीका लगाने के बाद कोई परेशानी नहीं है। कुछ लोग टीके को लेकर भ्रम फैलाकर लोगों में डर पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, जो गलत है। सभी लोगों से अपील है कि हमारी तरह वे भी निडरता के साथ टीका लगवाकर देश को कोरोना से बचाने की इस मुहिम का हिस्सा बनें।
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- डॉ. प्रभा जोशी, सर्जन, संयुक्त चिकित्सालय, टनकपुर।
सबसे पहले कोरोना का टीका लगाया। न तो टीका लगाने से पहले किसी तरह का डर था और न ही टीका लगवाने के बाद कोई परेशानी हुई। आसानी से टीका लगा और आधे घंटे निगरानी में रहने के बाद अब वह ड्यूटी करने चले गए।
- दीपक कुमार, पर्यावरण मित्र।
टीका लगाने से कोई परेशानी नहीं हुई। टीका लगवाने को लेकर किसी तरह का भ्रम नहीं होना चाहिए। यह एक बड़ी उपलब्धि है कि भारत सरकार ने कोरोना से बचाव के लिए कम समय में टीका निर्मित किया है। हर व्यक्ति को बगैर किसी भ्रम के टीका लगवाना चाहिए।
- महेश चंद्र भट्ट, फार्मासिस्ट, संयुक्त चिकित्सालय टनकपुर।
टीका लगने के बाद किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं हुई। टीके को लेकर उत्साह था। आखिर लंबे शोध और खोज के बाद वैश्विक महामारी को समाप्त करने के लिए देश में निर्मित टीके को लगाने के बाद एक सुखद अनुभव महसूस कर रहा हूं। टीका लगाने के बाद टीका केंद्र में दिनभर तैनात रहा।
-डॉ. कुंदन कुमार, जिला क्षय रोग अधिकारी, सुपरवाइजर
मार्च से लगातार कोरोना संक्रमण के बीच लोगों का उपचार कर रहे थे। टीका कब आएगा इसे लेकर कोई जानकारी नहीं थी। सेवा भाव और पूरी कर्तव्यनिष्ठा से लोगों का उपचार किया। टीका लगने के बाद एक सुखद एहसास हो रहा है।
- डॉ. रैनी पांगती
टीका लगने के बाद 30 मिनट तक निगरानी कक्ष में रहा। इस दौरान किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं आई। अस्पताल में सेवा करते हुए कई साथी और खुद भी कोरोना पॉजिटिव आया। टीका लगने के बाद राहत महसूस हो रही है।
-ललित साह, फार्मासिस्ट
टीका लगने से पहले काफी घबराहट थी। साथी कर्मियों ने टीके को लेकर मन में चल रहे उठापटक को कम करने के लिए प्रार्थना की। मेरा हौसला बढ़ाया। अब किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है। अच्छा महसूस कर रही हूं। -अंजलि सिंह, स्वास्थ्य कर्मी।
टीका लगाने को लेकर काफी उत्साह रहा। समय से पहले टीकाकरण केंद्र में पहुंच गया था। टीका लगाने के बाद किसी तरह की दिक्कत नहीं हुई। टीका लगाते समय लगा किसी आम बीमारी को लेकर टीका लगा रहा हूं। - महेश चंद्र पंत, स्वास्थ्य कर्मी
हल्का बुखार होने के बाद हिम्मत कर कोरोना का टीका लगावाया। टीका लगाने का मन नहीं था। बार-बार साथियों से पूछा बुखार है टीका लगवाऊं या नहीं, फिर किसी तरह हिम्मत जुटाकर टीका लगवा लिया, कोई भी परेशानी नहीं हुई। - गीता वर्मा, स्वास्थ्य कर्मी
टीका सबसे पहले खुद को लगवाने का मुख्य उद्देश्य अन्य स्वास्थ्य कर्मियों और लोगों को बने संशय को दूर करना था। टीका लगने के बाद अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के अंदर का डर भी दूर होगा। जिले में कोरोना का पहला टीका लगना एक सुखद एहसास रहा।
- गोदावरी नगरकोटी, स्वास्थ्य कर्मी।