{"_id":"5a8079114f1c1b2d068b60fa","slug":"control-lento-luego-sobrecarga","type":"story","status":"publish","title_hn":"चेकिंग धीमी, फिर होने लगी ओवर लोडिंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चेकिंग धीमी, फिर होने लगी ओवर लोडिंग
अमर उजाला ब्यूूूूराे टनकपुर (चंपावत)।
Updated Sun, 11 Feb 2018 10:40 PM IST
विज्ञापन
ओवरलोड खनिज सामग्री से लदा ट्रक।
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
स्वांला हादसे के बाद बेशक पुलिस और परिवहन विभाग यातायात व्यवस्था को लेकर कुछ दिन खासा सक्रिय रहा, इसका असर टैक्सी वाहनों पर नजर आया, लेकिन मालवाहक वाहनों में ओवरलोडिंग अब भी थम नहीं रही है। ट्रक, कैंटर और दस टायरों वाहनों में क्षमता से अधिक माल ढोया जा रहा है। ओवरलोडिंग का यह आलम है यह कभी भी स्वांला जैसे हादसे का कारण बन सकता है।
सात फरवरी को टनकपुर-चंपावत राजमार्ग पर स्वांला के पास हुए टैक्सी जीप हादसे में दस लोगों की मौत से खासा हड़कंप मचने के बाद बेपटरी यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए परिवहन विभाग और पुलिस ने खासी सक्रियता दिखाई। जिले के मैदानी क्षेत्र बनबसा से लेकर पिथौरागढ़ तक चप्पे-चप्पे पर वाहनों की चेकिंग कर यातायात नियमों का उल्लंघन करते मिले चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई। कुछ वाहनों को सीज किया गया तो, कई चालकों से जुर्माना वसूलने के साथ ही उनके लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई भी की गई। बावजूद इसके हादसे के बाद भी शनिवार को एआरटीओ ने क्षमता से अधिक यात्री बैठाने पर पिथौरागढ़ जिले के नंबर वाले एक मैजिक वाहन (यूके 05 टीए/1007) का पंजीकरण ही निरस्त कर दिया है।
इधर, स्वांला हादसे के बाद दिखाई दी पुलिस एवं परिवहन विभाग की सक्रियता धीमी पड़ने पर फिर ओवरलोडिंग होने लगी है। रविवार को टनकपुर में दौड़ते वाहनों में ओवर लोडिंग की पड़ताल की गई तो टैक्सी वाहनों में तो ओवर लोडिंग नहीं मिली, मगर मालवाहक वाहनों में ओवर लोडिंग जरूर दिखी। सीमेंट एवं खनिज खनिज सामग्री लेकर कई ट्रक, डंपर और कैंटर टनकपुर से मैदानी मार्ग पर बेधड़क दौड़ते दिखाई पड़े। हो सकता है इसकी एक वजह रविवार का अवकाश होने से ट्रक एवं डंपर चालकों में एआरटीओ चेकिंग का भय न रहा हो। वहीं पुलिस का भी वाहन चेकिंग अभियान सुस्त रहा।
विज्ञापन
यातायात प्रतिबंधित का बोर्ड किसने लगाया पता नहीं
टनकपुर। टनकपुर-चंपावत राजमार्ग में रात आठ बजे से सुबह साढ़े पांच बजे तक यातायात में प्रतिबंध है, लेकिन यहां ककरालीगेट बैरियर के पास लगे सूचना बोर्ड में सुबह साढ़े पांच बजे लिखा गया है, इससे पुलिस और यात्रियों में विवाद पैदा हो रहा है। बैरियर के पास बोर्ड किसने लगाया यह किसी भी प्रशासनिक इकाई को पता नहीं है। कोतवाल अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि डीएम और एसपी के आदेशानुसार सुबह साढ़े पांच बजे बाद वाहनों को ककरालीगेट से पर्वतीय मार्ग के लिए छोड़ा जा रहा है। इस व्यवस्था को कायम रखने के लिए वहां रात आठ बजे से सुबह साढ़े पांच बजे तक एक उप निरीक्षक और दो कांस्टेबलों की तैनाती की गई है। कोतवाल ने बताया कि ककरालीगेट बैरियर पर सुबह पांच बजे का बोर्ड किसने लगाया यह पता नहीं चल पा रहा है। पता करने पर ज्ञात हुआ है कि स्थानीय प्रशासन, पुलिस एवं लोनिवि इन तीनों प्रशासनिक इकाईयों द्वारा बोर्ड नहीं लगाया गया है।
सात फरवरी को टनकपुर-चंपावत राजमार्ग पर स्वांला के पास हुए टैक्सी जीप हादसे में दस लोगों की मौत से खासा हड़कंप मचने के बाद बेपटरी यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए परिवहन विभाग और पुलिस ने खासी सक्रियता दिखाई। जिले के मैदानी क्षेत्र बनबसा से लेकर पिथौरागढ़ तक चप्पे-चप्पे पर वाहनों की चेकिंग कर यातायात नियमों का उल्लंघन करते मिले चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई। कुछ वाहनों को सीज किया गया तो, कई चालकों से जुर्माना वसूलने के साथ ही उनके लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई भी की गई। बावजूद इसके हादसे के बाद भी शनिवार को एआरटीओ ने क्षमता से अधिक यात्री बैठाने पर पिथौरागढ़ जिले के नंबर वाले एक मैजिक वाहन (यूके 05 टीए/1007) का पंजीकरण ही निरस्त कर दिया है।
विज्ञापन
इधर, स्वांला हादसे के बाद दिखाई दी पुलिस एवं परिवहन विभाग की सक्रियता धीमी पड़ने पर फिर ओवरलोडिंग होने लगी है। रविवार को टनकपुर में दौड़ते वाहनों में ओवर लोडिंग की पड़ताल की गई तो टैक्सी वाहनों में तो ओवर लोडिंग नहीं मिली, मगर मालवाहक वाहनों में ओवर लोडिंग जरूर दिखी। सीमेंट एवं खनिज खनिज सामग्री लेकर कई ट्रक, डंपर और कैंटर टनकपुर से मैदानी मार्ग पर बेधड़क दौड़ते दिखाई पड़े। हो सकता है इसकी एक वजह रविवार का अवकाश होने से ट्रक एवं डंपर चालकों में एआरटीओ चेकिंग का भय न रहा हो। वहीं पुलिस का भी वाहन चेकिंग अभियान सुस्त रहा।
विज्ञापन
यातायात प्रतिबंधित का बोर्ड किसने लगाया पता नहीं
टनकपुर। टनकपुर-चंपावत राजमार्ग में रात आठ बजे से सुबह साढ़े पांच बजे तक यातायात में प्रतिबंध है, लेकिन यहां ककरालीगेट बैरियर के पास लगे सूचना बोर्ड में सुबह साढ़े पांच बजे लिखा गया है, इससे पुलिस और यात्रियों में विवाद पैदा हो रहा है। बैरियर के पास बोर्ड किसने लगाया यह किसी भी प्रशासनिक इकाई को पता नहीं है। कोतवाल अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि डीएम और एसपी के आदेशानुसार सुबह साढ़े पांच बजे बाद वाहनों को ककरालीगेट से पर्वतीय मार्ग के लिए छोड़ा जा रहा है। इस व्यवस्था को कायम रखने के लिए वहां रात आठ बजे से सुबह साढ़े पांच बजे तक एक उप निरीक्षक और दो कांस्टेबलों की तैनाती की गई है। कोतवाल ने बताया कि ककरालीगेट बैरियर पर सुबह पांच बजे का बोर्ड किसने लगाया यह पता नहीं चल पा रहा है। पता करने पर ज्ञात हुआ है कि स्थानीय प्रशासन, पुलिस एवं लोनिवि इन तीनों प्रशासनिक इकाईयों द्वारा बोर्ड नहीं लगाया गया है।